ज्योतिरादित्य सिंधिया को लिखा पत्र
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने दूरसंचार नियामक ट्राई और केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध किया है। रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अंबानी ने स्पेक्ट्रम आवंटन के प्रशासनिक तरीके पर आपत्ति जताई है। उनका और एयरटेल के सुनील मित्तल का मानना है कि स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी के माध्यम से होना चाहिए।
दूसरी तरफ, स्टारलिंक के सीईओ एलन मस्क नीलामी का विरोध करते हैं। सैटेलाइट ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम में अभी व्यक्तिगत या घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए कोई प्रावधान नहीं है।
क्या है रिलायंस का पक्ष?
रिलायंस का कहना है कि नीलामी प्रक्रिया से घरेलू दूरसंचार कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा। यह उद्योग के हित में होगा। रिलायंस ने कहा है कि अभी अनिश्चितता का माहौल है। स्पेक्ट्रम आवंटन को प्राथमिकता दिए जाने के बावजूद किसी भी घरेलू कंपनी को अपने जियो-सैटेलाइट स्टेशन स्थापित करने का अवसर नहीं मिल पाएगा।
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि सैटेलाइट ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम का आवंटन प्रशासनिक रूप से किया जाएगा और कोई नीलामी नहीं होगी। हालांकि, सरकार ने यह भी कहा है कि यह मुफ्त नहीं होगा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद मस्क का रुतबा बढ़ा है। उन्हें सरकारी दक्षता विभाग यानी DODGE की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चुनाव प्रचार में एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप का पुरजोर समर्थन किया था।

