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Dharmendra Pradhan Resigns: नीट विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. सीजेपी के भारी विरोध के बाद उन्होंने यह कदम उठाया. पद छोड़ने के बाद उनसे मिलने वालों का तांता लग गया. सबसे पहले जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह उनके घर पहुंचे. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी उनसे मुलाकात की. सरकार ने सीजेपी की सभी मांगें मान ली हैं. इसके बाद सीजेपी ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया है.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद घर पहुंचे जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह. (File Photo)
नई दिल्ली: नीट यूजी परीक्षा में हुई गड़बड़ी के बाद भारी बवाल मचा था. इसके चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को सौंप दिया है. इस्तीफे की खबर आते ही राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है. सबके मन में यह सवाल था कि पद छोड़ने के बाद प्रधान से मिलने सबसे पहले कौन पहुंचा. जानकारी के मुताबिक सबसे पहले जेपी नड्डा ने उनसे मुलाकात की. इसके तुरंत बाद डॉ जितेंद्र सिंह भी उनके आवास पर पहुंचे. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी उनके घर जाकर लंबी बातचीत की. जंतर-मंतर पर सीजेपी का दस दिनों से बड़ा विरोध प्रदर्शन चल रहा था. सीजेपी लगातार उनके इस्तीफे और एफआईआर वापसी की मांग कर रही थी. आखिरकार सरकार को सीजेपी की सभी मांगें माननी पड़ीं. इसके बाद आंदोलन खत्म हो गया है.
इस्तीफे के बाद प्रधान के घर पहुंचने वाले वीआईपी नेता कौन हैं?
जैसे ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आई, उनके घर पर नेताओं का जमावड़ा लग गया. सबसे पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने उनसे जाकर मुलाकात की. इसके बाद केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह भी उनके आवास पर पहुंचे और हालात पर चर्चा की. इस कड़ी में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का नाम भी शामिल है. रेखा गुप्ता ने भी प्रधान से मिलकर मौजूदा राजनीतिक हालात पर लंबी गुफ्तगू की.
धर्मेंद्र प्रधान के अचानक इस्तीफे की असली वजह आखिर क्या रही?
सीजेपी के बड़े आंदोलन के सामने सरकार को क्यों झुकना पड़ गया?
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दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…
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