मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आरएसएस शताब्दी मनाई, सेवा और सामाजिक एकता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में इसकी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने इस मिशन में सार्वजनिक भागीदारी का आह्वान किया।
India
-Oneindia Staff
राष्ट्रीय
स्वयंसेवक
संघ
(RSS)
ने
अपनी
स्थापना
के
100
वर्ष
पूर्ण
कर
लिए
हैं।
इस
ऐतिहासिक
अवसर
पर
मध्यप्रदेश
के
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
एक
भावनात्मक
और
प्रेरणादायक
ब्लॉग
के
माध्यम
से
संघ
की
शताब्दी
यात्रा
को
राष्ट्र
निर्माण
की
दिशा
में
एक
संकल्प
यात्रा
बताया।

मुख्यमंत्री
ने
लिखा
कि
संघ
की
यात्रा
त्याग,
तपस्या,
निःस्वार्थ
सेवा
और
अनुशासन
का
प्रतीक
रही
है।
यह
यात्रा
अनेक
चुनौतियों
और
विषम
परिस्थितियों
में
भी
अपने
ध्येय
पथ
पर
अडिग
रही।
आद्य
सरसंघचालक
डॉ.
केशव
बलिराम
हेडगेवार
जी
के
संकल्प
और
स्वयंसेवकों
के
समर्पण
से
आज
संघ
का
ध्वज
पूरे
विश्व
में
लहरा
रहा
है।
डॉ.
यादव
ने
संघ
की
स्थापना
को
भारत
की
असाधारण
परिस्थितियों
से
जोड़ते
हुए
बताया
कि
1925
में
विजयादशमी
के
दिन
संघ
की
नींव
रखी
गई।
यह
तिथि
स्वार्थरहित
संघर्ष,
सत्य
की
स्थापना
और
धर्म
की
रक्षा
का
प्रतीक
है।
उन्होंने
कहा
कि
संघ
की
स्थापना
उस
समय
हुई
जब
भारत
विरोधी
शक्तियां
सक्रिय
थीं
और
समाज
विखंडन,
अस्पृश्यता
तथा
आत्मगौरव
की
कमी
से
जूझ
रहा
था।
उज्जैन
का
योगदान
और
संघ
की
अखंड
यात्रा
मुख्यमंत्री
ने
उज्जैन
की
भूमिका
को
रेखांकित
करते
हुए
बताया
कि
मालवा
क्षेत्र
की
इस
गौरव
नगरी
में
1930
के
दशक
में
ही
संघ
कार्य
अंकुरित
हो
गया
था।
हैदराबाद
आंदोलन,
गोवा
मुक्ति
संग्राम
और
दादरा
नगर
हवेली
में
उज्जैन
के
स्वयंसेवकों
की
सक्रिय
सहभागिता
और
बलिदान
संघ
की
राष्ट्र
सेवा
की
मिसाल
है।
संघ
पर
हमले
और
प्रतिबंधों
के
बावजूद
अडिग
संकल्प
संघ
पर
हुए
वैचारिक
और
राजनीतिक
हमलों,
प्रतिबंधों
और
स्वयंसेवकों
पर
हुए
प्राणघातक
हमलों
का
उल्लेख
करते
हुए
मुख्यमंत्री
ने
कहा
कि
संघ
कभी
रुका
नहीं,
थका
नहीं
और
न
ही
विचलित
हुआ।
गांधी
जी
की
हत्या
के
बाद,
आपातकाल
और
अयोध्या
घटना
के
बाद
भी
संघ
ने
अपने
कार्य
को
निरंतर
जारी
रखा।
पंच
परिवर्तन
का
आह्वान
और
राष्ट्र
चेतना
डॉ.
यादव
ने
सरसंघचालक
डॉ.
मोहन
भागवत
जी
द्वारा
दिए
गए
‘पंच
परिवर्तन’
के
सूत्रों
को
समाज
निर्माण
का
मार्ग
बताया।
इसमें
स्वदेशी,
नागरिक
कर्तव्य,
पर्यावरण
संरक्षण,
सामाजिक
समरसता
और
कुटुंब
प्रबोधन
जैसे
आयाम
शामिल
हैं।
उन्होंने
कहा
कि
इन
मूल्यों
को
आत्मसात
कर
हम
राष्ट्र
को
समृद्ध
बना
सकते
हैं।
प्रधानमंत्री
मोदी
का
सम्मान
और
अमृतकाल
की
शुरुआत
प्रधानमंत्री
श्री
नरेंद्र
मोदी
द्वारा
संघ
की
शताब्दी
यात्रा
पर
विशेष
डाक
टिकट
और
स्मृति
सिक्के
जारी
करने
को
मुख्यमंत्री
ने
राष्ट्र
के
प्रति
सम्मान
का
प्रतीक
बताया।
उन्होंने
कहा
कि
भारत
ने
अमृतकाल
में
प्रवेश
कर
लिया
है
और
यह
समय
राष्ट्र
के
परम
वैभव
की
ओर
अग्रसर
होने
का
है।
मुख्यमंत्री
का
आह्वान
लेख
के
अंत
में
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
प्रदेश
की
साढ़े
आठ
करोड़
जनता
से
अपील
की
कि
वे
संघ
की
राष्ट्र
चेतना
से
प्रेरित
होकर
राष्ट्र
निर्माण
में
सहभागी
बनें।
उन्होंने
विजयादशमी
की
शुभकामनाएं
देते
हुए
इसे
संकल्प
दिवस
के
रूप
में
मनाने
का
आग्रह
किया।

