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Kuhoo Garg IPS SVPNPA Sword of Honor: घुटने की गंभीर चोट के बाद बैडमिंटन छोड़ यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा क्रैक करने वाली गुजरात कैडर की आईपीएस कुहू गर्ग चर्चा में हैं. इन्हें हैदराबाद में स्थित आईपीएस ट्रेनिंग सेंटर एसवीपीएनपीए में ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया है.
Kuhoo Garg IPS SVPNPA: आईपीएस कुहू गर्ग बैडमिंटन खिलाड़ी रह चुकी हैं
नई दिल्ली (Kuhoo Garg IPS SVPNPA). जिंदगी कब कौन सा मोड़ ले ले, कोई नहीं जानता. कई बार लोग जिस रास्ते पर अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं, अचानक वही बंद हो जाता है. लेकिन फिर उससे भी बड़ी मंजिल का दरवाजा खुल जाता है. कुछ ऐसी ही कहानी है देश की होनहार बेटी और गुजरात कैडर की आईपीएस कुहू गर्ग की. उन्होंने बैडमिंटन कोर्ट पर चमकने का सपना देखा था. लेकिन घुटने की गंभीर चोट ने उनके खेल करियर पर फुलस्टॉप लगा दिया. हालांकि, कुहू ने इस मुश्किल वक्त को अपनी ताकत बनाया और यूपीएससी की कठिन परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली.
बैडमिंटन के कोर्ट से आईपीएस की वर्दी तक: कुहू गर्ग की सक्सेस स्टोरी
उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक कुमार की बेटी कुहू गर्ग के लिए यह मुकाम हासिल करना आसान नहीं था. लेकिन उनकी अपनी मेहनत ने इसे मुमकिन कर दिया. 22 सितंबर 1998 को जन्मी कुहू गर्ग ने महज 9 साल की उम्र से बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था. मेहनत के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर 56 और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 19 पदक अपने नाम किए. साल 2018 में वह विश्व चैंपियनशिप के क्वॉर्टर फाइनल तक भी पहुंची थीं. इससे देश को उनसे खेलों में बड़े गोल्ड मेडल की उम्मीद थी.
जब एसीएल इंजरी ने बदली जिंदगी की दिशा
खेल के दौरान कुहू गर्ग के घुटने में गंभीर ACL Injury हो गई. डॉक्टरों ने उन्हें लंबे समय तक आराम करने और कोर्ट से दूर रहने की सलाह दी. किसी भी प्रोफेशनल एथलीट के लिए यह सबसे डरावना दौर होता है, जहां उसका करियर खतरे में पड़ जाता है. लेकिन कुहू गर्ग ने इस सदमे को अपनी हार नहीं बनने दिया. बेड रेस्ट के दौरान उन्होंने अपनी एनर्जी को सही दिशा में मोड़ा और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी चुपचाप शुरू कर दी.
पहले ही प्रयास में यूपीएससी क्रैक और अब SVPNPA में सम्मान
परिवार के साथ से रचा जीवन का नया फलसफा
आईपीएस कुहू गर्ग अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपनी मां, परिजनों, डॉक्टरों और गाइड्स को देती हैं. कुहू गर्ग का मानना है कि जिंदगी आपको हमेशा वहीं ले जाती है, जहां आपके लिए कुछ बेहतर लिखा होता है. बैडमिंटन खिलाड़ी से देश की तेज-तर्रार आईपीएस अफसर बनने तक का कुहू गर्ग का सफर साबित करता है कि खेल का मैदान हो या खाकी वर्दी का कठोर प्रशिक्षण, अनुशासन और जिजीविषा ही सफलता की असल कुंजी है.

