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oi-Sumit Jha
Trump Warning Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने आक्रामक तेवरों से पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ईरान के साथ चल रहे लंबे गतिरोध के बीच ट्रंप ने अब आर-पार की लड़ाई का संकेत देते हुए 48 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम जारी किया है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि यदि ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं होता या होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता नहीं खोलता, तो उस पर “कहर बरपेगा”। ट्रंप की यह चेतावनी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध की आहट के रूप में देखी जा रही है, जिससे मध्य-पूर्व सहित वैश्विक राजनीति में भारी हलचल मच गई है।

ट्रंप का अल्टीमेटम और खत्म होता समय
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि ईरान को दी गई 10 दिनों की मोहलत अब खत्म होने वाली है। उन्होंने याद दिलाया कि 27 मार्च को उन्होंने ईरानी ऊर्जा संयंत्रों पर हमला रोकने का फैसला लिया था, ताकि कूटनीति को मौका मिल सके। अब मात्र 48 घंटे शेष हैं, जिसके बाद अमेरिका कड़े सैन्य कदम उठा सकता है। यह समय सीमा बीतने के बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है, जिससे दोनों देशों के बीच सीधा संघर्ष शुरू होने का खतरा बढ़ गया है।
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होर्मुज स्ट्रेट का विवाद और वैश्विक तेल संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ट्रंप की मुख्य मांग इस रास्ते को पूरी तरह खुला रखने और ईरान के प्रभाव को कम करने की है। अगर ईरान इस रणनीतिक रास्ते पर अपना अड़ियल रुख बरकरार रखता है, तो अमेरिका इसे बलपूर्वक खोलने की कोशिश कर सकता है। इस विवाद के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने और वैश्विक अर्थव्यवस्था के चरमराने की पूरी आशंका बनी हुई है।
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ईरानी ऊर्जा संयंत्रों पर हमले का खतरा
ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि ईरान उनकी शर्तें नहीं मानता, तो उसके ऊर्जा और तेल संयंत्र अमेरिका के सीधे निशाने पर होंगे। “कहर बरपेगा” जैसे शब्दों का प्रयोग यह दर्शाता है कि अमेरिकी सेना बड़े पैमाने पर हवाई या मिसाइल हमले कर सकती है। ईरान की अर्थव्यवस्था काफी हद तक इन तेल संयंत्रों पर टिकी है, और उन पर हमला होने का मतलब होगा ईरान की रीढ़ की हड्डी तोड़ना। इस धमकी ने क्षेत्र में तैनात अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।
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टैरिफ और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर ट्रंप का रुख
अपनी इस सैन्य धमकी के साथ-साथ ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती का भी जिक्र किया है। उन्होंने अन्य पोस्ट के जरिए बताया कि कैसे उनके द्वारा लगाए गए ‘टैरिफ’ (आयात शुल्क) अमेरिका को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और ताकतवर बना रहे हैं। ट्रंप का मानना है कि एक मजबूत अर्थव्यवस्था और सख्त विदेश नीति के मेल से ही अमेरिका अपनी शर्तों पर दुनिया को चला सकता है। वह ईरान पर दबाव बनाकर न केवल सुरक्षा बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहते हैं।

