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Gujarat Kesar Mango: गुजरात के पोरबंदर में इस बार प्रकृति का अनोखा नजारा देखने को मिला. आमतौर पर अप्रैल-मई में बाजार में आने वाला केसर आम अक्टूबर में ही नीलामी के लिए पहुंच गया. 10 किलो के एक बक्से की कीमत 14,500 रुपये लगी, जबकि चार बक्से कुल 53,500 रुपये में बिके. जानिए बारिश की कमी और भीषण गर्मी के बीच समय से पहले आम पकने की पूरी कहानी…
पोरबंदर: गुजरात का केसर आम अपने स्वाद और खुशबू के लिए देश ही नहीं, दुनिया भर में मशहूर है. आमतौर पर इसका सीजन अप्रैल के आसपास शुरू होता है और मई में यह अपने चरम पर पहुंचता है. लेकिन इस बार प्रकृति का ऐसा अनोखा रंग देखने को मिला कि सर्दियों की शुरुआत से पहले ही केसर आम बाजार में पहुंच गया. गुजरात के पोरबंदर मार्केटिंग यार्ड में शरद पूर्णिमा के अगले दिन नीलामी के लिए केसर आम के चार बक्से लाए गए. हर बक्से में 10 किलो आम थे.
कहां से आए आम के चार बक्से?
ये आम गुजरात के बरडा क्षेत्र के रानावव और हनुमानगढ़ गांवों से लाए गए थे. इन्हें पोरबंदर मार्केटिंग यार्ड स्थित सुदामा फ्रूट कंपनी में नीलामी के लिए रखा गया. आम के सामान्य सीजन से कई महीने पहले इनका बाजार पहुंचना व्यापारियों के लिए हैरानी की बात थी. नीलामी की शुरुआत नारियल फोड़कर और मिठाइयां बांटकर की गई. व्यापारियों ने इसे प्रकृति का अनोखा करिश्मा बताया.
एक बक्से की कीमत लगी ₹14,500
नीलामी में 10 किलो के एक बक्से के लिए 14,500 रुपये की बोली लगी. इस हिसाब से आम की कीमत 1,450 रुपये प्रति किलो रही. दो अन्य बक्से 28,500 रुपये में बिके, यानी 1,425 रुपये प्रति किलो की दर से. वहीं, चौथे बक्से की कीमत 10,500 रुपये लगी, जो 1,050 रुपये प्रति किलो के बराबर है. चारों बक्सों की कुल बिक्री 53,500 रुपये में हुई. इनमें से एक बक्सा राजकोट और दूसरा पोरबंदर के व्यापारी ने खरीदा, जबकि दो बक्से ब्रिटेन (UK) निर्यात करने के लिए खरीदे गए.
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बारिश की कमी और भीषण गर्मी बनी वजह
सुदामा फ्रूट कंपनी के नितिन दसानी के अनुसार, इस बार मानसून के दौरान बारिश की कमी और उसके बाद पड़ी भीषण गर्मी के कारण आम के पेड़ों पर श्रावण महीने में ही समय से पहले फूल आ गए थे. इन्हीं असामान्य मौसमी परिस्थितियों के चलते आम समय से पहले पक गए और बाजार तक पहुंच गए. हालांकि, यह सामान्य सीजन से अलग घटना है और इससे केसर आम के पूरे उत्पादन या मौसम के बारे में कोई व्यापक निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.
आमतौर पर अप्रैल-मई में आता है केसर आम:
गुजरात के गिर-सोमनाथ और आसपास के इलाकों में पैदा होने वाला केसर आम अपनी खास पहचान रखता है और बड़ी मात्रा में विदेशों में भी भेजा जाता है. आमतौर पर गर्मियों में बाजार में आने वाला यह फल अक्टूबर में नीलामी के लिए पहुंचा, जिसने कारोबारियों और ग्राहकों को हैरान कर दिया. अब इस असामान्य समय पर हुई नीलामी की वजह से पोरबंदर का यह केसर आम चर्चा में है.

