Indian Railway Recruitment: भारतीय रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है. लोकसभा में पेश किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक पिछले करीब ढाई साल में रेलवे ने 54 हजार से ज्यादा नई नियुक्तियां की हैं. इसके साथ ही 2024 में शुरू किए गए वार्षिक भर्ती कैलेंडर (Annual Recruitment Calendar)का असर भी अब दिखाई देने लगा है. सरकार का कहना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया पहले के मुकाबले अधिक नियमित और तेज हुई है हालांकि दूसरी ओर रेलवे की नौकरी पाने की चुनौती भी लगातार बढ़ती जा रही है. कई भर्तियों में एक पद के लिए सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों उम्मीदवारों ने किस्मत आजमाई है.
2014 के बाद रेलवे में कितनी भर्तियां हुईं?
रेल मंत्रालय ने 22 जुलाई 2026 को लोकसभा में जानकारी दी कि 1 अप्रैल 2014 से 30 जून 2026 तक भारतीय रेलवे में 5.56 लाख लोगों की नियुक्ति की जा चुकी है. यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में काफी बढ़ा है.दरअसल अप्रैल 2025 में सरकार ने संसद को बताया था कि 2014-15 से 2023-24 तक रेलवे में 5.02 लाख लोगों की भर्ती हुई थी. अब नए आंकड़ों के अनुसार सिर्फ करीब ढाई साल की अवधि में ही रेलवे ने करीब 54 हजार अतिरिक्त नियुक्तियां कर ली हैं.वहीं तुलना के लिए सरकार ने यह भी बताया कि 2004-05 से 2013-14 के बीच रेलवे में कुल 4.11 लाख भर्तियां हुई थीं. यह आंकड़ा पहले की तरह ही बना हुआ है.
वार्षिक भर्ती कैलेंडर से कैसे बदली व्यवस्था?
रेल मंत्रालय का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को नियमित बनाने के लिए वर्ष 2024 में ग्रुप-सी भर्ती के लिए सालाना भर्ती कैलेंडर (Annual Recruitment Calendar)शुरू किया गया. इसका उद्देश्य यह था कि उम्मीदवारों को भर्ती का इंतजार लंबे समय तक न करना पड़े परीक्षाओं की तारीख पहले से तय हो और चयन प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जा सके.इसी नई व्यवस्था के तहत 2024, 2025 और 2026 के दौरान कुल 1,61,889 गैर-राजपत्रित (Non-Gazetted)पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई.
2024 में निकली सबसे बड़ी भर्ती
रेलवे ने 2024 में सबसे बड़े स्तर पर भर्ती अभियान चलाया. इस दौरान 10 Centralised Employment Notifications (CEN) जारी किए गए जिनके माध्यम से 92,116 पदों पर भर्ती निकाली गई.इन पदों में असिस्टेंट लोको पायलट (ALP), टेक्नीशियन, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल, जूनियर इंजीनियर, पैरामेडिकल स्टाफ, ट्रैक मेंटेनर, पॉइंट्समैन और लेवल-1 के कई अन्य पद शामिल थे.रेल मंत्रालय के अनुसार इन सभी भर्तियों के लिए पहले चरण की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) पूरी की जा चुकी है.
एक साल में 3.58 करोड़ युवाओं ने दी परीक्षा
रेलवे की नौकरियों का आकर्षण कितना बड़ा है इसका अंदाजा उम्मीदवारों की संख्या से लगाया जा सकता है.साल 2024 में 92,116 रिक्तियों के लिए 3.58 करोड़ उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए. इसका मतलब है कि औसतन हर एक पद के लिए लगभग 389 उम्मीदवार मैदान में थे.सिर्फ लेवल-1 श्रेणी की भर्ती परीक्षा में ही 1.08 करोड़ से ज्यादा अभ्यर्थियों ने भाग लिया.
RPF SI भर्ती में सबसे ज्यादा मुकाबला
2024 की भर्ती में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा रेलवे सुरक्षा बल (RPF) सब-इंस्पेक्टर पद के लिए देखने को मिली.इन पदों की संख्या केवल 452 थी जबकि परीक्षा में 15.35 लाख उम्मीदवार शामिल हुए यानी एक पद के लिए लगभग 3,400 उम्मीदवार थे.इसी तरह NTPC Undergraduate भर्ती में भी एक सीट के लिए औसतन 1,837 उम्मीदवार मैदान में थे.
2025 में भी नहीं घटा
रेल मंत्रालय के मुताबिक, 2025 में भी रेलवे भर्ती के प्रति युवाओं का उत्साह बना रहा.जिन 29,775 पदों के लिए पहले चरण की परीक्षा पूरी हो चुकी है उनमें 90.96 लाख उम्मीदवार शामिल हुए यानी औसतन हर एक पद के लिए 306 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी.
सेक्शन कंट्रोलर भर्ती में भी हजारों दावेदार
2025 में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा सेलेक्शन कंट्रोलर (Section Controller)पदों पर देखने को मिली.इन पदों की संख्या केवल 368 थी जबकि 4.33 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी.इसका मतलब है कि एक पद के लिए करीब 1,179 उम्मीदवार मुकाबले में थे.
2026 में किन पदों पर भर्ती चल रही है?
रेल मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक तीन नई भर्ती अधिसूचनाएं (CEN)जारी की जा चुकी हैं.इनके तहत कुल 17,803 पदों पर भर्ती की जा रही है.इनमें 11,127 असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) 6,557 टेक्नीशियन और 119 सेक्शन कंट्रोलर के पद शामिल हैं चूंकि इन भर्तियों के नोटिफिकेशन मार्च से जून 2026 के बीच जारी हुए हैं इसलिए अभी इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या उपलब्ध नहीं है.
3,300 से ज्यादा उम्मीदवारों का चयन भी पूरा
रेल मंत्रालय के अनुसार 2026-27 में 30 जून 2026 तक 3,300 से अधिक उम्मीदवारों का चयन अंतिम रूप से किया जा चुका है.इनमें टेक्नीशियन, जूनियर इंजीनियर, पैरामेडिकल स्टाफ, मिनिस्ट्रियल एवं आइसोलेटेड कैटेगरी और असिस्टेंट लोको पायलट जैसे पद शामिल हैं.मंत्रालय का कहना है कि इनमें बड़ी संख्या सुरक्षा से जुड़े पदों की है.
आरक्षण व्यवस्था पहले जैसी ही रहेगी
सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को पहले की तरह सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षण का लाभ मिलता रहेगा हालांकि इस बार श्रेणीवार रिक्तियों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया.
क्या कॉन्ट्रैक्ट भर्ती स्थायी नौकरी की जगह ले रही है?
रेल मंत्रालय ने इस सवाल पर भी स्थिति साफ की है। सरकार का कहना है कि संविदा (Contract) पर नियुक्तियां केवल अस्थायी व्यवस्था होती हैं ताकि रेलवे का कामकाज प्रभावित न हो. जैसे ही नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी होती है.स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी जाती है इसलिए संविदा भर्ती को स्थायी नौकरियों का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए.
पेपर लीक को लेकर सरकार का बड़ा दावा
रेल मंत्रालय ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी अपनी बात रखी. सरकार ने कहा कि करोड़ों उम्मीदवारों के साथ 100 से अधिक शहरों और 15 भाषाओं में इतनी बड़ी भर्ती प्रक्रिया आयोजित करने के बावजूद पूरे भर्ती चक्र में पेपर लीक या इसी तरह की किसी बड़ी गड़बड़ी का कोई मामला सामने नहीं आया है.
क्या कहते हैं ये आंकड़े?
लोकसभा में पेश आंकड़े बताते हैं कि रेलवे ने पिछले कुछ वर्षों में भर्ती की रफ्तार तेज की है. वार्षिक भर्ती कैलेंडर लागू होने के बाद नियमित रूप से नई भर्तियां निकाली जा रही हैं और हजारों युवाओं को नौकरी भी मिल रही है लेकिन दूसरी तरफ प्रतियोगिता भी लगातार बढ़ रही है. कई पदों पर एक सीट के लिए सैकड़ों से लेकर हजारों उम्मीदवार मैदान में उतर रहे हैं. ऐसे में रेलवे की नौकरी हासिल करने के लिए अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत तैयारी, सही रणनीति और लगातार अभ्यास की जरूरत होगी.

