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Indian Coast Guard: भारतीय तटरक्षक बल को अपना सबसे बड़ा स्वदेशी जहाज ‘समुद्र प्रताप’ मिल गया है. यह सिर्फ प्रदूषण रोकने वाला पोत नहीं, बल्कि रिमोट कंट्रोल गन और आधुनिक हथियारों से लैस एक चलता-फिरता किला है. यह तेल रिसाव साफ करने के साथ-साथ दुश्मनों को भी मुंहतोड़ जवाब देगा. वहीं, नौसेना को पनडुब्बी रोधी जहाज ‘अंजदीप’ भी मिला है. ये दोनों जहाज भारत की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाएंगे.
‘समुद्र प्रताप’ को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने डिजाइन किया है.नई दिल्ली: भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के बेड़े में एक नया और बेहद ताकतवर जहाज शामिल हुआ है. इसका नाम ‘समुद्र प्रताप’ है. यह देश का पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत है. लेकिन इसकी खासियत सिर्फ सफाई नहीं है. यह जहाज आधुनिक हथियारों और रिमोट कंट्रोल गन से लैस है. रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को इसकी जानकारी दी. यह जहाज ‘मेक इन इंडिया’ का एक बेहतरीन नमूना है. आइए जानते हैं कि यह जहाज समंदर में दुश्मनों और प्रदूषण दोनों का काल कैसे बनेगा.
रिमोट से चलने वाली तोपें, दुश्मन को पास आने से पहले ही कर देंगी राख
- ‘समुद्र प्रताप’ सिर्फ एक सफाई करने वाला जहाज नहीं है. यह एक चलता-फिरता किला है. इसमें सुरक्षा के लिए घातक हथियार लगाए गए हैं.
- इस जहाज पर 30 मिमी की सीआरएन-91 गन (CRN-91 Gun) तैनात है. इसके अलावा इसमें दो 12.7 मिमी की रिमोट कंट्रोल गन भी लगी हैं. यानी ऑपरेटर सुरक्षित जगह बैठकर भी दुश्मन पर सटीक निशाना लगा सकता है.
- यह जहाज दुश्मन के किसी भी छोटे-मोटे हमले का जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है. इसकी सुरक्षा प्रणाली इसे दूसरे जहाजों से अलग बनाती है.
तेल का रिसाव हो या केमिकल हमला, यह जहाज है समंदर का सबसे बड़ा डॉक्टर
- इस जहाज का असली काम समुद्र को प्रदूषण से बचाना है. इसमें दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक लगी है. यह गाढ़े तेल के रिसाव (Oil Spill) का पता लगा सकता है.
- इसमें लगी मशीनें पानी से तेल को अलग कर सकती हैं. जहाज के अंदर ही एक प्रदूषण विश्लेषण लैब भी है. इसमें ऑयल फिंगर प्रिंटिंग मशीन और केमिकल डिटेक्टर भी लगे हैं.
- यह जहाज समुद्र में बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चला सकता है. यह ‘डायनेमिक पोजिशनिंग सिस्टम’ (DP-1) से लैस कोस्ट गार्ड का पहला जहाज है.
60% स्वदेशी और कोस्ट गार्ड का सबसे विशालकाय जहाज
‘समुद्र प्रताप’ आकार में भी बहुत बड़ा है. इसकी लंबाई 114.5 मीटर और चौड़ाई 16.5 मीटर है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह भारतीय तटरक्षक बल का अब तक का सबसे बड़ा जहाज है.
इसे गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने बनाया है. इसमें 60 प्रतिशत से ज्यादा सामान स्वदेशी है. यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है. इसमें लगी बाहरी अग्निशमन प्रणाली इसे आग बुझाने में भी माहिर बनाती है.

