India
oi-Sumit Jha
Toll
Plaza
Rule
For
Local
Resident:
भारत
में
स्टेट
और
नेशनल
हाईवे
पर
चलने
वाले
वाहनों
से
टोल
लेना
अनिवार्य
है,
लेकिन
कुछ
नियम
ऐसे
हैं
जिनके
तहत
विशेष
श्रेणियों
को
टोल
से
छूट
मिलती
है।
देश
भर
में
लगभग
1065
टोल
प्लाजा
सालाना
हजारों
करोड़
का
राजस्व
जुटाते
हैं।
इन
नियमों
के
अनुसार,
नेशनल
हाईवे
अथॉरिटी
ऑफ
इंडिया
(NHAI)
उन
लोगों
को
टोल
से
मुक्ति
की
सुविधा
देती
है
जिनका
घर
टोल
प्लाजा
के
20
किलोमीटर
के
दायरे
में
स्थित
हो।
इसके
अलावा,
सरकारी
वाहनों,
सेना
के
वाहनों
और
दो
पहिया
वाहनों
को
भी
टोल
टैक्स
से
छूट
दी
गई
है।
यह
व्यवस्था
सुनिश्चित
करती
है
कि
स्थानीय
निवासियों
और
आवश्यक
सेवाओं
को
अनावश्यक
शुल्क
से
बचाया
जा
सके।

Toll
Exemption:
स्थानीय
निवासियों
के
लिए
20
किलोमीटर
का
नियम
नेशनल
हाईवे
अथॉरिटी
ऑफ
इंडिया
(NHAI)
का
नियम
है
कि
यदि
आपका
निवास
स्थान
किसी
टोल
प्लाजा
से
20
किलोमीटर
के
अंदर
है,
तो
आपको
टोल
टैक्स
से
छूट
मिलेगी।
यह
सुविधा
लेने
के
लिए,
नागरिक
को
अपने
निवास
का
आधिकारिक
प्रमाण
पत्र
(रेजिडेंशियल
प्रूफ)
दिखाना
अनिवार्य
होता
है।
इसके
अतिरिक्त,
24
सितंबर
2024
से
लागू
‘जितनी
दूरी
उतना
टोल’
पॉलिसी
के
तहत,
जीएनएसएस
सिस्टम
से
ट्रैक
होने
वाले
वाहनों
को
भी
20
किलोमीटर
तक
की
यात्रा
के
लिए
टोल
नहीं
देना
होता।
यह
छूट
मुख्य
रूप
से
टोल
प्लाजा
के
आस-पास
रहने
वाले
लोगों
के
लिए
है।
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Toll
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दोपहिया
वाहनों
पर
टोल
टैक्स
लगाने
की
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भ्रामक,
सरकार
ने
किया
खंडन
आवश्यक
सेवाओं
और
सेना
के
वाहनों
को
छूट
स्थानीय
निवासियों
के
अलावा,
केंद्र
और
राज्य
सरकारों
के
आधिकारिक
वाहनों
को
भी
टोल
टैक्स
से
पूरी
तरह
छूट
मिलती
है।
इसमें
पुलिस
की
गाड़ी,
एम्बुलेंस,
और
फायर
ब्रिगेड
जैसे
आवश्यक
सेवा
वाहन
शामिल
हैं।
इसके
साथ
ही,
देश
की
सुरक्षा
में
तैनात
भारतीय
सेना,
नौसेना
और
वायु
सेना
के
वाहनों
को
भी
टोल
नहीं
देना
होता
है।
प्राकृतिक
या
मानव
निर्मित
आपदाओं
के
दौरान
राहत
और
बचाव
कार्य
में
जुटी
एनडीआरएफ
(NDRF)
की
गाड़ियों
को
भी
टोल
टैक्स
से
मुक्त
रखा
गया
है।
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पर
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में
4-5%
की
बढ़ोतरी,
किस
NH
पर
कितना
लगेगा
Toll?
Two
Wheeler
Toll
Free:
बाइक
और
पैदल
चलने
वालों
के
लिए
क्या
है
नियम
टोल
टैक्स
के
नियमों
के
तहत,
दो
पहिया
वाहन
(बाइक
चलाने
वालों)
से
टोल
टैक्स
नहीं
लिया
जाता
है।
यह
नियम
इसलिए
बनाया
गया
है
क्योंकि
मोटरसाइकिल
जैसे
दो
पहिया
वाहन
हल्के
होते
हैं
और
सड़कों
पर
उनका
प्रभाव
(Wear
and
Tear)
कम
पड़ता
है।
इसलिए
दो
पहिया
वाहनों
को
फास्टैग
की
आवश्यकता
भी
नहीं
होती
है।
इसी
प्रकार,
पैदल
चलने
वाले
लोगों
को
भी
टोल
टैक्स
नहीं
देना
पड़ता
है।
यह
प्रावधान
सुनिश्चित
करता
है
कि
हल्के
वाहनों
और
पैदल
यात्रियों
पर
कोई
अनावश्यक
वित्तीय
बोझ
न
पड़े।
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Toll
System:
FASTag
की
जगह
1
मई
से
GNSS
से
कटेगा
टोल,
जानें
कैसे
बदलेगा
आपका
हाईवे
सफर?
‘जितनी
दूरी
उतना
टोल’
और
जीएनएसएस
ट्रैकिंग
टोल
संग्रह
को
और
अधिक
न्यायसंगत
बनाने
के
लिए,
भारत
सरकार
ने
‘जितनी
दूरी
उतना
टोल’
की
नीति
शुरू
की
है।
24
सितंबर
2024
को
लागू
हुए
नेशनल
हाईवे
फीस
नियम
2008
में
इस
बदलाव
के
तहत,
जिन
वाहनों
को
जीएनएसएस
(GNSS)
सिस्टम
से
ट्रैक
किया
जा
सकता
है,
उन्हें
केवल
तय
की
गई
दूरी
के
हिसाब
से
ही
टोल
देना
होता
है।
पायलट
प्रोजेक्ट
के
तौर
पर
शुरू
हुई
इस
व्यवस्था
के
तहत,
ऐसे
वाहनों
को
भी
20
किलोमीटर
तक
की
यात्रा
पर
टोल
से
छूट
दी
जाती
है,
जिससे
टोल
प्लाजा
के
आस-पास
रहने
वालों
को
अतिरिक्त
लाभ
मिलता
है।

