Last Updated:
निर्वाचन आयोग ने वर्क एलोकेशन ऑर्डर को लेकर उठी तमाम अफवाहों पर विराम लगाते हुए बड़ी सफाई दी है. आयोग के अधिकारियों का कहना है कि काम के बंटवारे का यह फैसला आयोग की सर्वसम्मति से लिया गया था और डीजी (IT) सीमा खन्ना के रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर या पदानुक्रम (Hierarchy) में कोई बदलाव नहीं हुआ है. वह पहले भी डीईसी (DEC) स्तर के अधिकारी को ही रिपोर्ट करती थीं.
चुनाव आयोग ने सफाई दी है. (PTI)
23 सितंबर के नियम ही लागू
आयोग ने यह भी साफ किया कि हालिया निर्देश केवल 23 सितंबर 2025 के पुराने ऑफिस ऑर्डर का आंशिक संशोधन मात्र हैं. जुलाई 2026 में डेपुटेशन पर आए एक अधिकारी द्वारा जारी किया गया विवादित वर्क ऑर्डर कभी असल में लागू हुआ ही नहीं था, जिस पर चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में भी ECI ने यही बात दोहराई है कि आयोग का आंतरिक कामकाज पूरी तरह से पुराने और तयशुदा नियमों के तहत ही सुचारू रूप से चल रहा है.
RTI से खुली थी आंतरिक कलह की पोल
ट्रांसपेरेंसी एक्टिविस्ट कमोडोर लोकेश बत्रा (रि.) द्वारा हासिल आरटीआई दस्तावेजों से पता चला था कि 28 जुलाई को डीईसी भानू प्रकाश येतुरु के लीव पर जाते ही मनीष गर्ग को एडमिनिस्ट्रेशन विंग दिया गया था, जिसके कुछ ही घंटों में उन्होंने काम का बंटवारा बदल दिया. चुनाव आयुक्त जोशी ने अपनी चिट्ठी में यह भी लिखा था कि जब उन्होंने एडमिनिस्ट्रेशन डिवीजन से संबंधित फाइल मांगी, तो उन्हें फाइल तक नहीं दी गई थी.
About the Author
पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…

