Last Updated:
Sharad Purnima 2026 Astro Remedies: आज शरद पूर्णिमा की पावन रात पर चुपचाप इनमें से कोई एक अचूक उपाय करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जिससे आपकी किस्मत चमक सकती है और जीवन की सभी आर्थिक परेशानियां दूर होकर खाली झोली हमेशा के लिए भर सकती है. आइए जानते हैं माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए आज रात कौन से ज्योतिष उपाय करने चाहिए…
Sharad Purnima 2026 Astro Remedies: आज देशभर में शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है, हर वर्ष आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि शरद पूर्णिमा मनाई जाती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा के दिन ही समुद्र मंथन से माता लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था, ऐसे में इस शुभ दिन पर माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. ऐसे में दिवाली से पहले माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सुनहरा अवसर है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात अगर कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो मां लक्ष्मी की कृपा से परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है और सभी परेशानियां दूर होने लगती हैं. आइए जानते हैं शरद पूणिमा की रात माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कौन से उपाय करें…
नारद पुराण के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात को माता लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं और घरों में प्रवेश करती हैं. इस दिन सफेद वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. साथ ही, कनकधारा स्तोत्र के पाठ और “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है. रात को केसर युक्त खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखना और उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करना स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए लाभकारी माना जाता है.
शरद पूर्णिमा की रात माता लक्ष्मी की पूजा के समय 11 कौड़ियों पर हल्दी या फिर केसर का तिलक लगाएं और फिर इनको माता लक्ष्मी के चरणों में रखकर जागरण करें और माता लक्ष्मी के मंत्रों का कमलगट्टे की माला से जाप करें. इसके बाद अगले दिन कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर धन के स्थान जैसे अलमारी या तिजोरी में रख दें. ऐसा करने से धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
अगर किसी के दापत्य जीवन में समस्याएं चल रही हैं तो पति-पत्नी चंद्रमा को दूध का अर्घ्य दे सकते हैं, जिससे चंद्र दोष के प्रभाव को कम कर सकते हैं. अर्घ्य देते समय ‘ॐ सों सोमाय नम:’ मंत्र का 108 बार या श्रद्धा अनुसार जाप करें. मान्यता है कि ऐसा करने से सभी समस्याएं दूर हो जाती है. साथ ही शरद पूर्णिमा पर पीपल की पूजा और माता लक्ष्मी के मंदिर में नारियल, मेवे व लाल चुनरी अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम में कोजागर व्रत का विशेष महत्व है. इसे कोजागरी पूजा, बंगाली लक्ष्मी पूजा और कौमुदी व्रत के नाम से भी जाना जाता है. इस रात जागते हुए माता लक्ष्मी का विशेष मंत्र ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः का जप अवश्य करें. साथ ही कनकधारा स्तोत्र और श्रीसूक्त का पाठ भी किया जाता है. मान्यता है कि इस रात मां लक्ष्मी जागते हुए भक्तों को धन-धान्य से समृद्ध करती हैं.
स्कंद पुराण के अनुसार, यह व्रत ऐश्वर्य, स्वास्थ्य और सुख प्रदान करता है. भक्त रात्रि जागरण कर माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं और विशेष अनुष्ठान करते हैं. इस दिन का विशेष योग भक्तों के लिए आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है. चंद्रमा की पूजा और व्रत से ना केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव भी आते हैं.

