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Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन में 1 जनवरी 2026 को हुए IED ब्लास्ट केस में NIA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब से 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. अरशदीप, करणप्रताप और दिलजोत सैनी नाम के ये आरोपी पहले से पंजाब की जेल में बंद थे. इस मामले में अब तक कुल 6 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. NIA आतंकी नेटवर्क और बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी है.
एनआईए मामले की जांच कर रही है.
1 जनवरी की सुबह, जब दुनिया नए साल के जश्न में डूबी थी, तब हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन में एक जोरदार धमाके ने सब कुछ हिलाकर रख दिया. सुबह करीब 9:40 बजे पुलिस स्टेशन के इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर (IO) के कमरे से सटी बाहरी दीवार के पास एक IED धमाका हुआ. नए साल की शुरुआत में पुलिस स्टेशन जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन को निशाना बनाना कोई छोटी-मोटी हरकत नहीं बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के मुंह पर सीधा थप्पड़ था. लेकिन अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस केस में बड़ा क्रैकडाउन करते हुए 3 और आरोपियों को धर दबोचा है, जिसके बाद इस पूरे नेटवर्क में गिरफ्तारियों का आंकड़ा 6 पर पहुंच गया है.
पंजाब से दबोचे गए 3 नए आरोपी, पहले से थे जेल में बंद
NIA ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए पंजाब के शहीद भगत सिंह (SBS) नगर और राहों इलाके के तीन शातिर आरोपियों को इस केस में अरेस्ट किया है. पकड़े गए आरोपियों में अरशदीप सिंह उर्फ अरश कंडोला, करणप्रताप और दिलजोत सैनी शामिल हैं. ये तीनों कोई आम आरोपी नहीं बल्कि पहले से ही पंजाब के गढ़शंकर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक अन्य केस (FIR नंबर 11/2026) के सिलसिले में जेल में बंद थे. NIA की जांच में जैसे ही नालागढ़ ब्लास्ट से इनके तार जुड़े, एजेंसी ने तुरंत एक्शन लेते हुए इन्हें भी अपनी कस्टडी में ले लिया.
2026 की शुरुआत में हिला था नालागढ़
घटना के तुरंत बाद स्थानीय नालागढ़ थाने में मामला दर्ज किया गया था, लेकिन इस ब्लास्ट के पीछे की गंभीरता को देखते हुए 8 मई 2026 को केस NIA को ट्रांसफर कर दिया गया. NIA ने BNS, एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट और UAPA (गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) जैसी गंभीर और सख्त धाराओं में मामला री-रजिस्टर किया. इससे पहले भी एजेंसी ने महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा और मनप्रीत सिंह उर्फ मनी को गिरफ्तार किया था. ये तीनों भी पहले मोहाली पुलिस (SSOC) की हिरासत में थे, जिन्हें बाद में NIA ने नालागढ़ केस में आरोपी बनाया.
बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी एजेंसी
अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस स्टेशन पर हुआ IED ब्लास्ट केवल एक स्थानीय घटना नहीं थी बल्कि इसके पीछे किसी बड़े आतंकी नेटवर्क या गैंगस्टर-टेरर सिंडिकेट की गहरी साजिश हो सकती है. NIA अब आरोपियों के आपस में कनेक्शन, फंडिंग के सोर्स, और इस पूरे नेटवर्क के पीछे बैठे मुख्य आकाओं तक पहुंचने के लिए कड़ियों से कड़ियाँ जोड़ रही है. एजेंसी का साफ कहना है कि इस साजिश में शामिल हर एक चेहरे को बेनकाब किया जाएगा.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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