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Nashik-Chennai Expressway : 5 राज्यों को पार करके बनाए जा रहे 900 किलोमीटर के चेन्नई-नासिक एक्सप्रेसवे का काम सुस्त पड़ गया है. महाराष्ट्र के 2 जिलों में 90 फीसदी जमीन अधिग्रहण का काम पूरा होने के बावजूद इसके निर्माण का ठेका अभी नहीं दिया जा सकता है. अनुमान है कि यह काम अब 30 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा. यह ई-वे कई मायनों में काफी खास होने वाला है.
नासिक-चेन्नई एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 900 किलोमीटर है.
नई दिल्ली. देश में एक्सप्रेसवे के बढ़ते नेटवर्क में ताजा नाम है नासिक-चेन्नई एक्सप्रेसवे का. पहले इसे सूरत से चेनई तक बनाया जाना था, लेकिन बाद में बदलकर नासिक से चेन्नई तक कर दिया गया है. 900 किलोमीटर के इस ई-वे के तैयार होने के बाद दोनों शहरों के बीच लगने वाला समय घटकर महज 9 से 10 का रह जाएगा. अभी यह दूरी करीब 1,400 किलोमीटर की है जिसे पूरा करने में 24 घंटे का समय लगा जाता है. लेकिन, इस ई-वे की रफ्तार फिलहाल सुस्त पड़ गई है. महाराष्ट्र के 2 जिलों में इसे बनाने के लिए 90 फीसदी जमीनों का अधिग्रहण भी पूरा किया जा चुका है, लेकिन फिर भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है.
दरअसल, नासिक-चेन्नई एक्सप्रेसवे के महाराष्ट्र सेक्शन पर नासिक से अक्कलकोट तक निर्माण के लिए बिडिंग निकलनी थी, लेकिन अब इसे 30 अक्टूबर तक के लिए पोस्टपोन कर दिया गया है. इस सेक्शन पर निर्माण के लिए सोलापुर और धाराशिव जिलों में 90 फीसदी जमीन का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है. हालांकि, अब भी अहिल्यानगर और नासिक जिलों में कुछ जमीनों का अधिग्रहण पूरा होना बाकी है. यही वजह है कि निर्माण की नीलामी प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है.
कितना लंबा है नासिक-अक्कालकोट सेक्शन
नासिक-चेन्नई एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 900 किलोमीटर है, जबकि नासिक से अक्कलकोट सेक्शन की लंबाई 374 किलोमीटर है. अभी दोनों शहरों के बीच आने-जाने में करीब 450 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन एक बार ई-वे तैयार हो गया तो यह दूरी करीब 75 किलोमीटर कम हो जाएगी. साथ ही इस दूरी को तय करने में लगने वाला समय भी महज 4 घंटे का रह जाएगा, जिसमें अभी 10 घंटे से ज्यादा लगते हैं.
5 राज्यों से गुजरेगा ई-वे
6 लेन के इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को 5 राज्यों में बनाया जाएगा. इस ई-वे के तैयार होने के बाद नासिक से चेन्नई तक महज 10 घंटे में पहुंचा जा सकेगा, जबकि अभी इस दूरी को पार करने में करीब 24 घंटे का समय लग जाता है. यह एक्सप्रेसवे कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, चेन्नई और महाराष्ट्र को जोड़ेगा. इन पांचों राज्यों को इस ई-वे से अच्छी कनेक्टिवटी मिलेगी और इन सभी राज्यों में कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा.
अब तक कितना पहुंचा काम
इस ई-वे का सबसे बड़ा सेक्शन नासिक से अक्कलकोट के बीच का है, जिस पर जमीन अधिग्रहण में फंसे पेच के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका है. इस सेक्शन पर 19,142 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है. इसके अलावा कर्नाटक और आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाले 177 किलोमीटर के रूट पर भी काम शुरू हो चुका है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने तो इसे साल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन अभी जमीन अधिग्रहण में आ रही देरी की वजह से प्रोजेक्ट के सुस्त पड़ने की आशंका है. पहले इस ई-वे को सूरत से चेन्नई तक बनाया जाना था, जो करीब 1,271 किलोमीटर था. बाद में इसमें से सूरत-नासिक खंड को हटा दिया गया और अब इसकी कुल दूरी घटकर 900 किलोमीटर रह गई है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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