नई दिल्ली (Chhattisgarh Exam Paper Leak). पेपर लीक के ढेरों मामले सुने होंगे. लेकिन छत्तीसगढ़ वाला केस सुनकर पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए हैं. एक प्राइवेट कॉलेज के प्रोफेसर साहब ने यूनिवर्सिटी की परीक्षा का पेपर लीक करने के लिए मेडिकल में इस्तेमाल होने वाले छोटे से ‘एंडोस्कोपिक कैमरे’ और सुई की मदद ली. सीलबंद लिफाफे को बिना फाड़े और बिना उसकी सील को नुकसान पहुंचाए अंदर का पूरा प्रश्नपत्र बाहर आ गया और परीक्षा से ठीक दो घंटे पहले स्टूडेंट्स के पास पहुंच गया.
ऐसे बनाया गया पेपर लीक का ‘मास्टरप्लान’
2,500 रुपये का कैमरा, सुई और 11,000 की डील
घर पहुंचकर प्रोफेसर सोनकेसरिया ने तिकड़म लगाई. उन्होंने 2,500 रुपये में बारीक एंडोस्कोपिक कैमरा खरीदा- डॉक्टर शरीर के अंदरूनी हिस्से देखने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं. प्रोफेसर ने सुई और एक नुकीले औजार की मदद से लिफाफे के कोने में बेहद बारीक छेद किया. फिर उस छोटे से छेद से कैमरे की पतली केबल अंदर घुसा दी और फोन में पूरे प्रश्नपत्र की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए. इसके बाद हाथ से सवाल नोट किए और लिफाफे को वापस फेविकॉल से चिपका दिया, जिससे किसी को शक न हो. उन्होंने यह पेपर अपने ही कॉलेज के स्टूडेंट अजय नायक को 11,000 रुपये में बेच दिया.
WhatsApp पर वायरल हुआ पेपर और मचा हड़कंप
100 से ज्यादा पुलिसकर्मी और 36 घंटे में पर्दाफाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और साइबर सेल के 100 से ज्यादा जवानों की टीम बनाई गई. साइबर विंग ने WhatsApp मेसेज, सोशल मीडिया अकाउंट्स और लोकेशन डेटा को ट्रैक करना शुरू किया. सबसे पहले दुर्ग के छात्र अनुज मिंज का सुराग मिला. सख्ती से पूछताछ में ताश के पत्तों की तरह एक-एक कर राज खुलते चले गए और पुलिस सीधे मास्टरमाइंड प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया तक पहुंच गई. पुलिस ने 11,000 रुपये कैश, 6 मोबाइल, एंडोस्कोपिक डिवाइस, कनेक्टिंग केबल और सुई-धागा बरामद कर लिया है.
अब रद्द हुई परीक्षा सितंबर के पहले हफ्ते में नए सुरक्षा नियमों के साथ दोबारा कराई जाएगी.

