जॉब के बहाने मिली, घर बुलाकर फंसाया
महिला की मुलाकात पहले मेहराज से हुई। मेहराज ने उसकी पहचान वसी मोहम्मद, यूसुफ और एक अन्य शख्स से कराई। मेहराज मेरठ के टीपीनगर थाना क्षेत्र की शिव हरि कॉलोनी निवासी एक शख्स को जानता था, जो वहां की एक सिक्योरिटी एजेंसी के प्रबंधक हैं। चारों ने उन्हें फंसाकर लूटने की योजना बनाई। 26 सितंबर को आरती नौकरी के बहाने प्रबंधक से मिली। वह अपना आधार कार्ड नहीं ले गई थी। आरती ने कहा कि वह मोदीनगर में उसके घर आ जाएं, वहीं आधार कार्ड दे देगी।
एक अक्टूबर को प्रबंधक मोदीनगर आए तो आरती ने उन्हें अपने घर बुला लिया। मकान का मुख्य गेट खुला था। वह अंदर पहुंचे तो आरती न्यूड होकर बैठी थी। वह कुछ समझ पाते कि बाकी तीनों आरोपी भी आ गए और आरती प्रबंधक से लिपट गई। तीनों ने मोबाइल से फोटो क्लिक कर लिए। इसके बाद खुद को सीबीआई, एसओजी और मीडिया से बताकर मामले को दबाने के लिए रुपये की डिमांड की गई। आरोपियों ने प्रबंधक कार में बंधक बना लिया। निवाड़ी से होते हुए हरनंदी की तरफ ले गए। रास्ते में मारपीट कर उनसे 48 हजार रुपये लूट लिए गए। सात दिन में 10 लाख रुपये नहीं देने पर फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई। पीड़ित को रास्ते में कार से फेंककर आरोपी फरार हो गए।
आरती को मिलने थे चार लाख रुपये
वारदात को योजना बनाकर अंजाम दिया जा रहा था। 10 लाख मिलने के बाद चार लाख रुपये आरती को मिलने थे। प्रबंधक से लूटे गए 48 हजार रुपये में आरती को फिलहाल हिस्सा नहीं दिया गया था। गिरफ्तार आरोपी मेहराजुद्दीन आठवीं और वसी दूसरी क्लास तक पढ़ा है। मेहराजुद्दीन निवाड़ी में आम के बाग की ठेकेदारी करता है। वसी मजदूर है। मेहराजुद्दीन को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
वारदात में इस्तेमाल कार पर लगी थी फर्जी नंबर प्लेट
पीड़ित ने तहरीर में कार का नंबर भी लिखा था। जांच में सामने आया है कि कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। जांच में यह नंबर ऑटो का निकला है। कार की व्यवस्था फरार यूसुफ ने कराई थी। पुलिस का कहना है कि उसकी गिफ्तारी के बाद कार बरामद की जाएगी।

