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केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने 47 साल बाद एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. पिछले लगातार 12 महीनों में किसी भी ऑपरेशन के दौरान एक भी जवान शहीद नहीं हुआ है. फोर्स में आखिरी ऑपरेशनल कैजुअल्टी 30 अक्टूबर 2025 को दर्ज की गई थी. डीजी जीपी सिंह ने बताया कि आधुनिक हथियारों, बेहतर स्ट्रैटेजी और घायल जवानों के तेज रेस्क्यू से यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है.
गुवाहाटी में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 87वीं स्थापना दिवस परेड (21 फरवरी 2026) के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (बाएं) और CRPF के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह. (PTI फोटो)
नई दिल्ली: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने लगातार 12 महीने बिना किसी ऑपरेशनल कैजुअल्टी के पूरे कर लिए हैं. इसका मतलब यह है कि पिछले पूरे एक साल में किसी भी ऑपरेशन के दौरान एक भी जवान की जान नहीं गई है. ऐसा पिछले 47 साल में पहली बार हुआ है. सीआरपीएफ के महानिदेशक जीपी सिंह ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी शेयर की है. उन्होंने बताया कि बल में आखिरी शहादत 30 अक्टूबर 2025 को हुई थी. इससे पहले ऐसा सुरक्षित दौर जनवरी 1979 में देखा गया था.
जवानों की जान बचाने में किस रणनीति और तकनीक ने किया कमाल?
डीजी जीपी सिंह ने बताया कि इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे आधुनिक हथियारों और नए गैजेट्स का बड़ा रोल रहा है. जवानों को दी गई एडवांस ट्रेनिंग और ग्राउंड लेवल पर बनी सटीक रणनीति बेहद कारगर साबित हुई है. किसी भी मुठभेड़ के बाद घायल जवानों को तुरंत बड़े अस्पतालों में पहुंचाने के सिस्टम ने बड़ा फर्क पैदा किया है.
ऑपरेशनल मोर्चे पर सीआरपीएफ को मिली ऐतिहासिक कामयाबी, सीआरपीएफ डीजी जीपी सिंह ने X पर बताया.
क्या है सीआरपीएफ?
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) भारत का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है. यह केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करता है. देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत रखने में इस बल की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है. इसकी स्थापना 27 जुलाई 1939 को ‘क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस’ के रूप में हुई थी. आजादी के बाद 28 दिसंबर 1949 को संसद के एक कानून के जरिए इसका नाम बदलकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल कर दिया गया.
देश की आंतरिक सुरक्षा में सीआरपीएफ की क्या भूमिका है?
सीआरपीएफ का मुख्य काम राज्यों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय पुलिस की मदद करना है. इसके अलावा यह बल नक्सल प्रभावित इलाकों में उग्रवादियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशंस चलाता है. जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों और पूर्वोत्तर राज्यों में शांति बहाली में भी इसके जवान अगली कतार में तैनात रहते हैं. देश में निष्पक्ष चुनाव कराने और संसद जैसी अहम इमारतों की सुरक्षा में भी इसका बड़ा योगदान है.
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दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…
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