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ओमान के तट के पास समंदर में एक तेल टैंकर ‘सेटोबेलो’ पर हुए भयंकर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारी भूचाल आ गया है. इस हमले के बाद जहाज पर सवार चालक दल के 3 भारतीय नागरिक अचानक लापता हो गए हैं, जिससे उनकी सलामती को लेकर डर और सस्पेंस लगातार बढ़ता जा रहा है. जैसे ही ये खबर नई दिल्ली पहुंची, भारत सरकार ने अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत जेसन मीक्स को तुरंत विदेश मंत्रालय तलब किया गया और उन्हें बंद कमरे में बहुत ही सख्त लहजे में हड़काते हुए दोटूक कह दिया गया कि अपने लोगों की सुरक्षा के साथ भारत कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं करेगा.
ओमान में भारतीय क्रू वाले जहाज पर अटैक
नई दिल्ली: ओमान के तट के पास समंदर में एक तेल टैंकर पर हुए हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भयंकर उबाल आ गया है. इस हमले में जहाज पर मौजूद चालक दल के 3 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश बहुत तेजी से की जा रही है. जैसे ही ये खबर नई दिल्ली पहुंची, भारत सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया. दिल्ली में तुरंत अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय तलब किया. भारत ने अमेरिका को हड़काते हुए दोटूक कह दिया है कि ऐसे हमले किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे.
ओमान में तेल टैंकर पर अटैक के बाद US डिप्लोमैट तलब
ओमान के तट के पास हमेशा की तरह जहाजों की आवाजाही जारी थी, लेकिन अचानक वहां शांति भंग हो गई जब पलाऊ के झंडे वाले एक बड़े तेल टैंकर ‘सेटोबेलो’ पर हमला हो गया और इसका इंजन रूम आग का गोला बन गया. जहाज पर 24 भारतीय चालक दल सवार थे, जिसमें से अब तक 21 भारतीयों को बचा लिया गया है, जबकि 3 भारतीय अभी तक लापता हैं.
जैसे ही ये खबर फैली, वैसे ही दिल्ली के साउथ ब्लॉक से लेकर वॉशिंगटन के व्हाइट हाउस तक फोन घनघनाने लगे. ये कोई मामूली समुद्री हादसा नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी सैन्य कार्रवाई जैसी घटना थी जिसने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग की सुरक्षा पर बहुत बड़ा खतरा पैदा कर दिया है. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए ये खबर किसी बड़े झटके से कम नहीं थी क्योंकि जहाज पर उनके अपने नागरिक मौजूद थे.
भारत ने अमेरिका को दी चेतावनी
भारत आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में बहुत सधे हुए और शांत शब्दों का इस्तेमाल करता है, लेकिन जब बात नागरिकों की आती है तब कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होती. ओमान तट पर हुए इस हमले के पीछे जब अमेरिकी लिंक सामने आया तो भारत सरकार ने जरा भी ढील नहीं बरती. दिल्ली में तैनात अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर इस वक्त भारत में मौजूद नहीं थे, इसलिए सरकार ने तुरंत उनके कार्यवाहक राजदूत जेसन मीक्स को सम्मन भेजकर तलब कर लिया.
विदेशी राजनयिक को इस तरह अचानक बुलाना अपने आप में बहुत बड़ा और कड़ा संदेश होता है. बंद कमरे में भारतीय अधिकारियों ने जेसन मीक्स के सामने इस घटना को लेकर अपनी गहरी नाराजगी और कड़ा विरोध जाहिर किया. भारत ने साफ किया कि वो अपने लोगों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं कर सकता.
अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत को विदेश मंत्रालय बुलाकर केवल औपचारिक बातचीत नहीं की गई, बल्कि उन्हें बहुत ही सख्त लहजे में समझा दिया गया कि भारत इस हरकत को हल्के में नहीं ले रहा है. भारत ने अमेरिकी डिप्लोमैट के सामने साफ-साफ कह दिया कि समंदर के इस अंतरराष्ट्रीय रास्ते में व्यापारिक जहाजों पर ऐसे हमले किसी भी पैमाने पर सही नहीं ठहराए जा सकते.
3 भारतीय क्रू मेंबर्स लापता
इस तेल टैंकर पर मौजूद चालक दल के 3 भारतीय नागरिक हमले के बाद से अचानक गायब हैं. शुरुआती रिपोर्ट्स में दो लोगों के लापता होने की बात कही गई थी और उनकी राष्ट्रीयता साफ नहीं थी, लेकिन अब ये कन्फर्म हो चुका है कि 3 भारतीय क्रू मेंबर्स का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है.
समंदर की लहरों के बीच वे कहां हैं और किस हाल में हैं, इसे लेकर सस्पेंस और डर लगातार बढ़ता जा रहा है. ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास ने भी इस बात की पुष्टि की है कि वे स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और लापता भारतीयों की तलाश के लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही है.
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Utkarsha Srivastava is seasoned digital journalist specializing in geo-politics issues, currently writing for World section of News18 Hindi. With over a decade of extensive experience in hindi digital media, sh…और पढ़ें

