आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि मैं और मेरे साथी लोग एमआईपी कंपनी के प्रमोटर थे। हम लोग, लोगों को एडवाईज देते थे कि आप एक बाइक लगाने के लिए 62,100 रुपये जमा करेंगे तो उससे आपको एक वर्ष तक 10,100 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे और 5,000 रुपये कमीशन उसी वक्त मिलेगा। आरोपी जितेन्द्र खंडवाल भाई राजेश खंडवाल ने मैपल इनोवेटिव प्रमोटिव (एमआईपी) के नाम से यह कंपनी बनाई थी। इसमें कई करोड़ रुपया इकट्ठा हुआ था।
बहुल से लोगों से लगवाए थे पैसे
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि आरोपी जितेन्द्र खंडवाल उपरोक्त के खाते में 30 लाख रुपये आए है। इसके बाद में यह कंपनी पैसा लेकर के भाग गई थी। यह कंपनी फर्जी तरीके से लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रही थी। इसमें आरोपी जितेन्द्र खंडवाल से भी बहुत लोगों से पैसे लगवाए गए थे। इसके बाद यह भी नोएडा से भाग गया था।
आरोपी पर चार केस दर्ज थे
करीब पांच साल तक फरार रहने के दौरान पुलिस ने कई बार दबिश दी, लेकिन हर बार चकमा देकर भाग जाता था। इस बार मुखबिर की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दबिश दी और आरोपी को धरदबोचा। इसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसके खिलाफ थाना सेक्टर-58 में चार मुकदमें दर्ज है।

