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PM Modi Revanth Reddy Meeting: नीति आयोग की बैठक के बाद पीएम मोदी और सीएम रेवंत रेड्डी की मुलाकात से सियासी पारा चढ़ गया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि बीजेपी रेवंत रेड्डी को कांग्रेस हाईकमान से दूर करने की स्ट्रैटेजी पर काम कर रही है. बीआरएस ने दोनों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए इसे ‘जोड़ी’ सरकार कहा है. बीजेपी का मकसद 2028 चुनाव से पहले तेलंगाना में कांग्रेस को पूरी तरह कमजोर करना है.
पीएम मोदी और रेवंत रेड्डी की सीक्रेट केमिस्ट्री! (Photos Shared By PMO/X)
पीवी रमना कुमार/हैदराबाद: नीति आयोग की बैठक के बाद पीएम नरेंद्र मोदी और तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी की मुलाकात ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है. इस मुलाकात की तस्वीरों और दोनों नेताओं की बॉडी लैंग्वेज को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. पॉलिटिकल एनालिसिस करने वाले एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसके पीछे बीजेपी की एक गहरी स्ट्रैटेजी हो सकती है. बीजेपी तेलंगाना में कांग्रेस को कमजोर करने के लिए रेवंत रेड्डी को उनके हाईकमान से अलग करने का गेम प्लान बना रही है. रेवंत रेड्डी तेलंगाना में कांग्रेस की जीत के सबसे बड़े पिलर रहे हैं. अगर उनके और दिल्ली दरबार के बीच दूरी बढ़ती है तो इससे कांग्रेस कमजोर होगी और बीजेपी को सीधे फायदा मिलेगा. सोशल मीडिया पर भी इस मुलाकात को लेकर बहस छिड़ गई है. अपोजिशन पार्टियां आरोप लगा रही हैं कि दोनों नेताओं के बीच अंदरूनी सांठगांठ चल रही है.
पीएम मोदी और रेवंत रेड्डी की तस्वीरों से कांग्रेस क्यों परेशान है?
यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं. बीजेपी वर्कर्स इससे बेहद उत्साहित महसूस कर रहे हैं. कांग्रेस के लिए यह तस्वीरें एक बड़ा सिरदर्द बन गई हैं. क्योंकि इससे यह मैसेज जा रहा है कि रेवंत रेड्डी और मोदी के रिश्ते काफी मजबूत हैं. रेवंत रेड्डी ने पहले भी पीएम मोदी को ‘बड़ा भाई’ कहा था. इससे उनके बीच किसी गुप्त समझौते की अफवाहों को लगातार हवा मिल रही है.
मीनाक्षी नटराजन के मामले में रेवंत रेड्डी पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
अपोजिशन का कहना है कि यह जानकारी रेवंत रेड्डी के बिना बाहर नहीं जा सकती थी. बीआरएस के प्रवक्ता मन्ने कृषांक ने कहा है कि अगर रेवंत रेड्डी बेकसूर हैं तो उन्हें तुरंत इस पूरे मामले की जांच करानी चाहिए. इस विवाद ने कांग्रेस के अंदरूनी कलह को पूरी तरह से उजागर कर दिया है.
बीआरएस नेता केटीआर ने ‘जोड़ी’ सरकार का आरोप क्यों लगाया है?
बीआरएस के वर्किंग प्रेसिडेंट केटी रामा राव यानी केटीआर ने कांग्रेस और बीजेपी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. केटीआर ने दावा किया है कि तेलंगाना में रेवंत रेड्डी की सरकार को असल में बीजेपी और मोदी ही चला रहे हैं. उन्होंने इसे केंद्र की मोदी और राज्य की ‘जोड़ी’ सरकार का नाम दिया है.
केटीआर का आरोप है कि एक पॉक्सो (POCSO) केस में केंद्रीय मंत्री के बेटे को नौ दिनों तक बचाया गया. उनका कहना है कि बिना आपसी तालमेल के ऐसा प्रोटेक्शन मिलना बिल्कुल मुमकिन नहीं था. उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि पीएम मोदी ने खुद रेवंत रेड्डी पर ‘आरआर टैक्स’ वसूलने का आरोप लगाया था. लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ कोई कानूनी एक्शन क्यों नहीं लिया. केटीआर के मुताबिक मोदी ही रेवंत रेड्डी को हर मोर्चे पर बचा रहे हैं.

