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NEET UG 2026 Result Controversy: नीट यूजी रिजल्ट में हैरान करने वाला मामला सामने आया है. 24 घंटे के अंदर पोर्टल पर कैंडिडेट के नंबर 650 से घटकर सिर्फ 135 रह गए. ओएमआर शीट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है. जानिए क्या है पूरा विवाद और नीट यूजी कैंडिडेट ने कोर्ट से क्या मांग की है.
NEET UG 2026 Result Controversy: नीट यूजी रिजल्ट से जुड़ी गड़बड़ी सामने आई है
नई दिल्ली (NEET UG 2026 Result Controversy). नीट यूजी परीक्षा के नतीजों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. अब एक ऐसा अजीबोगरीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने एनटीए की ऑनलाइन चेकिंग और रिजल्ट सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक अभ्यर्थी का दावा है कि नीट यूजी रिजल्ट आने के बाद महज 24 घंटे के अंदर ऑफिशियल पोर्टल पर उसका स्कोर 1-2 नहीं, बल्कि 3 बार बदला. कैंडिडेट के नंबर 650 से घटकर सीधे 135 पर आ गए.
24 घंटे में नीट यूजी रिजल्ट कैसे बदलता रहा?
याचिका में दी गई जानकारी के अनुसार, छात्र ने जून में आयोजित नीट यूजी की परीक्षा दी थी. प्रोविजनल और फाइनल आंसर-की आने पर छात्र ने अपने जवाबों का मिलान किया. कैलकुलेशन के हिसाब से उसे लगभग 620 नंबर मिलने चाहिए थे. लेकिन असली ड्रामा 16 जुलाई को रिजल्ट आने के बाद शुरू हुआ. जब छात्र ने पहली बार लॉगिन किया तो उसके 650 अंक दिख रहे थे. थोड़ी देर बाद जब दोबारा लॉगिन किया तो अंक घटकर 500 हो गए. हद तो तब हो गई जब अगले दिन पोर्टल पर उसका स्कोर कार्ड केवल 135 अंक दिखाने लगा. बिना किसी स्पष्टीकरण के अचानक 515 नंबर गायब हो जाने से छात्र हैरान रह गया.
‘NTA ऑफिस में दिखाई गई OMR मेरी नहीं थी’
छात्र की कोर्ट से क्या मांग है?
एडवोकेट विनीत जिंदल के जरिए दायर इस याचिका में कैंडिडेट ने साफ किया है कि वह अपने उत्तरों का पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) नहीं चाहता, बल्कि केवल अपनी असली आंसर शीट का सच जानना चाहता है. याचिका में कोर्ट से ये प्रमुख मांगें की गई हैं:
- फिजिकल OMR शीट प्रेजेंट हो: NTA को निर्देश दिया जाए कि वह परीक्षा के दिन भरी गई असली OMR शीट कोर्ट के सामने रखे.
- डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहें: सर्वर लॉग, स्कैनिंग लॉग और मेटाडेटा जैसे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखा जाए, जिससे कोई छेड़छाड़ न हो.
- फॉरेंसिक जांच हो: किसी स्वतंत्र एक्सपर्ट या फॉरेंसिक लैब से OMR शीट की प्रामाणिकता की जांच कराई जाए.
- काउंसलिंग में मिले मौका: जब तक मामले का निपटारा नहीं होता, कैंडिडेट को नीट यूजी काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने की इजाजत दी जाए.
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Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…
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