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LinkedIn Success Story: कभी रोजाना सिर्फ 300 रुपये कमाने वाले रामथुल्ला शेख ने पढ़ाई को अपनी जिंदगी बदलने का जरिया बनाया. नौकरी करते हुए उन्होंने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग 2024 में AIR 809 हासिल की.फिर IISc से MTech पूरा किया. उन्हें करीब 15 लाख रुपये सालाना के ऑफर मिले लेकिन उन्होंने नौकरी के बजाय रिसर्च को चुना. अब वह नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर से पीएचडी कर रहे हैं.
Ramthulla Shaik Success Story, Linkdin viral story: मजदूरी से सिंगापुर यूनिवर्सिटी तक पहुंचने की कहानी.
LinkedIn Success Story: रामथुल्ला शेख की कहानी उन छात्रों के लिए खास मायने रखती है जो मानते हैं कि आर्थिक परेशानी या नौकरी के बाद पढ़ाई करना उनके सपनों में बड़ी रुकावट है. आंध्र प्रदेश के एक लोअर-मिडिल क्लास परिवार से आने वाले रामथुल्ला ने कभी मजदूर के तौर पर करीब 300 रुपये रोज कमाए. इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी की, लेकिन नौकरी के साथ उन्होंने GATE यानी ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग की तैयारी की. इस तरह उन्होंने 2024 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ऑल इंडिया रैंक 809 हासिल किया. इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) बेंगलुरु में एडमिशन लिया और अब वह नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर(NUS)में पीएचडी(PhD)कर रहे हैं.
हाल ही में सोशल मीडिया पर उनकी कहानी शेयर की गई, जिसमें उनके संघर्ष से लेकर पढ़ाई और करियर में मिली सफलता का जिक्र किया गया. उनकी LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने IISc से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी(MTech) के साथ पूरा किया और इसके बाद पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में PhD के लिए नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर का रुख किया.
आंध्र प्रदेश के स्कूल से शुरू हुई पढ़ाई
रामथुल्ला शेख की शुरुआती पढ़ाई आंध्र प्रदेश में हुई. उन्होंने जिला परिषद हाई स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी की. इसके बाद उन्होंने ससीकांत रेड्डी जूनियर कॉलेज से गणित,भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान की पढ़ाई की.आगे चलकर उन्होंने श्री वेंकटेश्वर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी(BTech)किया. उन्होंने 2021 में BTech की पढ़ाई पूरी की और उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक उनका अकादमिक स्कोर 8.9/10 रहा.उनकी कहानी में पढ़ाई के साथ आर्थिक चुनौतियों का भी जिक्र आता है. सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी के मुताबिक एक समय उन्होंने कूली के तौर पर काम किया और करीब 300 रुपये रोज कमाए.
इंजीनियरिंग के बाद नौकरी की
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद रामथुल्ला ने तुरंत अकादमिक सफर को खत्म नहीं किया. फरवरी 2022 में उन्होंने एक नामी कंपनी में सिस्टम इंजीनियर के तौर पर काम शुरू किया.एक तरफ वह कॉर्पोरेट नौकरी कर रहे थे वहीं दूसरी तरफ उनके मन में आगे पढ़ाई करने की इच्छा बनी रही. इसी दौरान उन्होंने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE)की तैयारी शुरू की.
Ramthulla Shaik Success Story: लिंक्डिन पोस्ट वायरल हो रही है.
नौकरी के साथ की GATE की तैयारी
ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग परीक्षाओं में शामिल है. इस परीक्षा के जरिए छात्र देश के प्रमुख संस्थानों में पोस्टग्रेजुएट इंजीनियरिंग प्रोग्राम में प्रवेश ले सकते हैं. इसके अलावा GATE स्कोर का इस्तेमाल कई तकनीकी भर्ती अवसरों में भी किया जाता है.रामथुल्ला ने नौकरी के साथ इसकी तैयारी जारी रखी.नौकरी और पढ़ाई को एक साथ संभालना आसान नहीं था, लेकिन उनकी मेहनत का नतीजा GATE 2024 में आया.उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ऑल इंडिया रैंक 809 हासिल की.
अच्छी रैंक से मिला IISc में एडमिशन
GATE में ऑल इंडिया रैंक 809 के बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc)में दाखिला लिया.GATE में सफलता के बाद रामथुल्ला को IISc बेंगलुरु में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी करने का मौका मिला. उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में MTech में दाखिला लिया.IISc में उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ कई तकनीकी और अकादमिक क्षेत्रों में काम किया.उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक उनकी रुचि एनालॉग इंटीग्रेटेड सर्किट डिजाइन और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में रही.उन्होंने IISc में सिर्फ छात्र के तौर पर ही काम नहीं किया, बल्कि अकादमिक जिम्मेदारियां भी संभालीं.
IISc में टीचिंग असिस्टेंट भी रहे
रामथुल्ला ने IISc के डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में टीचिंग असिस्टेंट के तौर पर भी काम किया. वह पावर इलेक्ट्रॉनिक्स लेबोरेटरी,कंट्रोल सिस्टम्स डिजाइन कोर्स और एसएमपीसी लैब से जुड़े रहे.इसके अलावा उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस में प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी संभाली यानी मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी के दौरान उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ टीचिंग, लेबोरेटरी वर्क और प्लेसमेंट जैसी जिम्मेदारियों में भी हिस्सा लिया.जून 2026 में उन्होंने IISc से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में अपना MTech पूरा किया.
नौकरी छोड़ रिसर्च का रास्ता चुना
रामथुल्ला की कहानी से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि GATE में प्रदर्शन के बाद उन्हें कई सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से करीब 15 लाख रुपये सालाना के ऑफर मिले.इसके बावजूद रामथुल्ला ने इन नौकरी के विकल्पों के बजाय रिसर्च को आगे बढ़ाने का फैसला किया.अच्छी नौकरी के विकल्प सामने होने के बावजूद रामथुल्ला ने अपना रास्ता अलग चुना. उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी के बाद पढ़ाई की. GATE पास किया और IISc जैसे देश के प्रमुख शोध संस्थान से MTech किया और अब रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया है.अगस्त 2026 में उन्होंने नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर में पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में पीएचडी स्कॉलर के तौर पर अपनी नई शुरुआत की.इस तरह उनका सफर एक सामान्य इंजीनियरिंग ग्रेजुएट की नौकरी से निकलकर भारत के प्रमुख शोध संस्थान IISc और फिर दुनिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक NUS तक पहुंच गया.
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वर्तमान में न्यूज़18 हिंदी (Network18 Digital)में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पिछले 16 वर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इस दौरान प्रिंट, डिजिटल और टेलीविजन मीडिया में काम कर…
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