फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल ने हमले से कुछ देर पहले अमेरिका को सूचना दी थी। अमेरिकी अधिकारी कथित तौर से इस बात को लेकर नाराज थे कि पिछले महीने जिस हमले में हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह मारा गया, उसकी उन्हें पहले से सूचना नहीं दी गई थी। अमेरिका ने कहा कि इजरायल को आत्म रक्षा का अधिकार है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक बाइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका इस हमले में शामिल नहीं है।
न्यूक्लियर ठिकाने पर नहीं किया हमला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायली सेना से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि वह ईरान की न्यूक्लियर या तेल फैसिलिटी पर हमला नहीं कर रहा है। उसका फोकस ईरान के मिलिट्री टार्गेट हैं। अमेरिका लगातार इजरायल से कहता रहा है कि वह ईरान की तेल या न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला न करे। एक्सपर्ट्स चेतावनी देते रहे हैं कि इससे बड़े पैमाने पर खाड़ी में युद्ध फैल सकता है। इतना ही नहीं पूरी दुनिया में तेल के दाम में उछाल देखा जा सकता है।
सीरिया पर भी हुआ हमला!
वहीं सीरिया की सरकारी SANA न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल ने लगभग 2 बजे दक्षिणी और मध्य सीरिया में कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ये हमले उसी समय हुए जब इजरायल ने ईरान के खिलाफ जवाबी हमला शुरू किया था। SANA का दावा है कि एयर डिफेंस सिस्टम ने कुछ इजरायली मिसाइलों को तबाह कर दिया। अधिकारी अभी भी नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
ईरान ने एयरस्पेस बंद किया
इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस के मुताबिक शनिवार को जब हमला शुरू हुआ तो वह तेल अवीव के किरया सैन्य अड्डे में एक बंकर में थे। नेतन्याहू के कार्यालय की ओर से शेयर की गई तस्वीरों में इजरायली पीएम को रक्षा मंत्री योव गैलेंट और अन्य सैन्य अधिकारियों के बगल में बैठे देखा जा सकता है। वहीं हमले के बाद ईरान ने अपना एयर स्पेस बंद कर दिया है। शनिवार सुबह 9 बजे तक एयरस्पेस बंद करने का नोटिस जारी हुआ है।

