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ISRO SpaDeX Mission: भारत ने स्पाडेक्स मिशन के तहत जिन दो सैटेलाइट्स की डॉकिंग और अनडॉकिंग कराई थी, अब वे हर डेढ़ घंटे पर डांस करते हैं. यह ‘डांस’ धरती से 500 किलोमीटर की ऊंचाई पर, 28800 किलोमीटर प्रति घंटा की …और पढ़ें
प्रतीकात्मक तस्वीर
हाइलाइट्स
- ISRO ने स्पाडेक्स मिशन के तहत सैटेलाइट्स की डॉकिंग कराई.
- सैटेलाइट्स 28800 किमी/घंटा की रफ्तार से 500 किमी ऊंचाई पर डांस कर रहे हैं.
- भारत चौथा देश बना जिसने स्पेस डॉकिंग टेक्नोलॉजी मास्टर की.
नई दिल्ली: अंतरिक्ष में इन दिनों एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है. भारत के दो सैटेलाइट्स एक-दूसरे के साथ प्रिसिजन डांस कर रहे हैं. ये ‘स्पेस डांस’ हर 90 मिनट में 500 किमी की ऊंचाई पर होता है, जहां ये सैटेलाइट्स 28,800 किमी/घंटा (यानी गोली से 10 गुना तेज) की स्पीड से चक्कर काटते हुए एक-दूसरे के आसपास मंडराते हैं. यह कोई साधारण एक्सपेरिमेंट नहीं है. ISRO ने इसे स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट (SpaDeX) नाम दिया है, जिसकी शुरुआत दिसंबर 2023 में हुई थी. 16 जनवरी को ISRO ने इतिहास रच दिया जब उसने ‘चेजर’ और ‘टारगेट’ सैटेलाइट्स को सफलतापूर्वक डॉक किया. फिर 13 मार्च को सूर्य की सही पोजीशन का इंतजार करके उन्हें अलग (डी-डॉक) भी किया.
इसके साथ ही भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद दुनिया का चौथा देश बन गया जिसने यह कॉम्प्लेक्स टेक्नोलॉजी मास्टर की. सबसे हैरानी की बात? पहले ही अटेम्प्ट में सफलता मिली और वो भी पूरी तरह मेड इन इंडिया ‘भारतीय डॉकिंग सिस्टम’ के साथ. पूरी मिशन की लागत 300 करोड़ से भी कम रही, जो ISRO की लो-कॉस्ट, हाई-वैल्यू स्ट्रैटजी को दिखाता है.
अभी बाकी है सबसे बड़ा टेस्ट!
ISRO का एक महत्वपूर्ण एक्सपेरिमेंट अभी पेंडिंग है. ISRO चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने बताया कि पहले अटेम्प्ट में सैटेलाइट्स के बीच पावर ट्रांसफर नहीं हो पाया. उन्होंने कहा, ‘पावर ट्रांसफर पोर्ट्स में माइनर मिस-अलाइनमेंट का शक था, इसलिए इसे मई में होने वाले अगले राउंड के लिए टाल दिया गया.’ लेकिन ISRO को पूरा भरोसा है कि यह टेस्ट भी सफल होगा. डॉ. नारायणन ने कहा, ‘SpaDeX सैटेलाइट्स में अभी इतना फ्यूल बचा है कि मिशन पूरा किया जा सके.’
भविष्य के मिशन्स के लिए बड़ी कामयाबी
इस सफलता का मतलब सिर्फ डॉकिंग टेक्नोलॉजी हासिल करना नहीं है. यह भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन, चंद्रयान-4 और गगनयान जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए भी गेम-चेंजर साबित होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ISRO टीम को बधाई देते हुए कहा था, ‘यह भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन्स के लिए एक बड़ा कदम है.’
विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने खुशी जताते हुए कहा, “SpaDeX ने अविश्वसनीय कर दिखाया… और यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से हुआ है!” अब सबकी नजरें मई पर टिकी हैं, जब ISRO एक बार फिर स्पेस में इतिहास लिखने को तैयार है.

