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Natural Gas : चंडीगढ़ प्रशासन ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए नेचुरल गैस पर वैट काफी कम कर दिया है. इस शहर में नेचुरल गैस पर अब 12.5 फीसदी की जगह 5 फीसदी का वैट लगाया जाएगा. इसका असर सीएनजी और पीएनजी उपभोक्ताओं पर भी दिखेगा और उन्हें सस्ती कीमत पर सप्लाई की जा सकेगी.
चंडीगढ़ में नेचुरल गैस पर वैट कम कर दिया गया है.
नई दिल्ली. सीएनजी और पीएनजी की आसमान छूती कीमतों पर काबू पाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने नेचुरल गैस पर वैट की दरें घटा दी हैं. चंडीगढ़ प्रशासन ने शुक्रवार को प्राकृतिक गैस पर मूल्य संवर्धित कर (वैट) की दर 12.5 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है. नई दर 18 सितंबर, 2026 की मध्यरात्रि से प्रभावी हो जाएगी. इस निर्णय से केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) और पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को कीमतों में राहत मिलेगी.
वैट की दर में कमी से प्राकृतिक गैस उपभोक्ताओं के लिए अधिक किफायती होने की उम्मीद है. इससे शहर में प्राकृतिक गैस से संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास और विस्तार को भी बढ़ावा मिलेगा और स्वच्छ ईंधन विकल्पों की व्यापक उपलब्धता एवं उपयोग को प्रोत्साहन मिलेगा. नेचुरल गैस के दाम घटने से इससे बनने वाली सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में भी कमी आने की संभावना है.
क्यों घटाया नेचुरल गैस पर वैट
शहर में सीएनजी और पीएनजी की कीमतों ने आसमान छू लिया है. पेट्रोल-डीजल भी महंगा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने वैट में 7.5 फीसदी की कटौती कर दी है. इसका मकसद शहर में सीएनजी-पीएनजी की कीमतों में कमी लाना है. सीएनजी का इस्तेमाल वाहनों में होता है और पीएनजी को रसोई गैस के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. चंडीगढ़ में अभी सीएनजी 100.50 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि पीएनजी 54.70 रुपये प्रति एससीएम के भाव बिक रही है.
कैसे मिलेगा उपभोक्ताओं को फायदा
सीएनजी और पीएनजी बनाने वाली कंपनियां नेचुरल गैस का ही इस्तेमाल करती है. अगर इस पर वैट में कमी आती है तो उनके लिए इनपुट कॉस्ट भी कम हो जाएगी. जाहिर है कि इससे खुदरा कीमतें घटाने में भी मदद मिलेगी. हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि नेचुरल गैस पर जितने पैसे की कटौती की जा रही है, उतनी ही कटौती सीएनजी और पीएनजी पर भी की जाएगी. लेकिन, इतना जरूर है कि आने वाले समय में इस शहर में सीएनजी और पीएनजी जैसे जरूरी ईंधन के दाम कुछ कम हो सकते हैं. इसका फायदा खुदरा उपभोक्ताओं को होगा. खास वाहन मालिकों और रसोई गैस के बजट पर इसका काफी असर देखने को मिल सकता है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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