Hawk News
  • Hindi News
  • Business
  • Education
  • Health
  • Jobs
  • Politics
  • Sports
  • Tech
  • All
  • Hindi News
  • Business
  • Education
  • Health
  • Jobs
  • Politics
  • Sports
  • Tech
  • All
Facebook Twitter Instagram
Wednesday, June 24
Facebook Twitter LinkedIn VKontakte
Hawk News
Banner
  • Hindi News
  • Business
  • Education
  • Health
  • Jobs
  • Politics
  • Sports
  • Tech
  • All
Hawk News
Home » All News » Delhi Election News: बीजेपी की डबल इंजन की सरकारों का प्रदर्शन बेहतर या आप की सिंगल इंजन भारी? आंकड़ों में देख लीजिए – is jp’s double engine government performing better or aapssingle engine dlehi government doing better? look at the statistics
Hindi News

Delhi Election News: बीजेपी की डबल इंजन की सरकारों का प्रदर्शन बेहतर या आप की सिंगल इंजन भारी? आंकड़ों में देख लीजिए – is jp’s double engine government performing better or aapssingle engine dlehi government doing better? look at the statistics

HawkNewsBy HawkNewsJanuary 16, 2025No Comments9 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email
Total Views: 0
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) 2014 से देश की राजधानी दिल्ली की सत्ता में है। उसी साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) केंद्र में सत्ता में आई थी। पीएम मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की लोकप्रियता चरम पर रही। दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप के पास राजनीति और शासन का कोई अनुभव नहीं था। फिर भी, बीजेपी दिल्ली में आप को हराने में नाकाम रही है। वास्तव में, ऐसे बहुत कम राज्य हैं जहां बीजेपी पिछले एक दशक में सत्ताधारी सरकार को हटाने में नाकाम रही है।

बीजेपी का डबल इंजन सरकार वाला दांव

ज्यादातर मामलों में बीजेपी का चुनावी दांव यही रहा है कि अगर राज्य के मतदाता विधानसभा चुनावों में बीजेपी को चुनते हैं तो उन्हें फायदा होगा। इसका कारण पीएम मोदी का ‘डबल इंजन सरकार’ का नारा है। यानी, एक राज्य के लिए बेहतर होगा कि केंद्र और राज्य, दोनों जगह बीजेपी की सरकार हो। जिन ज्यादातर राज्यों के चुनावों में बीजेपी एक मजबूत दावेदार रही, वहां यह तर्क काम करता दिखा। पिछले एक दशक में बीजेपी इस तर्क से सिर्फ तीन बार ही जीत नहीं पाई- दिल्ली में आप के, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस, और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले महागठबंधन के खिलाफ। गौर करने वाली बात है कि बीजेपी इन तीनों नेताओं पर वंशवादी होने का आरोप भी नहीं लगा पाती है जो विरोधियों के खिलाफ उसका एक बड़ा हथियार है। हालांकि, नीतीश कुमार अब बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा हैं।

सिंगल बनाम डबल इंजन का प्रदर्शन

सवाल यह है कि क्या आप के शासन में दिल्ली ने बीजेपी शासित राज्यों की डबल इंजन सरकार से बेहतर प्रदर्शन किया है? उन राज्यों का क्या, जहां एक तरह से सिंगल इंजन सरकार है? उन राज्यों का क्या जहां बीजेपी राज्य स्तर पर एक मजबूत विकल्प नहीं थी? ऐसा कोई एक कारक या कारकों का समूह नहीं है जो इन सवालों का निश्चित जवाब दे सके। हालांकि, रिजर्व बैंक (RBI) की दिसंबर में जारी वार्षिक प्रकाशन ‘भारतीय राज्यों के लिए सांख्यिकी की हैंडबुक’ में कुछ प्रमुख मैक्रोइकॉनॉमिक घटकों पर वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2023-24 के बीच विभिन्न राज्यों के प्रदर्शन का ब्योरा है।

पैमानों पर कौन राज्य कितने खरे?

अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट द इंडियन एक्सप्रेस ने बीजेपी और विरोधी दलों के शासन वाले राज्यों की तुलना के लिए चार घटकों को चुना है। इनमें शामिल हैं- आर्थिक प्रदर्शन (राज्य का प्रति व्यक्ति आर्थिक उत्पादन, मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और रोजगार दर), सरकार का वित्तीय स्वास्थ्य (राजकोषीय घाटा या सरकार पर उधार और बकाया देनदारियों का स्तर), सरकार की व्यय प्राथमिकताएं (वे भौतिक बुनियादी ढांचे के निर्माण पर कितना खर्च करती हैं, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर कितना खर्च करती हैं) और राज्य के निवासियों का कल्याण (गरीबी दर और बिजली की प्रति व्यक्ति उपलब्धता)।

संकेतक दिल्ली गुजरात हरियाणा बिहार प. बंगाल तमिलनाडु
प्रति व्यक्ति जीडीपी 3.2 6.6 4.5 3.5 4 5.8
वित्त वर्ष 15 से 24 के बीच कीमतों में उछाल 51.00% 59.00% 64.00% 57.00% 67.00% 69%
शहरी बेरोजागीर दर (प्रति 1000 की आबादी पर) 20 23 40 73 33 41
बेरोजगारी दर 32.80% 40.50% 35.20% 26.70% 41.30% 39.50%
सड़क एवं पुलों के निर्माण पर खर्च 4.6 6.3 2.7 4 2 5.4
शिक्षा पर खर्च 21 13.6 10.3 18.5 14.2 11.8
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पर खर्च 12 5.9 4.5 6.1 6 4.6
सकल वित्तीय घाटा 0.7 1.7 2.8 8.9 3.5 3.5
बकाया देनदारियां 2 18 30 37 38 31
प्रति व्यक्ति बिजली उपलब्धता 2.90% 5.10% 4% 10.70% 4.70% 3.70%
औसत गरीबी (%) 3.40% 11.70% 7.10% 33.80% 11.90% 2.20%

इस तुलना के लिए दिल्ली के अलावा, गुजरात और हरियाणा, पश्चिम बंगाल, बिहार और तमिलनाडु के प्रदर्शनों पर गौर करते हैं। गुजरात और हरियाणा 2014 से 2024 के बीच डबल इंजन की बीजेपी सरकारों का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है। गुजरात इस लिहाज से सबसे सटीक राज्य है जबकि हरियाणा, दिल्ली से सटा हुआ है। वहीं, पश्चिम बंगाल ऐसा प्रदेश है जहां बीजेपी सत्ताधारी दल को हटाने में विफल रही। बिहार एक ऐसे अनोखे राज्य का उदाहरण है जिसका मिश्रित रिकॉर्ड है जहां बीजेपी अलग-अलग समय पर सरकार में रही और बाहर भी। वहीं, तमिलनाडु एक ऐसे राज्य के उदाहरण के रूप में जहां बीजेपी कम से कम पिछले एक दशक में किसी भी तरह से शासन के सीधे दावे में नहीं थी। आंकड़े आरबीआई हैंडबुक के अलावा, पीरियड लेबर फोर्स सर्वे, पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च और आरबीआई के राज्य बजट के अध्ययन से लिए गए हैं।

वास्तविक प्रति व्यक्ति आर्थिक उत्पादन

चुने गए राज्यों में आप का रिकॉर्ड सबसे खराब है। प्रति व्यक्ति राज्य उत्पादन (जनसंख्या को ध्यान में रखने के बाद राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार) 2014 और 2024 के बीच सालाना 3.2% की मामूली दर से बढ़ा। बीजेपी के नेतृत्व वाले गुजरात ने दोगुनी तेजी से 6.6% की वार्षिक (चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर या CAGR) वृद्धि दर दर्ज की। एक अन्य सिंगल इंजन राज्य, पश्चिम बंगाल भी, विकास दर में पीछे रहा।

मुद्रास्फीति के कारण सामान्य मूल्य स्तर में वृद्धि

किसी भी वर्ष के लिए महंगाई दर अनिवार्य रूप से दिखाती है कि एक विशेष वर्ष में सामान्य मूल्य स्तर (उपभोक्ता वस्तुओं की एक प्रतिनिधि बास्केट के आधार पर) कितना बढ़ा। जैसे-जैसे साल बीतते हैं, सामान्य मूल्य स्तर बढ़ता रहता है, तब भी जब मुद्रास्फीति दर कम हो गई हो। मूल्य स्तर में शुद्ध वृद्धि हमें वस्तुओं और सेवाओं की वहनीयता के बारे में बताती है। यहां आंकड़ा पलट जाता है और आप का रिकॉर्ड संभवतः देश में सबसे अच्छा है। दिल्ली में, सामान्य मूल्य स्तर पिछले एक दशक में 59% बढ़ा। यानी वस्तुओं की एक टोकरी जिसकी कीमत 2014 में 100 रुपये थी, 2024 में उसकी कीमत 159 रुपये हो गई। हालांकि, यह दर 64% के राष्ट्रीय औसत और इस चयन के अन्य राज्यों की तुलना में बहुत कम है। तमिलनाडु में सबसे अधिक महंगाई देखी गई।

शहरी बेरोजगारी दर

बेरोजगारी दर उन लोगों का प्रतिशत है जो नौकरी मांग रहे हैं और उन्हें नहीं मिल रही है। इस पर केवल शहरी आंकड़ों की तुलना संभव है क्योंकि दिल्ली के लिए कोई ग्रामीण डेटा नहीं है। राष्ट्रीय औसत प्रति हजार नौकरी मांगने वालों में 51 बेरोजगार है। दिल्ली में यह दर 20 है। यह राष्ट्रीय औसत से बहुत कम और इस समूह के राज्यों में सबसे कम है। पड़ोसी हरियाणा दोगुनी दर पर है। बिहार में सबसे अधिक शहरी बेरोजगारी दर्ज की गई है।

शहरी रोजगार दर

भारत में अक्सर नौकरी मांगने वालों की संख्या गिर जाती है। उदाहरण के दौर पर कोविड लॉकडाउन के दौरान या फिर इसलिए भी क्योंकि लोग नौकरी की तलाश करते-करते थक जाते हैं। इस प्रकार, बेरोजगारी दर से ज्यादा, यह रोजगार दर है जो श्रम संकट को दर्शाती है। रोजगार दर को श्रमिक जनसंख्या अनुपात या जनसंख्या में श्रमिकों का प्रतिशत भी समझा जाता है। इस मामले में तस्वीर बदल जाती है। दिल्ली की रोजगार दर राष्ट्रीय औसत से कम है और इस चयन में केवल बिहार से बेहतर है। हालांकि, एक और सिंगल इंजन राज्य, पश्चिम बंगाल, इस समूह से आगे है।

सड़कों और पुलों पर बजट व्यय

2014 के बाद से और विशेष रूप से 2019 के बाद से, सड़कों और पुलों के रूप में भौतिक बुनियादी ढांचे के निर्माण पर भारी ध्यान दिया गया है। तर्क यह है कि इस तरह के सरकारी निवेश से देश की उत्पादक क्षमता में सुधार होगा। जहां दिल्ली सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राष्ट्रीय औसत से मेल खाती है, वहीं गुजरात राज्य के बजट के प्रतिशत के रूप में सबसे आगे है। लेकिन हरियाणा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य बहुत पीछे हैं।

शिक्षा पर बजट व्यय

लंबे समय से यही धारणा है कि भारत में सरकारें शिक्षा और स्वास्थ्य पर पर्याप्त खर्च नहीं करती हैं। आप के तहत दिल्ली ने शिक्षा पर व्यय (कुल के प्रतिशत के रूप में) में वृद्धि की है। 2023 के संशोधित अनुमानों के अनुसार, यह 13% के राष्ट्रीय औसत के मुकाबले 21% था और पड़ोसी हरियाणा के 10% से कहीं अधिक था।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर बजट व्यय

स्वास्थ्य के मामले में भी, आप की दिल्ली 12% के साथ आगे है, जबकि राष्ट्रीय औसत केवल 5.6% है। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो दिल्ली पड़ोसी हरियाणा की तुलना में स्वास्थ्य पर तीन गुना ज्यादा और शिक्षा पर दो गुना ज्यादा खर्च करती है।

सरकार का उधार (सकल राजकोषीय घाटा)

क्या इसका मतलब यह है कि दिल्ली का राजकोषीय घाटा अधिक है? राजकोषीय घाटा उस धनराशि को संदर्भित करता है जो राज्य सरकार को किसी विशेष वर्ष में अपने खर्चों और अपनी आय के बीच के अंतर को पूरा करने के लिए उधार लेना पड़ता है। विवेकपूर्ण मानदंडों के लिए आवश्यक है कि राजकोषीय घाटा राज्य के जीडीपी के 3% के भीतर हो। वित्त वर्ष 23 में दिल्ली का राजकोषीय घाटा केवल 0.7% था, इस लिस्ट में सबसे कम। गुजरात और हरियाणा भी विवेकपूर्ण मानदंडों के भीतर रहते हैं, लेकिन दिल्ली से अधिक। बिहार में कम से कम वित्त वर्ष 23 के अंत में सबसे अधिक राजकोषीय घाटा था।

सरकार की बकाया देनदारियां

जबकि राजकोषीय घाटा एक विशेष वर्ष के लिए उधार को दर्शाता है, बकाया देनदारियां अतीत में उधार से राज्यों द्वारा संचित ऋण को संदर्भित करती हैं। इस पर, AAP की दिल्ली बाकी के समूह से बहुत आगे निकल जाती है। पश्चिम बंगाल और बिहार में बकाया देनदारियों का स्तर सबसे अधिक है।

बिजली की प्रति व्यक्ति उपलब्धता

बिजली की प्रति व्यक्ति उपलब्धता यह जानने का एक अच्छा तरीका है कि किसी राज्य की अर्थव्यवस्था कैसे सुधर रही है। डेटा से पता चलता है कि प्रति व्यक्ति वास्तविक जीडीपी की तरह, आप शासित दिल्ली ने पिछले एक दशक में साल दर साल (CAGR) 2.9% की काफी कम वृद्धि देखी है। बिहार लगभग चार गुना तेजी से बढ़ा है। गुजरात ने राष्ट्रीय औसत से कम दर दर्ज की, फिर भी यह ध्यान देने योग्य है कि यह एक दशक पहले दिल्ली से पीछे था। 2024 में दिल्ली के 1599 की तुलना में गुजरात में 1465 किलोवाट/घंटा बिजली उपलब्ध थी। हालांकि, यह तेजी से दिल्ली को पछाड़ते हुए बहुत आगे निकल गया और अब दिल्ली के 2118 किलोवाट प्रति घंटा के मुकाबले गुजरात में 2414 किलोवाट प्रति घंटा बिजली उपलब्ध है।

गरीबी अनुपात

2023 में, नीति आयोग ने बहुआयामी गरीबी सूचकांक पर ताजा अपडेट दिया। आरबीआई ने प्रत्येक राज्य में गरीबी के हेडकाउंट रेशियो देने के लिए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण डेटा के साथ उस डेटा का उपयोग किया। सभी राज्यों ने गरीबी अनुपात को कम किया। दिल्ली में 2015-16 में केवल 4.4% गरीबी थी, जो घटकर 3.4% रह गई। इस सूची में दिल्ली केवल तमिलनाडु (केवल 2.2% गरीबी) से पीछे है। बिहार, जहां 2015 में 55% गरीबी थी, वहां अभी भी 33% से अधिक गरीबी अनुपात है।

तो इन पैमानों पर आप आगे

आम आदमी पार्टी शासित दिल्ली में एक स्पष्ट पैटर्न है। सरकार ने बजट खर्च के मामले में एक बेंचमार्क तय कर दिया है। यहां दूसरे राज्यों की तुलना में शिक्षा (खेल और कला सहित) और स्वास्थ्य पर जीडीपी का सबसे अधिक हिस्सा खर्च किया जाता है। दिल्ली में महंगाई भी दूसरे राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा नियंत्रित है।

जहां आप का सिंगल इंजन पिछड़ गया

हालांकि, जब आर्थिक उत्पादन की गति या सड़क-पुल जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च या बिजली की उपलब्धता में सुधार की बात आती है, तो आप के सिंगल इंजन की सरकार का प्रदर्शन निराशाजनक है।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleसंभल जैसे मामले रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस, याचिका दायर कर बोली- धर्मनिरपेक्षता की रक्षा… – places of worship act 1991 congress in supreme court prevent sambhal type incident latest news update
Next Article Saif Ali Khan Attack: क्या चाहिए? हमलावर ने सैफ अली खान की मेड से मांगा कुछ ऐसा, जिसके बाद शुरू हो गया झगड़ा
HawkNews
  • Website

Related Posts

इंग्लैंड और घाना के बीच विश्व कप का मैच 0-0 से ड्रॉ रहा, हालांकि मैच के अंत में कई मौके मिले थे। | विश्व कप मैच में इंग्लैंड और घाना के बीच 0-0 से ड्रॉ रहा।

June 24, 2026

ईरान संकट में जब दुनिया परेशान थी तो कैसे बच गया भारत? मोदी सरकार ने खतरा देख लगा दिया था मास्‍टर स्‍ट्रोक

June 23, 2026

ऐतिहासिक मैचों में रिकॉर्ड तोड़ गोल करने के मामले में मेस्सी और म्बाप्पे विश्व कप में सबसे आगे हैं। | विश्व कप में मेस्सी और म्बाप्पे ने रिकॉर्ड तोड़ गोल करके शानदार प्रदर्शन किया।

June 23, 2026

Comments are closed.

Tags
culture fashion Featured fitness gadgets Just In leisure lifestyle Opinion phones Picks Science technology Top News
Categories
  • Beauty (12)
  • Business (19)
  • Celebrities (11)
  • Education (8)
  • Entertainment (6)
  • Fashion (12)
  • Fitness (11)
  • Health (3)
  • Hindi News (10,797)
  • Jobs (14)
  • Leisure (15)
  • Lifestyle (17)
  • Opinion (13)
  • Picks (7)
  • Politics (4)
  • Sports (3)
  • Tech (13)
  • Travel (10)
Editors Picks

Review: Record Shares of Voters Turned Out for 2020 election

January 11, 2021

EU: ‘Addiction’ to Social Media Causing Conspiracy Theories

January 11, 2021

World’s Most Advanced Oil Rig Commissioned at ONGC Well

January 11, 2021

Melbourne: All Refugees Held in Hotel Detention to be Released

January 11, 2021
Latest Posts

Queen Elizabeth the Last! Monarchy Faces Fresh Demand to be Axed

January 20, 2021

Pico 4 Review: Should You Actually Buy One Instead Of Quest 2?

January 15, 2021

A Review of the Venus Optics Argus 18mm f/0.95 MFT APO Lens

January 15, 2021

Subscribe to News

Get the latest sports news from NewsSite about world, sports and politics.

Advertisement
Demo
Demo
Top Posts

PM Modi के परमात्मा और महात्मा गांधी वाले बयान पर ऐसा क्या बोले राहुल गांधी? सदन में बजने लगी तालियां

July 1, 202412 Views

Katra Srinagar Mata Vashno Devi Vande Bharat Indian Railways New Train Rote

April 14, 202515 Views

CBSE Board Result 2025: क्या 6 मई को आएगा सीबीएसई रिजल्ट? सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट, बोर्ड ने दी सफाई

May 4, 202513 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • YouTube
  • TikTok
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews

Queen Elizabeth the Last! Monarchy Faces Fresh Demand to be Axed

By HawkNewsJanuary 20, 2021

Pico 4 Review: Should You Actually Buy One Instead Of Quest 2?

By HawkNewsJanuary 15, 2021

A Review of the Venus Optics Argus 18mm f/0.95 MFT APO Lens

By HawkNewsJanuary 15, 2021

Subscribe to Updates

Get the latest tech news from FooBar about tech, design and biz.

Demo
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram
  • Pinterest
Our Picks

इंग्लैंड और घाना के बीच विश्व कप का मैच 0-0 से ड्रॉ रहा, हालांकि मैच के अंत में कई मौके मिले थे। | विश्व कप मैच में इंग्लैंड और घाना के बीच 0-0 से ड्रॉ रहा।

June 24, 2026

ईरान संकट में जब दुनिया परेशान थी तो कैसे बच गया भारत? मोदी सरकार ने खतरा देख लगा दिया था मास्‍टर स्‍ट्रोक

June 23, 2026

ऐतिहासिक मैचों में रिकॉर्ड तोड़ गोल करने के मामले में मेस्सी और म्बाप्पे विश्व कप में सबसे आगे हैं। | विश्व कप में मेस्सी और म्बाप्पे ने रिकॉर्ड तोड़ गोल करके शानदार प्रदर्शन किया।

June 23, 2026

ITR Update : पता है सबसे ज्‍यादा टैक्‍स छूट किस सेक्‍शन में मिलती है, लग गया दांव तो सीधे 2 लाख की होगी बचत

June 23, 2026
Don't Miss

Stay updated with our comprehensive news portal, delivering timely insights on global events, politics, tech, culture, and more. Your reliable source for informed perspectives.

We're social. Connect with us:

Facebook Twitter Instagram Pinterest YouTube

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

About

Your source for the lifestyle news. This demo is crafted specifically to exhibit the use of the theme as a lifestyle site. Visit our main page for more demos.

We're social, connect with us:

Facebook Twitter Pinterest LinkedIn VKontakte
From Flickr
Ascend
terns
casual
riders on the storm
chairman
mood
monument
liquid cancer
blue
basement
ditch
stars
Popular Posts

इंग्लैंड और घाना के बीच विश्व कप का मैच 0-0 से ड्रॉ रहा, हालांकि मैच के अंत में कई मौके मिले थे। | विश्व कप मैच में इंग्लैंड और घाना के बीच 0-0 से ड्रॉ रहा।

June 24, 2026

ईरान संकट में जब दुनिया परेशान थी तो कैसे बच गया भारत? मोदी सरकार ने खतरा देख लगा दिया था मास्‍टर स्‍ट्रोक

June 23, 2026

ऐतिहासिक मैचों में रिकॉर्ड तोड़ गोल करने के मामले में मेस्सी और म्बाप्पे विश्व कप में सबसे आगे हैं। | विश्व कप में मेस्सी और म्बाप्पे ने रिकॉर्ड तोड़ गोल करके शानदार प्रदर्शन किया।

June 23, 2026
Copyright © 2017. Designed by Webdadz.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.