किताब में यह भी लिखा है कि शरद पवार UPA सरकार में मंत्री थे। तब उन्होंने नरेंद्र मोदी को गिरफ्तार करने का विरोध किया था। उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। यह बात 2002 के गोधरा दंगों के बाद की है।
चंद्रशेखर बावनकुले ने की जांच की मांग
किताब लॉन्च के मौके पर कई बड़े नेता मौजूद थे। UBT शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे, NCP (SP) के प्रमुख शरद पवार और गीतकार जावेद अख्तर भी वहां थे। महाराष्ट्र BJP के प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने नागपुर में इस बारे में बात की। उन्होंने कहा, ‘मैंने किताब नहीं पढ़ी है, लेकिन मुझे कुछ अंश भेजे गए थे। संजय राउत ने न्यायिक प्रक्रिया के बारे में कुछ विवादास्पद बातें कही हैं। यह बहुत गंभीर मामला है और इसकी जांच होनी चाहिए।’
गोधरा मामले का जिक्र
चंद्रशेखर बावनकुले ने आगे कहा कि मोदीजी को गोधरा मामले में SC से क्लीन चिट मिल गई थी और अमित शाह की गिरफ्तारी राजनीतिक थी। संजय राउत नैतिक रूप से दिवालिया हैं और यह सब राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं।
उद्धव ठाकरे बोले- मुझे याद नहीं
उद्धव ठाकरे ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘अगर मुझसे पूछा जाए कि क्या अमित शाह हमारे घर मदद मांगने आए थे, तो मैं कहूंगा कि मुझे याद नहीं है, क्योंकि जो भी भलाई की जाती है, उसके बारे में बात नहीं करनी चाहिए।’
केंद्र पर भड़के उद्धव ठाकरे
उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के नेताओं को परेशान कर रही है। उन्होंने अनिल देशमुख, अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी का उदाहरण दिया। ठाकरे ने कहा कि राज्यों को PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत मामलों की जांच करने का अधिकार मिलना चाहिए। इससे राज्य सरकार भी केंद्र सरकार के खिलाफ कार्रवाई कर सकेगी। PMLA एक कानून है जो काले धन को सफेद करने से रोकता है।
एकनाथ शिंदे ने किया पलटवार
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने संजय राउत के दावों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि संजय राउत को नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बारे में बात करने का कोई अधिकार नहीं है। क्योंकि वे दोनों अपनी हिंदुत्व विचारधारा पर कायम हैं। एकनाथ शिंदे ने कहा कि राउत पहले उनकी पार्टी में थे, लेकिन अब वे गलत बातें कर रहे हैं।

