बग्घी में सवार होकर आई दुल्हन
पूरे बस्तर में राजघराने में हुई इस शाही शादी की चर्चा हो रही है। नवदंपति के स्वागत के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ मौजूद रही। लोगों ने कमलचंद्र भंजदेव और उनकी दुल्हन को शादी की बधाई दी। बग्घी में सवार कमलचंद्र भंजदेव ने भी हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया। राजा कमलचंद्र अपनी दुल्हन को नागौद से स्पेशल विमान से लेकर जगदलपुर एयरपोर्ट पहुंचे। उसके बाद बग्घी में सवार होकर दुल्हन ने राजभवन में प्रवेश किया।
राजभवन से 100 साल बाद हुई शादी
कई दशकों के बाद बस्तर राजपरिवार में शादी का आयोजन हुआ है। बस्तर राजमहल से जगदलपुर शहर में आखिरी बारात पूर्व महाराजा रुद्रप्रताप देव की निकली थी। इस बात को बीते 100 साल से ज्यादा का समय बीत गया है। करीब 100 साल के बाद अब राजा कमलचंद्र भंजदेव की शादी राजभवन से हुई है। इस शाही शादी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
सीएम भी हुए शामिल
शनिवार को जगदलपुर राजभवन में आयोजित आशीर्वाद समारोह में सीएम विष्णुदेव साय समेत देश भर की कई नामी हस्तियां शामिल हुईं। सीएम विष्णुदेव साय भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। सीएम के साथ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह जी एवं क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल भी मौजूद थे। सीएम साय ने महाराज कमलचंद्र भंजदेव जी में सम्मिलित होकर वर-वधू को मंगलमय जीवन की शुभकामनाएं दी।
किससे हुई है शादी
राजा कमलचंद की शादी नागौद राज परिवार के सदस्य शिवेंद्र सिंह जूदेव व कृष्णा कुमारी की बेटी भुवनेश्वरी कुमारी से हुई है। राजकुमारी भुवनेश्वरी कुमारी ने लखनऊ विश्वविद्यालय से कामर्स की पढ़ाई पूरी की है। नागौद राजवंश की स्थापना राजा वीरराज जूदेव ने की थी। नागौद रियासत की राजधानी पहले उचहरा थी, फिर इसका नाम बदलकर नागौद कर दिया गया। आजादी के बाद नागौद रियासत का विलय भारत में हो गया था। 1807 में नागौद, पन्ना रियासत का हिस्सा हुआ करता था।

