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Viral Video News: मोरबी के वीरपाड़ा गांव में कुएं का पानी बिना हलचल के लहरों की तरह हिला. विशेषज्ञों ने इसे जमीन के भीतर बेहद हल्के झटके या आफ्टरशॉक का परिणाम बताया, जो फॉल्ट लाइन के पास सामान्य भूगर्भीय गतिविधि के कारण यह हुआ है.
गुजरात के मोरबी जिले के वीरपाड़ा गांव से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों को हैरान कर दिया है (फाेटो: लोकल 18)
मोरबी: गुजरात के मोरबी जिले के वीरपाड़ा गांव से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों को हैरान कर दिया है. वीडियो में खेत के बीच बने एक कुएं का पानी बिना किसी बाहरी हलचल के समुद्र की लहरों की तरह हिलता दिखाई दे रहा है. आसपास न कोई मशीन चल रही थी और न ही कुएं के पास कोई भारी वाहन मौजूद था. इसके बावजूद पानी में लगातार उठती लहरों ने ग्रामीणों के बीच डर और उत्सुकता दोनों पैदा कर दी.
कुछ लोगों ने इसे किसी अनहोनी का संकेत बताया तो किसी ने इसे अपशगुन से जोड़ दिया. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. हालांकि विशेषज्ञों ने साफ किया है कि इस घटना के पीछे कोई रहस्य, चमत्कार या अंधविश्वास नहीं, बल्कि जमीन के भीतर हुई बेहद हल्की हलचल जिम्मेदार हो सकती है.
खेत में पहुंचे किसानों ने देखा अजीब नजारा
बताया जा रहा है कि वीरपाड़ा गांव के किसान रोज की तरह अपने खेतों में काम करने पहुंचे थे. इसी दौरान उनकी नजर खेत में बने कुएं पर पड़ी. कुएं का पानी अचानक तेजी से हिल रहा था. ग्रामीणों ने पहले सोचा कि शायद कोई जानवर पानी में गिर गया है या कुएं के भीतर कोई मोटर चल रही है लेकिन आसपास देखने पर ऐसी कोई वजह दिखाई नहीं दी. कुएं के अंदर भी किसी तरह की गतिविधि नजर नहीं आई. पानी में उठती लहरें इतनी स्पष्ट थीं कि वह दृश्य किसी छोटे समुद्र या तालाब में तेज हवा के बाद बनने वाली लहरों जैसा लग रहा था. लोगों ने तुरंत मोबाइल फोन से वीडियो बनाना शुरू कर दिया. कुछ ही समय में यह वीडियो गांव से निकलकर सोशल मीडिया तक पहुंच गया.
क्या जमीन के नीचे हो रही थी कोई बड़ी हलचल?
वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या जमीन के नीचे कोई बड़ी भूगर्भीय हलचल हो रही है. मोरबी और कच्छ का इलाका पहले भी भूकंप और छोटे झटकों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है. इसी वजह से कई ग्रामीणों को डर था कि कहीं यह किसी बड़े भूकंप से पहले का संकेत तो नहीं. कुछ लोगों ने इसे धार्मिक या अंधविश्वासी नजरिए से देखना शुरू कर दिया. गांव में चर्चा फैल गई कि क्या कुएं का पानी किसी आने वाली आपदा की चेतावनी दे रहा है.इस रहस्य को समझने के लिए न्यूज 18 गुजराती ने वैज्ञानिक धनंजयभाई रावल से संपर्क किया गया. उन्होंने पूरे घटनाक्रम का वैज्ञानिक कारण बताते हुए ग्रामीणों से न घबराने की अपील की.
विशेषज्ञ ने बताया- बेहद हल्का आफ्टरशॉक हो सकता है कारण
धनंजयभाई रावल के अनुसार, कुएं के पानी में उठी लहरों का संभावित कारण जमीन के भीतर आया बेहद हल्का झटका हो सकता है. उन्होंने बताया कि मोरबी और वीरपाड़ा का क्षेत्र एक फॉल्ट लाइन के आसपास स्थित है. फॉल्ट लाइन पृथ्वी की सतह के नीचे मौजूद वह हिस्सा होता है, जहां चट्टानों में दरार या टूटन होती है और वे एक-दूसरे के सापेक्ष खिसक सकती हैं. जब जमीन के नीचे की प्लेटों या चट्टानों में हल्की गति होती है, तो छोटे झटके पैदा हो सकते हैं. कई बार ये झटके इतने कमजोर होते हैं कि आम लोगों को महसूस भी नहीं होते. संभव है कि ऐसे झटके भूकंप मापने वाले उपकरणों में भी स्पष्ट रूप से दर्ज न हों. हालांकि जमीन की यही बेहद हल्की गति कुएं के भीतर मौजूद सीमित पानी पर असर डाल सकती है. यही कारण हो सकता है कि लोगों ने जमीन में कोई कंपन महसूस नहीं किया, लेकिन कुएं का पानी लंबे समय तक हिलता दिखाई दिया.
आफ्टरशॉक क्या होता है?
किसी बड़े या मध्यम भूकंप के बाद उसी इलाके में आने वाले छोटे झटकों को आमतौर पर आफ्टरशॉक कहा जाता है. ये झटके जमीन के भीतर चट्टानों के दोबारा संतुलन बनाने की प्रक्रिया के कारण आ सकते हैं. हालांकि हर छोटा झटका किसी बड़े भूकंप के बाद ही आए यह जरूरी नहीं है. कई बार फॉल्ट लाइन के आसपास सामान्य भूगर्भीय गतिविधियों के कारण भी बेहद हल्की कंपन होती रहती है. विशेषज्ञों का कहना है कि वीरपाड़ा में दिखाई दी घटना संभवतः ऐसी ही हल्की भूगर्भीय गतिविधि से जुड़ी थी. इसके आधार पर किसी बड़ी आपदा की आशंका नहीं जताई जानी चाहिए.
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अरुण बिंजोला वर्तमान में News18 हिंदी में एसोसिएट एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वह करीब 19 वर्षों से काम कर रहे हैं, जिसमें 13 वर्षों से अधिक समय डिजिटल मीडिया में बी…
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