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एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपनी 25 दिन लंबी भूख हड़ताल खत्म करने की शर्त के तौर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने के आश्वासन की मांग दोहराई है.

नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर सीजेपी कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हैं. (पीटीआई)
नई दिल्ली. दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है, जहां ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) हाल ही में हुए पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करते हुए अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखे हुए है. इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की एक टुकड़ी तैनात की गई थी. इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को कनॉट प्लेस में हुई ताज़ा हिंसा में दिल्ली पुलिस का एक अधिकारी घायल हो गया, जब कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकीं. दिल्ली पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई की रात करीब 8:30 बजे कनॉट प्लेस में टॉल्स्टॉय मार्ग के पास कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकीं, जिससे कनॉट प्लेस के ACP विवेक भगत घायल हो गए.
इस बीच, आरोप है कि पुलिस ने विपक्षी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल को मेदांता अस्पताल में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मिलने से रोक दिया. JMM सांसद महुआ माजी ने पत्रकारों से कहा, “यह विरोध प्रदर्शन सत्र शुरू होने से 22 दिन पहले से चल रहा था. उस समय दिल्ली सरकार कहां थी?… आज हम सोनम वांगचुक से मिलने गए थे. हमें उनसे मिलने क्यों नहीं दिया गया? हमें गेट पर ही रोक दिया गया. उनकी पत्नी ने हमें बताया कि उनके पास ऐसा कोई अदालती आदेश नहीं है जो किसी को उनसे मिलने से रोकता हो…”
RJD सांसद संजय यादव ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण युवा ‘परेशान’ हैं. उन्होंने पत्रकारों से कहा, “इतने बड़े पैमाने पर जनता के विरोध के बावजूद, अगर सरकार यह कहती है कि छात्रों के मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए, तो यह सरकार के अहंकार की पराकाष्ठा है… यह किसी राजनीतिक दल या किसी संगठन का काम नहीं है. आपकी नीतियों से परेशान और आपके लाठी-चार्ज से प्रताड़ित युवा यहां विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं…” एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपनी 25 दिन लंबी भूख हड़ताल खत्म करने की शर्त के तौर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने के आश्वासन की मांग दोहराई है.

