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दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी बिल्डिंग ढहने से कई छात्र लापता हैं. इनके बिल्डिंग के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है; अभी तक इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो चुकी है. लापता छात्रों में एक देवास का रहने वाला अर्पित भी है, जो राखी के बाद हादसे के दिन ही दिल्ली पीजी में लौटा था, उसकी मां रो-रोकर उसे मलबे में ढूंढ रही है.
सत्य निकेतन इमारत ढहने में मलबे में लापता बेटे अर्पित को ढूंढते हुए देवास से दिल्ली आई मां का रो-रोकर बुरा हाल.
दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में कई घरों के चिराग बुझ गए हैं. बिल्डिंग के मलबे में दबे अपने बच्चों को खोजते-खोजते मां-बाप दूसरे राज्यों से दिल्ली पहुंच रहे हैं. इन्हीं में से एक हैं अर्पित की मां, जिनका रो-रोकर हाल बेहाल है. वे बार-बार बस एक ही नाम पुकार रही हैं, अर्पित. उनके जीवन की उम्मीद उनका बेटा अर्पित भी इस हादसे का शिकार हो गया है.
सत्य निकेतन के पीजी में रहने वाला अर्पित हादसे के बाद से ही लापता है. न तो उसका फोन लग रहा है और न ही उसका कुछ पता चल रहा है. अर्पित के दोस्त दिल्ली के लगभग सभी अस्पतालों में खंगाल चुके हैं, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं है, वहीं उसके माता-पिता पीजी वाली जगह पर ही मलबे में दबे होने की आशंका के चलते लगातार अपने बेटे के मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं.
सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी की इमारत गिरने से बड़ा हादसा हो गया है.
इस दौरान अर्पित की मां ने रोते हुए न्यूज18 इंडिया को बताया कि वह दिल्ली के एआरएसडी कॉलेजे में पढ़ता था. वह मध्य प्रदेश के देवास का रहने वाला था और इस रक्षाबंधन पर अपने घर गया था. वहां से राखी का त्योहार मनाकर रविवार सुबह ही दिल्ली वापस लौटा था. हादसे से पहले दोपहर 12 बजे उसने अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात की थी. उसने बताया था कि वह सुरक्षित पीजी पहुंच गया है. उसने कहा कि थोड़ा आराम कर लूं, फिर बात करता हूं. उसके बाद से उसका फोन बंद है. न कोई कॉल और न ही कोई मैसेज आया.
पिता ने बताया कि वे ही पिछले साल दिल्ली आए थे उसके साथ और उसे पीजी में छोड़कर आए थे. तब पीजी ठीक था, कहीं कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन क्या पता था कि इसमें इतना बड़ा हादसा हो जाएगा. अर्पित के माता-पिता दोनों का ही रो-रोकर बुरा हाल है. वे भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं.
कब और कैसे हुआ हादसा?
पुलिस ने बताया कि ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत का काम हो रहा था जिसके कारण इमारत ढह गई.
बता दें कि दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पीजी की एक इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई. सत्य निकेतन में ‘हॉस्टल डेज’ नाम की पांच मंजिला पीजी बिल्डिंग ढह गई. बेसमेंट में चल रहे मरम्मत के काम के कारण और पुरानी कमजोर इमारत होने के चलते पूरी बिल्डिंग ही जमींदोज हो गई. अभी तक 6 बच्चों की मौत हो चुकी है. कई छात्र घायल हैं. जबकि कई अभी भी मलबे में फंसे बताए जा रहे हैं. हालांकि मौके पर प्रशासन और स्थानीय लोग लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं.
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में ढही इमारत को ‘Hostel Daze’ के नाम से जाना जाता था. कल दोपहर से ही यहां बचाव कार्य चल रहा है.
इस दौरान छात्रों के माता-पिता भी पहुंचे हुए हैं और वे अपने बच्चों को तलाश रहे हैं. बता दें कि सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी साउथ कैंपस के छात्रों का सबसे बड़ा ठिकाना है. यहां सस्ते पीजी हैं और कॉलेज के नजदीक हैं लेकिन सुरक्षा का कोई ठिकाना नहीं है. यहां ज्यादातर पुरानी इमारतें हैं, जिनमें बेसमेंट भी बने हुए हैं, कई इमारतें अवैध हैं. यही सब वजहें हैं कि ये खतरनाक हो चुकी हैं.
इन पीजी में हर साल अर्पित जैसे सैकड़ों छात्र रहने की उम्मीद में आते हैं. यहां अपने सपनों को पूरा करते हैं. हालांकि अभी सिर्फ यहां चीखें सुनाई दे रही हैं और मलबा दिखाई दे रहा है.
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Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …
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