Last Updated:
Real Estate Update : केंद्र सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर की परियोजनाओं को राहत देने के लिए इसकी अवधि बढ़ाने की सिफारिश की है. केंद्रीय मंत्रालय ने सभी राज्यों के रेरा को भेजी अपनी सिफारिश में कहा है कि पश्चिम एशिया संकट की वजह से दिक्कतें आ रही हैं और प्रोजेक्ट समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं.
पश्चिम एशिया संकट की वजह से सरकार ने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट की डेडलाइन बढ़ा दी है.
नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर समेत देश के तमाम शहरों में चलने वाली रियल एस्टेट परियोजनाओं को पूरा होने में और समय लगने वाला है. पश्चिम एशिया संकट की वजह से देशभर की रियल एस्टेट परियोजनाओं को पूरा होने में दिक्कत आ रही है. इसे देखते हुए सरकार ने हर राज्य के रेरा को इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 4 महीने का अतिरिक्त समय देने का निर्देश दिया है. सरकार के इस फैसले पर रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रमुख संगठन क्रेडाई और नारेडको ने खुशी जताई है.
रियल एस्टेट सेक्टर के संगठनों ने परियोजनाओं को पूरा करने की समयसीमा चार महीने बढ़ाने संबंधी सरकार के परामर्श को इस क्षेत्र के कारोबारियों के लिए राहत भरी पहल बताया है. संगठनों ने कहा है कि इससे निर्माण सामग्री की कमी से जूझ रहे डेवलपर्स को राहत मिलेगी. उन्होंने राज्यों के रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरणों (रेरा) से यह समय सीमा जल्द से जल्द बढ़ाने का अनुरोध किया है, ताकी इस उद्योग को राहत मिल सके.
मंत्रालय ने पहले ही भेज दिया सुझाव
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने बीते शुक्रवार को ही सभी राज्यों के रेरा के लिए परामर्श जारी कर दिया था. मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे निर्माण सामग्री की कमी पैदा हो गई है और रियल एस्टेट परियोजनाओं का समय पर निर्माण प्रभावित हो रहा है. ऐसे में पात्र परियोजनाओं के पंजीकरण और निर्माण पूरा करने की समयसीमा चार महीने बढ़ाई जाए.
क्रेडाई ने की जमकर सराहना
इस परामर्श को लेकर क्रेडाई के अध्यक्ष शेखर पटेल ने कहा कि मंत्रालय का यह परामर्श रियल एस्टेट क्षेत्र की मांग के अनुरूप एक सकारात्मक कदम है. हालांकि, युद्ध की वजह से आई रुकावटों के कारण इस उद्योग को निर्माण सामग्री की सप्लाई और श्रमिकों की उपलब्धता में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन समय सीमा के विस्तार वाले परामर्श से डेवलपर्स को परियोजना पूरा करने की निर्धारित समय को मौजूदा बाजार की स्थिति के हिसाब से तय करने में मदद मिलेगी. इससे पहले मंत्रालय को रियल एस्टेट क्षेत्र के हितधारकों से कई आवेदन मिले थे, जिनमें परियोजनाओं के समय पर पूरा होने में आ रही रुकावटों को देखते हुए राहत की मांग की गई थी.
किस तरह की परियोजनाओं को मिलेगा मौका
सिग्नेचर ग्लोबल के संस्थापक और चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन में आई बाधाओं से निर्माण सामग्री की उपलब्धता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा कि चार महीने का विस्तार देने का सरकार का फैसला व्यावहारिक और दूरदर्शी है. नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) के अध्यक्ष परवीन जैन ने कहा कि पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण निर्माण सामग्री की उपलब्धता और लागत दोनों प्रभावित हुई हैं, जिससे परियोजनाओं में देरी होना स्वाभाविक है. यह राहत उन परियोजनाओं पर लागू होगी, जिनकी मूल, संशोधित या पहले से बढ़ाई गई तिथि 28 फरवरी, 2026 या उसके बाद की है.
About the Author
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
और पढ़ें

