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Breaking News Today Live Updates: सुप्रीम कोर्ट आज धर्मांतरण के मुद्दे से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा, जिसमें गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, और मध्य प्रदेश के धर्मांतरण विर…और पढ़ें

इसी बीच, नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी आज दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है. वहीं, धर्मांतरण के मुद्दे पर भी सुप्रीम कोर्ट में 16 सितंबर को सुनवाई होगी. इन याचिकाओं में कई राज्यों के धर्मांतरण विरोधी कानूनों को चुनौती दी गई है.
उधर, अवैध सट्टेबाजी ऐप मामले में अभिनेत्री उर्वशी रौतेला पर भी शिकंजा कस गया है. ईडी ने उर्वशी को पूछताछ के लिए समन जारी किया है और आज उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित ED कार्यालय में पेश होना होगा.
September 16, 2025 09:57 IST
दिल्ली में युवक की हत्या, तुगलकाबाद के जंगल से मिला शव
दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान प्रेम नाम के युवक के तौर पर हुई है. जानकारी के मुताबिक, युवक का लथपथ शव तुगलकाबाद के जंगल में मिला. परिजन घायल हालत में उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस जांच में सामने आया है कि युवक की हत्या चाकू से गोदकर की गई थी. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है.
September 16, 2025 08:53 IST
उर्वशी रौतेला से आज ईडी करेगी सवाल
अवैध सट्टेबाजी ऐप मामले में अभिनेत्री उर्वशी रौतेला से आज ईडी पूछताछ करने वाली है. उन्हें ED ऑफिस में पूछताछ के लिए समन किया गया है. ईडी का दावा है कि उर्वशी ने कुछ ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म का प्रचार किया, जो अवैध गतिविधियों से जुड़े हैं. उर्वशी के वकील ने इसे गलतफहमी बताया है, लेकिन ED की जांच से उनके करियर पर असर पड़ सकता है. यह मामला बॉलीवुड और सट्टेबाजी नेटवर्क के कथित संबंधों की जांच को तेज करेगा.
September 16, 2025 08:51 IST
धर्मांतरण विरोधी कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट आज देश में धर्मांतरण के मुद्दे से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करेगा, जिसमें गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, और मध्य प्रदेश के धर्मांतरण विरोधी कानूनों को चुनौती दी गई है. ये कानून विवाह के लिए जबरन धर्मांतरण और निजता के अधिकार पर सवाल उठाते हैं. सिटिजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) और जमीअत उलमा-ए-हिंद जैसी संस्थाओं ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 और 25 का उल्लंघन बताया है. कोर्ट की सुनवाई इस मुद्दे पर राष्ट्रीय बहस को नई दिशा दे सकती है.

