
Manmohan Singh Death News LIVE: दो बार प्रधानमंत्री रहे और 1991 के ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों के निर्माता डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में गुरुवार को निधन हो गया. गंभीर हालत में उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराए जाने के कुछ ही देर बाद अस्पताल ने उनके निधन की खबर दी. शुक्रवार को होने वाले सभी सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं. सात दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डॉ मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देने उनके आवास पहुंचे. साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा दिल्ली में दिवंगत पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह के आवास पर पहुंचे.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि उन्हें हमेशा “देश के अच्छे प्रधानमंत्री” के रूप में याद किया जाएगा. उन्होंने कहा “डॉ. मनमोहन सिंह ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने देश को आर्थिक रूप से मजबूत किया, आज देश में जो भी चीजें दिख रही हैं, वह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की वजह से हैं. आर्थिक नीतियों में उनके द्वारा लिए गए निर्णयों के कारण ही आज हम दुनिया में बराबरी पर हैं. वह कम बोलते थे, लेकिन उस समय उन्होंने जो निर्णय लिए, वे आज हमें दिखाते हैं कि उन्होंने कितनी सावधानी से निर्णय लिए थे.”
कांग्रेस सूत्रो के अनुसार आज देर रात 1 बजे , मनमोहन सिंह की बेटी अमेरिका से लौटेंगी. कल सुबह 8 से 10 के बीच AICC में मनमोहन सिंह के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. AICC मुख्यालय में राहुल गांधी, सोनिया गांधी सहित सभी बड़े नेता पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि देंगे. इसके बाद AICC से ही अंतिम यात्रा शुरू होगी.
राजघाट के पास जहां प्रधानमंत्रियों के अंतिम संस्कार होते हैं वहीं डॉ मनमोहन सिंह का भी अंतिम संस्कार किया जाएगा. चूंकि पीएम के अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया में सरकार भी शामिल है इसलिए बहुत बातें मनमोहन सिंह के परिवार और सरकार के ऊपर भी निर्भर करती हैं. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अटल बिहारी वाजपेई की तरह ही मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार के लिए जगह की मांग करेगी.
मनमोहन सिंह को 2004 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार का नेतृत्व करने के लिए चुना गया था, जब गठबंधन ने भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के खिलाफ जीत हासिल की थी. उन्होंने जुलाई 2005 में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए. सिंह दूसरे कार्यकाल के लिए लौटे, जो गठबंधन के बढ़ते दबाव और उनकी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा था. मनमोहन सिंह एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री, भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर थे, नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहै. और जिसने 1990 के दशक की शुरुआत में भारतीय अर्थव्यवस्था को खोला, और 2004 और 2009 में दो बार प्रधानमंत्री बने.

