India
oi-Puja Yadav
Republic
Day
2026
Parade:
देश
आज
77वें
गणतंत्र
दिवस
के
गौरवशाली
अवसर
पर
राष्ट्रभक्ति
और
गर्व
के
रंग
में
रंगा
नजर
आया।
राजधानी
के
कर्तव्य
पथ
पर
आयोजित
भव्य
गणतंत्र
दिवस
परेड
में
भारत
ने
न
सिर्फ
अपनी
सांस्कृतिक
विविधता
का
प्रदर्शन
किया,
बल्कि
दुनिया
के
सामने
अपनी
तेजी
से
मजबूत
होती
सैन्य
शक्ति
का
भी
प्रभावशाली
संदेश
दिया।
साल
2026
की
परेड
कई
मायनों
में
ऐतिहासिक
रही,
क्योंकि
इसमें
पहली
बार
“फेज्ड
बैटल
एरे
फॉर्मेशन”
को
अपनाया
गया।
इसका
मतलब
है
कि
हथियारों
और
सैन्य
टुकड़ियों
को
उसी
क्रम
में
प्रदर्शित
किया
गया,
जिस
क्रम
में
उन्हें
युद्ध
के
मैदान
में
तैनात
किया
जाता
है।

Republic
Day
Parade
Highlights:
पहली
बार
युद्ध
जैसी
तैनाती
में
दिखे
हथियार
फेज्ड
बैटल
एरे
फॉर्मेशन
का
अर्थ
है
कि
हथियारों,
सैन्य
टुकड़ियों
और
प्लेटफॉर्म्स
को
उसी
रणनीतिक
क्रम
में
प्रस्तुत
किया
गया,
जिस
तरह
उन्हें
वास्तविक
युद्ध
के
मैदान
में
तैनात
किया
जाता
है।
इससे
परेड
केवल
औपचारिक
प्रदर्शन
नहीं
रही,
बल्कि
यह
आधुनिक
युद्ध
की
वास्तविक
तस्वीर
बनकर
सामने
आई।
इन्फैंट्री,
मैकेनाइज्ड
कॉलम,
आर्टिलरी,
मिसाइल
सिस्टम
और
एयर
पावर-
तीनों
सेनाओं
की
संयुक्त
ताकत
ने
‘जॉइंटनेस’
की
अवधारणा
को
जीवंत
कर
दिया।
ब्रह्मोस,
आकाश
और
अर्जुन:
आत्मनिर्भर
भारत
का
पराक्रम
जैसे
ही
कर्तव्य
पथ
पर
भारत
के
अत्याधुनिक
हथियारों
के
कॉलम
आगे
बढ़े,
दर्शकों
में
जबरदस्त
उत्साह
देखने
को
मिला।
दुनिया
की
सबसे
तेज
सुपरसोनिक
क्रूज
मिसाइल
ब्रह्मोस
(BrahMos)
ने
एक
बार
फिर
भारत
की
स्ट्राइक
क्षमता
का
परिचय
दिया।
इसके
साथ
ही
स्वदेशी
आकाश
(Akash)
एयर
डिफेंस
सिस्टम
और
मीडियम
रेंज
सरफेस-टू-एयर
मिसाइल
(MRSAM)
ने
बहुस्तरीय
वायु
सुरक्षा
में
भारत
की
मजबूती
को
दर्शाया।
टैंक
और
तोपखाना:
मैकेनाइज्ड
कॉलम
का
नेतृत्व
करते
हुए
अर्जुन
(Arjun)
मेन
बैटल
टैंक,
जिसे
‘रेगिस्तान
का
राजा’
कहा
जाता
है,
और
T-90
भीष्म
टैंक
पूरे
शौर्य
के
साथ
आगे
बढ़े।
वहीं
ATAGS
(एडवांस्ड
टोड
आर्टिलरी
गन
सिस्टम)
और
धनुष
आर्टिलरी
गन
ने
‘मेक
इन
इंडिया’
के
तहत
स्वदेशी
तोपखाना
शक्ति
का
दमदार
प्रदर्शन
किया।
नई
ताकत-‘सूर्यास्त्र’:
इस
बार
परेड
में
पहली
बार
यूनिवर्सल
रॉकेट
लॉन्चर
सिस्टम
(URLS)
‘सूर्यास्त्र’
को
शामिल
किया
गया।
यह
सिस्टम
300
किलोमीटर
तक
सतह
से
सतह
पर
सटीक
हमला
करने
में
सक्षम
है
और
भारत
की
लंबी
दूरी
की
मारक
क्षमता
को
नई
ऊंचाई
देता
है।
आसमान
में
दिखा
वायुसेना
का
शौर्य
कर्तव्य
पथ
के
ऊपर
आसमान
में
भारतीय
वायुसेना
का
प्रदर्शन
परेड
का
सबसे
रोमांचक
क्षण
रहा।
फ्लाईपास्ट
का
मुख्य
आकर्षण
‘सिंदूर
फॉर्मेशन’
रहा,
जिसमें
7
फाइटर
जेट्स-2
राफेल,
2
मिग-29,
2
सुखोई-30
एमकेआई
और
1
जगुआर-ने
एक
साथ
उड़ान
भरी।
यह
फॉर्मेशन
‘ऑपरेशन
सिंदूर’
में
भारतीय
वायुसेना
की
भूमिका
को
समर्पित
था।
इस
साल
फ्लाईपास्ट
में
कुल
29
विमान
शामिल
रहे,
जिनमें
16
फाइटर
जेट,
4
ट्रांसपोर्ट
एयरक्राफ्ट
और
9
हेलीकॉप्टर
थे।
अपाचे
और
प्रचंड
हेलीकॉप्टरों
ने
‘प्रहार
फॉर्मेशन’
में
उड़ान
भरकर
जमीनी
हमले
की
क्षमता
का
शानदार
प्रदर्शन
किया।
सेना
के
आधुनिकीकरण
की
झलक:
भैरव
और
शक्तिबाण
यूनिट
का
डेब्यू
गणतंत्र
दिवस
परेड
में
भारतीय
सेना
के
आधुनिकीकरण
और
पुनर्गठन
की
तस्वीर
भी
साफ
नजर
आई।
पहली
बार
भैरव
लाइट
कमांडो
यूनिट
और
शक्तिबाण
रेजिमेंट
ने
परेड
में
हिस्सा
लिया।
शक्तिबाण
रेजिमेंट
ड्रोन,
काउंटर-ड्रोन
और
आधुनिक
तकनीक
से
लैस
है,
जो
भविष्य
के
युद्धों
के
लिए
सेना
की
तैयारियों
को
दर्शाती
है।
ऐतिहासिक
61
कैवेलरी
के
सवार
इस
बार
पारंपरिक
औपचारिक
वर्दी
की
बजाय
बैटल
गियर
में
नजर
आए,
जो
बदलते
युद्ध
स्वरूप
का
प्रतीक
बना।
DRDO
की
हाइपरसोनिक
मिसाइल
और
S-400
का
प्रदर्शन
रक्षा
अनुसंधान
एवं
विकास
संगठन
(DRDO)
ने
अपनी
अत्याधुनिक
लॉन्ग
रेंज
एंटी-शिप
हाइपरसोनिक
मिसाइल
(LR-AShM)
को
परेड
में
प्रदर्शित
किया।
इसके
साथ
ही
भारत
की
वायु
सुरक्षा
की
रीढ़
माने
जाने
वाला
S-400
एयर
डिफेंस
सिस्टम
भी
कर्तव्य
पथ
पर
नजर
आया,
जिसने
देश
की
सुरक्षा
तैयारियों
को
और
मजबूत
दिखाया।
बेहद
खास
है
77वां
गणतंत्र
दिवस
इस
वर्ष
गणतंत्र
दिवस
समारोह
को
अंतरराष्ट्रीय
महत्व
भी
मिला।
यूरोपीय
आयोग
की
अध्यक्ष
उर्सुला
वॉन
डेर
लेयेन
और
यूरोपीय
परिषद
के
अध्यक्ष
एंटोनियो
कोस्टा
मुख्य
अतिथि
के
रूप
में
मौजूद
रहे।
परेड
में
यूरोपीय
संघ
(EU)
की
एक
टुकड़ी
का
मार्च
करना
भारत
और
यूरोप
के
मजबूत
होते
रणनीतिक
संबंधों
का
प्रतीक
बना।
गणतंत्र
दिवस
परेड
2026
की
मुख्य
थीम
‘वंदे
मातरम्’
के
150
वर्ष
रही।
संस्कृति
मंत्रालय
की
झांकी
के
जरिए
राष्ट्रगीत
की
ऐतिहासिक
यात्रा,
उसके
भावनात्मक
महत्व
और
स्वतंत्रता
संग्राम
में
उसकी
भूमिका
को
बेहद
खूबसूरती
से
प्रस्तुत
किया
गया।
गणतंत्र
दिवस
2026
की
परेड
न
केवल
लोकतांत्रिक
मूल्यों
में
मजबूत
है,
बल्कि
रक्षा
के
क्षेत्र
में
भी
आत्मनिर्भर,
आधुनिक
और
वैश्विक
स्तर
पर
प्रभावशाली
शक्ति
बनकर
उभर
रहा
है।
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