एकता को लेकर करता रहा इनकार
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में विमल सोनी एकता के बारे में कुछ भी जानने से इनकार करता रहा। शुक्रवार देर रात उसने कहा कि एकता की हत्या कर उसने शव को गंगा में फेंक दिया था। इसके बाद पुलिस उसे लेकर रात में ही अटल घाट पहुंच गई। वहां विमल ने एक स्थान दिखाया। हालांकि, इस दौरान उसके बयानों की पूरी कड़ी नहीं जुड़ती दिखी।
पुलिस ने इसके बाद सख्ती से पूछताछ शुरू की। इसके बाद विमल सोनी पुलिस टीम को भैरव घाट, सरइया घाट, बाबा घाट लेकर गया। हर जगह उसकी बातों में विरोधाभास नजर आया। उसके बयान पहले के बयानों से मैच नहीं करते पाए। इसके बाद पुलिस ने सख्ती बढ़ाई।
शनिवार देर शाम टूटा विमल
पुलिस की सख्ती के आगे आखिरकार शनिवार शाम विमल सोनी टूट गया। उसने एकता की हत्या कर लाश सरकारी परिसर स्थित क्लब में दफनाने का दावा किया। विमल सोनी का दावा सुन पुलिस के होश उड़ गए। मामले की जानकारी हाई ऑफिशियल्स को दी गई। देर शाम तक अफसर के बीच मंथन चला रहा।
इसके बाद परिसर की खुदाई की मंजूरी मिली। डीएम आवास से सटे ऑफिसर्स क्लब परिसर में खुदाई को लेकर व्यापक सुरक्षा के इंतजाम किए गए। भारी-भरकम फोर्स की मौजूदगी में खुदाई हुई। देर रात खुदाई में पहले कुछ सड़े-गले मानव अंग मिले। कुछ ही देर में पूरा कंकाल बाहर आ गया।
परिजनों ने की पहचान
परिजनों ने उसके एकता का शव होने की पुष्टि कर दी। सूत्रों के मुताबिक, विमल सोनी का ऑफिसर्स क्लब में खूब आना-जाना था। 2010 से ही वह क्लब के अफसरों के साथ खेल में भाग लेता था। उन्हें एक्सरसाइज के टिप्स भी देता था। इस कारण वह कई अफसर का करीबी बन गया था। 2019 में उसका चयन ग्रीन पार्क में ट्रेनर के रूप में हो गया। विमल का इसके बाद क्लब आना काम हो गया था।
उठे कई गंभीर सवाल
एकता की हत्या मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि विमल शव को लेकर इस सुरक्षित स्थान तक कैसे पहुंच गया? अगर पहुंच भी तो वह दफनाने में कामयाब कैसे हुआ? हालांकि, इन सवालों के जवाब अभी तक मिले नहीं है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मामले में सारा सच सामने आ पाएगा।
हत्या के कारणों पर भी सवाल
एकता की हत्या की वजहों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि विमल सोनी ने एकता की हत्या क्यों की? इसके पीछे प्रेम प्रसंग, लालच या कुछ और था। अभी यह साफ नहीं हुआ है। पारिवारिक सूत्रों का दावा है कि एकता के खाते में 55 लाख रुपये थे। उसके पास सवा करोड़ रुपये से अधिक के जेवरात थे। वह उसके साथ ही लापता हो गई थी। संभावना जताई जा रही है कि विमल सोनी ने ही हत्या से पहले जेवरात और पैसे हड़प लिए थे।

