Last Updated:
Today Earthquake News: बारामूला ज़िले में शुक्रवार को देर शाम भूकंप के झटके महसूस किए गए. मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने जानकारी देते हुए बताया कि इसकी तीव्रता 4.1 आंकी गई थी. किसी भी प्रकार की नुकसान की खबर नहीं है.
बारामूला में महसूस किए गए भूकंप के झटके. (फोटो- @metsrinagar) Jammu Kashmir Earthquake: जम्मू और कश्मीर के बारामूला ज़िले में शुक्रवार 15 जनवरी को शाम 7 बजकर 10 मिनट हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए. 5 किलोमीटर की कम गहराई वाले इस झटके का सेंटर श्रीनगर से 19 km WNW में लैटीट्यूड 34.13 और लॉन्गीट्यूड 74.59 पर था. अधिकारियों ने भूकंप की घटना का रिव्यू किया, जिन्होंने कन्फर्म किया कि यह मामूली थी. इससे किसी भी प्रकार की नुकसान या किसी के हताहत होने की तुरंत कोई रिपोर्ट नहीं मिली है.
स्टैंडर्ड सेफ्टी एडवाइज़री
खबर है कि श्रीनगर और आस-पास के इलाकों में रहने वालों ने भूकंप का झटका महसूस किया, जिसके बाद लोकल अधिकारियों ने स्टैंडर्ड सेफ्टी एडवाइज़री जारी की और लोगों की सेफ्टी पक्का करने के लिए हालात पर नजर रखी. स्थानीय निवासियों ने बताया कि भूकंप आने पर कई लोग घरों से बाहर निकल आए. कुछ जगहों पर लोग छतों और बालकनियों से नीचे उतरे, लेकिन किसी भी तरह की कोई जान-माल की हानि की खबर नहीं है. प्रशासन ने तुरंत स्थिति की समीक्षा की और पुष्टि की कि भूकंप हल्का था, इसलिए किसी बड़े नुकसान की आशंका नहीं है. जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम ने लोगों से शांत रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है.
अफवाह पर ध्यान न दें
भूकंप विज्ञानियों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण भूकंपीय गतिविधियां आम हैं. यह क्षेत्र प्लेट टेक्टॉनिक्स की वजह से सक्रिय है, जहां इंडियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट आपस में टकरा रही हैं. उथली गहराई के भूकंप अक्सर ज्यादा महसूस होते हैं, लेकिन कम तीव्रता के कारण नुकसान कम होता है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और यदि कोई असामान्य गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें. विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि भूकंप आने पर ‘ड्रॉप, कवर एंड होल्ड ऑन’ तकनीक अपनाएं और भारी सामान से दूर रहें। फिलहाल स्थिति सामान्य है और कोई बड़ा खतरा नहीं दिख रहा.
एक हफ्ते पहले भी आए झटके
इससे पहले 9 जनवरी को ताजिकिस्तान में 5.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके कश्मीर घाटी में महसूस हुए. 1 जनवरी को भी न्यू ईयर की सुबह हिमाचल-कश्मीर सीमा पर 2.0 तीव्रता का झटका आया. हाल के महीनों में जम्मू-कश्मीर में हल्के भूकंप आम हो गए हैं, क्योंकि यह क्षेत्र हिमालयी टेक्टॉनिक प्लेटों की गतिविधि से प्रभावित है. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने बताया कि उथले केंद्र वाले भूकंप ज्यादा महसूस होते हैं, लेकिन कम तीव्रता के कारण नुकसान कम होता है.
About the Author
दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें

