ईरान और उसके प्रॉक्सी का शिकार
इजरायल ने कहा है कि उसने गुरुवार को सैन्य ठिकानों और इस्लामिक जिहाद के मुख्यालय को निशाना बनाया। हालांकि, उसने अभी तक शुक्रवार को हुए हमले पर कोई टिप्पणी नहीं है। इजरायल इन हमलों में ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड और तेहरान के प्रॉक्सी चरमपंथी गुटों के नेताओं को निशाना बना रहा है।
आईडीएफ ने एक दिन पहले ही ऐलान किया था कि उसने सीरिया-लेबनान सीमा पर सीरियाई क्रॉसिंग पर हमला किया था। इस क्रॉसिंग का इस्तेमाल हिजबुल्लाह को हथियार भेजने के लिए किया जाता था। आईडीएफ ने बताया कि क्रॉसिंग पर हमले ने हिजबुल्लाह की यूनिट 4400 की क्षमता को नुकसान पहुंचाया है।
हिजबुल्लाह की यूनिट 4400 बनी निशाना
हिजबुल्लाह की यूनिट 4400 ईरान से सीरिया और फिर वहां से लेबनान तक हथियारों की सप्लाई की जिम्मेदारी संभालती है, जिसका उपयोग हिजबुल्लाह इजरायली सेना और होम फ्रंट के खिलाफ योजनाओं में करता है। इसके 10 दिन पहले इजरायली सेना ने दमिश्क में हिजबुल्लाह के खुफिया मुख्यालय से जुड़ी संपत्तियों पर हमला किया था। एक महीने पहले ही हिजबुल्लाह के खुफिया प्रमुख हुसैन अली हजिमा की बेरूत में हत्या कर दी गई थी।

