India
oi-Divyansh Rastogi
PM
Narendra
Modi
Teachers
LIST:
हर
साल
5
सितंबर
को
भारत
में
शिक्षक
दिवस
धूमधाम
से
मनाया
जाता
है।
यह
दिन
महान
शिक्षाविद्
और
पूर्व
राष्ट्रपति
डॉ.
सर्वपल्ली
राधाकृष्णन
की
जयंती
के
सम्मान
में
समर्पित
है।
इस
खास
मौके
पर
हम
उन
गुरुओं
को
याद
करते
हैं,
जिन्होंने
अपने
ज्ञान,
समर्पण
और
प्रेम
से
न
सिर्फ
छात्रों
का
भविष्य
गढ़ा,
बल्कि
देश
को
भी
नई
दिशा
दी।
इस
शिक्षक
दिवस
पर
पीएम
नरेंद्र
मोदी
ने
देशवासियों
को
हार्दिक
शुभकामनाएं
दीं।
उन्होंने
कहा,
‘शिक्षक
न
सिर्फ
मस्तिष्क
को
पोषित
करते
हैं,
बल्कि
एक
मजबूत
और
उज्जवल
भारत
की
नींव
रखते
हैं।
उनकी
प्रतिबद्धता
और
करुणा
अनमोल
है।’
साथ
ही,
उन्होंने
डॉ.
राधाकृष्णन
के
योगदान
को
याद
करते
हुए
शिक्षकों
के
प्रति
कृतज्ञता
व्यक्त
की।
लेकिन
क्या
आप
जानते
हैं
कि
देश
के
यशस्वी
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
के
स्कूल
टीचर
कौन
थे?
क्या
नन्हा
नरेंद्र
स्कूल
में
शरारती
था
या
किताबों
में
डूबा
हुआ
बच्चा?
आइए,
इस
शिक्षक
दिवस
पर
आपको
ले
चलते
हैं
वडनगर
की
गलियों
में,
जहां
छोटे
से
नरेंद्र
को
मिला
था
गुरुओं
का
आशीर्वाद,
जिसने
उन्हें
देश
का
नेतृत्व
करने
की
राह
दिखाई…

PM
Modi
Teacher
Hiraben
Mulchand-
हीराबेन
मूलचंद:
नन्हे
नरेंद्र
की
पहली
गुरु
वडनगर
के
छोटे
से
स्कूल
में
नरेंद्र
मोदी
को
कक्षा
1
से
4
तक
पढ़ाने
वाली
शिक्षिका
थीं
हीराबेन
मूलचंद।
उनके
घर
का
दरवाजा
ठीक
नरेंद्र
के
घर
के
सामने
खुलता
था।
दैनिक
भास्कर
की
एक
रिपोर्ट
में
हीराबेन
ने
गर्व
से
बताया
था,
‘मेरा
पढ़ाया
हुआ
नरेंद्र
आज
देश
का
प्रधानमंत्री
है,
इससे
बड़ा
गौरव
मेरे
लिए
क्या
हो
सकता
है?’
हीराबेन
के
मुताबिक,
नरेंद्र
बचपन
में
बेहद
अनुशासित
और
संस्कारशील
थे।
वे
हर
शाम
महादेव
की
आरती
करने
के
बाद
अपने
माता-पिता
को
प्रणाम
करते
थे।
स्कूल
में
भी
उनकी
सजगता
और
जिज्ञासा
बाकी
बच्चों
से
अलग
थी।
हीराबेन
की
नजरों
में
नरेंद्र
वो
बच्चा
था,
जो
छोटी-छोटी
बातों
में
भी
बड़प्पन
दिखाता
था।
-
2025
में
स्थिति:
हालिया
सूचनाओं
में
हीराबेन
की
वर्तमान
स्थिति
स्पष्ट
नहीं
है,
लेकिन
उनकी
उम्र
को
देखते
हुए
संभव
है
कि
वे
अब
वृद्धावस्था
में
हों
और
अपने
परिवार
के
साथ
हों।

मोदी
के
शिक्षक
रहे
प्रहलाद
भाई।
PM
Modi
Teacher
Prahladbhai
Patel-
प्रहलाद
भाई
पटेल:
वो
शिक्षक,
जिसने
थमाई
तलवार
जब
नरेंद्र
ने
वडनगर
के
बीएन
हाईस्कूल
में
दाखिला
लिया,
तब
उनके
शिक्षक
बने
प्रहलाद
भाई
पटेल।
उन्होंने
नरेंद्र
को
9वीं
से
11वीं
कक्षा
तक
पढ़ाया।
प्रहलाद
भाई
बताते
हैं,
‘नरेंद्र
को
संस्कृत
और
गुजराती
भाषा
से
खास
लगाव
था।
वे
इन
विषयों
में
सवाल
पूछने
में
सबसे
आगे
रहते
थे।’
नरेंद्र
की
एक
और
खासियत
थी
उनकी
स्पर्धात्मक
भावना।
चाहे
नाटक
हो,
वाद-विवाद
हो
या
कोई
और
प्रतियोगिता,
नरेंद्र
हमेशा
हिस्सा
लेते
थे।
प्रहलाद
भाई
को
एक
नाटक
का
वो
किस्सा
आज
भी
याद
है,
जब
नरेंद्र
ने
जोगीदास
खुमान
का
किरदार
निभाने
की
जिद
की
थी।
तलवार
हाथ
में
थामकर
नरेंद्र
ने
मंच
पर
ऐसा
जलवा
बिखेरा
कि
तालियों
की
गड़गड़ाहट
गूंज
उठी।
-
2025
में
स्थिति:
प्रहलाद
भाई
अब
सेवानिवृत्त
हैं
और
वडनगर
में
ही
रहते
हैं,
लेकिन
उनकी
मौजूदा
स्थिति
की
जानकारी
उपलब्ध
नहीं
है।

स्कूल
के
शिक्षक
जगदीश
नाइक।
PM
Modi
Teacher
Jagdish
Naik-
जगदीश
नाइक:
गुरु-शिष्य
का
भावुक
मिलन
11
जून
2022
को
नवसारी
में
एक
अस्पताल
के
उद्घाटन
समारोह
में
पीएम
मोदी
की
मुलाकात
अपने
प्राथमिक
स्कूल
के
शिक्षक
जगदीश
नाइक
से
हुई।
यह
मुलाकात
इतनी
भावुक
थी
कि
तस्वीरें
सोशल
मीडिया
पर
वायरल
हो
गईं।
नरेंद्र
मोदी
ने
दोनों
हाथ
जोड़कर
अपने
गुरु
को
प्रणाम
किया,
और
जगदीश
नाइक
ने
सिर
पर
हाथ
रखकर
उन्हें
आशीर्वाद
दिया।
उस
वक्त
जगदीश
नाइक
ने
कहा,
‘मेरे
लिए
इससे
बड़ा
सुख
और
क्या
हो
सकता
है
कि
मेरा
पढ़ाया
हुआ
छात्र
आज
देश
का
प्रधानमंत्री
है।
नरेंद्र
के
कंधों
पर
पूरे
देश
की
जिम्मेदारी
है,
फिर
भी
उनमें
जरा
सा
घमंड
नहीं।’
-
2025
में
स्थिति:
जगदीश
नाइक
की
वर्तमान
स्थिति
की
कोई
जानकारी
उपलब्ध
नहीं
है।
2022
में
उनकी
उम्र
लगभग
88
वर्ष
थी,
और
वे
अपनी
बेटी
के
साथ
तापी
जिले
में
रहते
थे।

के
बीएन
विद्यालय
के
पूर्व
प्रधानाचार्य
रासबिहारी
मणियार।
Who
Was
Rasbihari
Maniyar-
रासबिहारी
मणियार:
पत्र
लिखने
वाले
गुरुजी
वडनगर
के
बीएन
विद्यालय
के
पूर्व
प्रधानाचार्य
रासबिहारी
मणियार
का
नाम
भी
पीएम
मोदी
के
जीवन
में
खास
रहा।
88
वर्ष
की
उम्र
में
भी
वे
अपने
प्रिय
शिष्य
को
पत्र
लिखकर
अपनी
राय
और
सुझाव
भेजते
थे।
एक
बार
उन्होंने
पीएम
को
सलाह
दी
थी
कि
जैकेट
में
एक
की
जगह
दो
पेन
रखें,
ताकि
जरूरत
पड़ने
पर
दूसरा
काम
आए।
मणियार
को
नरेंद्र
की
मेहनत
और
अनुशासन
पर
गर्व
था।
वे
बताते
थे,
‘नरेंद्र
की
लिखावट
तो
थोड़ी
कमजोर
थी,
लेकिन
पढ़ाई
और
मैदानी
गतिविधियों
में
वे
हमेशा
अव्वल
थे।’
एक
मजेदार
किस्सा
साझा
करते
हुए
मणियार
ने
बताया
था
कि
नरेंद्र
एक
बार
तालाब
से
मगरमच्छ
का
बच्चा
पकड़
लाए
थे,
जिसे
उनकी
मां
ने
डरते
हुए
वापस
छोड़ने
को
कहा
था।
दुर्भाग्यवश,
27
नवंबर
2022
को
रासबिहारी
मणियार
का
निधन
हो
गया।
पीएम
मोदी
ने
उस
वक्त
गुजराती
में
ट्वीट
कर
अपनी
श्रद्धांजलि
दी
थी
और
कहा
था,
‘मेरे
जीवन
में
उनका
अमूल्य
योगदान
रहा।
मुझे
उनके
मार्गदर्शन
का
सौभाग्य
मिला।’
नटखट
नरेंद्र
या
अनुशासित
छात्र?
स्कूल
में
नरेंद्र
मोदी
नटखट
भी
थे
और
अनुशासित
भी।
मगरमच्छ
के
बच्चे
को
घर
लाने
जैसी
शरारतें
उनके
बचपन
का
हिस्सा
थीं,
लेकिन
साथ
ही
वे
हर
काम
में
पूरी
तन्मयता
से
जुट
जाते
थे।
चाहे
नाटक
में
जोगीदास
खुमान
का
किरदार
निभाना
हो
या
संस्कृत
के
सवाल
पूछना,
नरेंद्र
हमेशा
कुछ
अलग
करने
की
चाह
रखते
थे।
गुरु-शिष्य
का
अटूट
रिश्ता
पीएम
मोदी
ने
हमेशा
अपने
शिक्षकों
का
सम्मान
किया।
2005
में
उन्होंने
गुजरात
के
सीएम
रहते
हुए
अपने
28
शिक्षकों
को
गांधीनगर
बुलाकर
सम्मानित
किया
था।
हर
बार
गुजरात
दौरे
पर
वे
अपने
गुरुओं
से
मिलने
का
समय
निकालते
थे।
उनकी
यह
सादगी
और
गुरुओं
के
प्रति
श्रद्धा
आज
भी
लाखों
लोगों
को
प्रेरित
करती
है।
शिक्षक
दिवस
2025
पर
आइए,
हम
भी
अपने
गुरुओं
को
याद
करें,
जिन्होंने
हमें
न
सिर्फ
किताबी
ज्ञान
दिया,
बल्कि
जीवन
जीने
की
कला
सिखाई।
नरेंद्र
मोदी
की
कहानी
हमें
सिखाती
है
कि
एक
शिक्षक
का
आशीर्वाद
और
मार्गदर्शन
कितनी
दूर
तक
ले
जा
सकता
है।
तो
इस
शिक्षक
दिवस,
अपने
गुरुओं
को
जरूर
धन्यवाद
कहें,
क्योंकि
उनके
बिना
हमारा
सफर
अधूरा
होता!
ये
भी
पढ़ें-
Teachers
Day
2025
Gift:
शिक्षक
दिवस
पर
अपने
टीचर
को
दें
ये
खास
गिफ्ट,
ऐसे
जताएं
आभार

