दिल्ली यूनिवर्सिटी के SRCC यानी श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में पीएम नरेंद्र मोदी की एंट्री ने ऐसा माहौल बनाया कि कैंपस से लेकर सोशल मीडिया तक सिर्फ इसी की चर्चा है. शताब्दी समारोह में पहुंचे पीएम मोदी ने पुराने ढर्रे के भाषण देने के बजाय एकदम Gen Z स्टाइल में युवाओं से दिल की बात की. कॉलेज के एलुमनाई को असली ‘OG’ बताने से लेकर देश के विकास में अड़ंगा लगाने वालों को नाराज फूफा का टैग देने तक, पीएम मोदी का यह अवतार इंटरनेट पर छाया हुआ है. जब उन्होंने दिमागी नक्सलियों के लिए होम्योपैथी की गोली वाला तंज कसा तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा. 2013 की फ्रेजाइल-5 अर्थव्यवस्था से लेकर आज के मेक इन इंडिया और स्पेस स्टेशन के सपनों तक, जानिए पीएम मोदी के इस धांसू भाषण की 10 सबसे बड़ी बातें.
1. एसआरसीसी के OG असली एलुमनाई: दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं और जन-जी के बीच उनके ही अंदाज में संवाद किया. पीएम मोदी ने कॉलेज के पूर्व छात्रों को असली OG करार दिया. उन्होंने कहा कि SRCC के एलुमनाई ने दुनिया भर के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी खास पहचान बनाई है और भारत का नाम रोशन किया है. पीएम ने याद दिलाते हुए कहा कि उन्हें भी इनमें से कई दिग्गजों के साथ काम करने का अवसर मिला, जिनमें पूर्व वित्त मंत्री स्वर्गीय अरुण जेटली प्रमुख थे.
2. विरोध करने वालों को नाराज फूफा की संज्ञा: पीएम मोदी ने देश के विकास कार्यों में अड़ंगा लगाने वाले आलोचकों पर तीखा तंज कसते हुए उन्हें नाराज फूफा बताया. उन्होंने कहा कि जब भी देश में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, नई संसद भवन, हाई-स्पीड ट्रेन, UPI या वीर जवानों का मेमोरियल बनाने जैसा कोई बड़ा काम शुरू होता है, तो ये फूफा जी एक ही रट लगाते हैं, “इसकी क्या जरूरत थी?” लेकिन भारत ने ऐसे सभी लोगों को करारा जवाब दिया है.
3. दिमागी नक्सलियों के लिए होम्योपैथी की खुराक: स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने लाल किले से ‘दिमागी नक्सलियों’ के लिए होम्योपैथी की एक छोटी सी गोली दी थी. जिस तरह होम्योपैथी दवा बीमारी को शुरुआत में थोड़ा उभारती है, उसी तरह इस बयान के बाद सारे दिमागी नक्सल खुद-ब-खुद बाहर निकलकर सामने आने लगे और अब देश की जनता उनके असली रंग को अच्छी तरह देख रही है.
4. ग्लास आधा खाली नहीं, हवा से भी भरा है: साल 2013 के अपने SRCC दौरे को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उस समय देश में चारों तरफ निराशा का माहौल था. उन्होंने पानी के गिलास का प्रसिद्ध उदाहरण दोहराते हुए कहा कि लोग गिलास को आधा भरा या आधा खाली देखते हैं, लेकिन वे इसे पूरा भरा मानते हैं, आधा पानी से और आधा हवा से. उन्होंने 2013 के दौर में भी देश में उम्मीद की नई किरण देखी थी.
5. 2013 के काले दौर और घोटालों की याद दिलाई: पीएम मोदी ने 2013 की मीडिया सुर्खियों का जिक्र करते हुए युवाओं को याद दिलाया कि उस समय देश किस दौर से गुजर रहा था. तब अखबारों में सीमा पर जवानों की शहादत, 10 फीसदी की बेलगाम महंगाई, वर्ल्ड बैंक द्वारा घटाई गई जीडीपी ग्रोथ, वीवीआईपी हेलीकॉप्टर डील में रिश्वतखोरी और हैदराबाद बम धमाकों जैसी खबरें छाई रहती थीं. देश की अर्थव्यवस्था ‘फ्रेजाइल-5’ में सिमट कर रह गई थी.
6. मेक इन इंडिया की ब्रांड वैल्यू और एक्सपोर्ट: पीएम मोदी ने कहा कि 2013 में ‘मेक इन इंडिया’ का मजाक उड़ाने वाले इकोसिस्टम के लोग आज भी इसका उपहास करते हैं. हालांकि, आज पूरी दुनिया में मेड इन इंडिया स्मार्टफोन की धूम है. साल 2014 में जहां भारत मोबाइल फोन का भारी आयात करता था, वहीं आज भारत 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मोबाइल फोन दुनिया भर के देशों में एक्सपोर्ट कर रहा है.
7. डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में ऐतिहासिक उछाल: सेना के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले सेनाओं को छोटे-छोटे हथियारों के लिए विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था. सरकार ने रक्षा सामग्री की ‘नेगेटिव लिस्ट’ तैयार की और घरेलू कंपनियों को मौका दिया. नतीजतन, आज भारत का डिफेंस प्रोडक्शन 2 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है और डिफेंस एक्सपोर्ट 600-700 करोड़ से बढ़कर 40,000 करोड़ रुपये हो गया है.
8. 2013 के विपक्षी नेता का संयमित आचरण: पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2013 में जब वे SRCC आए थे, तब वे तत्कालीन केंद्र सरकार के प्रखर विरोधी और मुख्य विपक्षी पार्टी के नेता थे. लोगों को उम्मीद थी कि वे मंच से तत्कालीन सरकार पर तीखे आरोप लगाएंगे, लेकिन उन्होंने संस्थान की गरिमा का ध्यान रखते हुए कोई राजनीतिक हमला नहीं किया, बल्कि देश के सामने विकास का एक सकारात्मक विजन रखा था.
9. वैश्विक संकटों के बीच 7.8% की ग्रोथ रेट: पश्चिमी एशिया के युद्ध और वैश्विक व्यापार में जारी रुकावटों के बावजूद भारत की 7.8% की जीडीपी ग्रोथ रेट देश के आर्थिक सामर्थ्य को दर्शाती है. पीएम मोदी ने बताया कि देश में कार-बाइक्स की बिक्री, बिजली की खपत और सीमेंट-स्टील के इस्तेमाल में भारी बढ़ोतरी हुई है, जो इस बात का सबूत है कि देश में औद्योगिक गतिविधियां, मांग और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं.
10. अंतरिक्ष स्टेशन से लेकर ओलंपिक्स तक का संकल्प: युवाओं को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे छोटे लक्ष्य लेकर चलने वाले व्यक्ति नहीं हैं. उन्होंने देश के सामने संकल्प रखा कि आने वाले समय में भारत अनुसंधान, विनिर्माण और कृषि निर्यात का सुपरपावर बनेगा. भारत का अपना स्पेस स्टेशन होगा और देश एक दिन ऐसे भव्य ओलंपिक खेलों की मेजबानी करेगा कि पूरी दुनिया देखती रह जाएगी.

