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Save Money on Home Loan : होम लोन पर ब्याज के रूप में पैसों की बचत कैसे कर सकते हैं. अगर आप भी होम लोन लेने जा रहे हैं तो 5 टिप्स हमेशा यार रखनी होगी, जो लोन का बोझ कम करने में काम आएंगे.
होम लोन पर ब्याज का बोझ घटाने के लिए कुछ टिप्स इस्तेमाल करने चाहिए. अमूमन होम लोन की अवधि 20 से 30 साल की होती है. इतनी लंबी अवधि में बैंक आपसे मोटा ब्याज भी वसूलते हैं. ज्यादातर मामलों में तो ब्याज की रकम उसके मूलधन के मुकाबले ज्यादा हो जाती है. वैसे तो होम लोन पर ब्याज दर कम होती है और इस पर टैक्स का फायदा भी मिलता है. इतना ही नहीं, लोन के पुनर्भुगतान के लिए समय भी ज्यादा मिलता है. जाहिर है कि इसे लेने में लोग हिचकिचाते नहीं हैं. लेकिन, अगर आप 5 टिप्स पर ध्यान देते हैं तो 40 लाख रुपये के लोन पर ही करीब 14 लाख रुपये का ब्याज बचा लेंगे.
मान लीजिए कि आपने 40 लाख रुपये का होम लोन 9.50 फीसदी ब्याज पर लिया है. इस लोन की अवधि है 20 साल की. इस कंडीशन में होम लोन की ईएमआई 37,285 रुपये बनेगी. इस ब्याज दर और ईएमआई के साथ 20 साल के टेन्योर में 49,48,459 रुपये सिर्फ ब्याज दर के रूप में चुकाने होंगे. इस तरह, देखा जाए तो लोन पर कुल भुगतान 89,48,459 रुपये देना होगा. अब इस पर ब्याज दर बचाने के क्या तरीके हो सकते हैं.
टेन्योर को 20 से घटाकर 15 साल करें तो…
सबसे पहला तरीका है कि टेन्योर को जितना संभव हो घटाया जाए. अगर इसे 20 साल के बजाय 15 साल कर दिया जाए तो ईएमआई 37,285 रुपये के बजाय बढ़कर 41,769 रुपये हो जाएगी. इसका मतलब है कि हर महीने का बोझ आएगा सिर्फ 4,484 रुपये. इस ईएमआई पर ब्याज के रूप में कुल 35,18,418 रुपये ही चुकाने होंगे. इस तरह, आपने देखा कि 5 साल का टेन्योर घटाकर ही आपने करीब 14 लाख रुपये ब्याज के रूप में ही बचा लिए. अब आपको पूरे टेन्योर में जो लोन चुकाना होगा वह सिर्फ 75,18,418 रुपये ही होगा.
5 टिप्स जो हमेशा याद रखें
- अपने लोन के टेन्योर को जितना संभव हो कम रखने की कोशिश करें. 20 साल के बजाय 15 साल रखकर ही आपने 14 लाख रुपये बचा लिए.
- ईमएआई को जितना ज्यादा हो सके रखें ताकि आपके लोन की अवधि कम हो और जल्दी खत्म हो जाए.
- होम लोन लेने से पहले तमाम बैंकों से कम्पेयर करें, जिसकी ब्याज दर कम हो, उसी से लोन लेने की कोशिश करें.
- जितना ज्यादा हो सके मूलधन को चुकाने का प्रयास करें. बैंक पहले ब्याज की ही वसूली करते हैं तो आप संभव हो तो एक या दो ईएमआई हर साल ज्यादा भरें, ताकि मूलधन की रकम रकम हो जाए.
- लंबी अवधि से हमेशा बचने की कोशिश करें. आपका टेन्योर जितना छोटा होगा, लोन का बोझ भी उतना ही कम रहेगा.
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि… और पढ़ें

