राज्य परिवहन विभाग के उड़न दस्ते को एक कठोर सड़क गुणवत्ता ऑडिट का काम सौंपा गया है, जिसमें नमूना परीक्षण और डिजाइन, जल निकासी और सामग्री की अनुपालन जांच शामिल है, जिसमें किसी भी विचलन के लिए शून्य सहनशीलता और अपराधियों के खिलाफ त्वरित विभागीय या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
India
-Oneindia Staff
राज्य में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने विभागीय सभागार में उड़नदस्ता टीम (फ्लाइंग स्क्वाड) के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक का उद्देश्य सड़कों की वास्तविक गुणवत्ता की समीक्षा करना और जनता की बढ़ती शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना था।

बैठक में सचिव ने स्पष्ट कहा कि सड़कों की गुणवत्ता के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने उड़नदस्ता टीम को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जाए तथा किसी भी ठेकेदार या अन्य व्यक्ति के दबाव में आकर कार्य न किया जाए।
टीम को सैंपल टेस्टिंग, स्वीकृत डिजाइन के अनुपालन, ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति तथा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की गहन जांच करने के निर्देश दिए गए। सचिव ने चेतावनी दी कि यदि जांच के दौरान कम गुणवत्ता, घटिया सामग्री का उपयोग, निर्धारित मोटाई में कमी, समय-सीमा का उल्लंघन या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध तत्काल विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उड़नदस्ता टीम को बेतिया, अररिया, कोचस, सुपौल सहित राज्य के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर सघन जांच अभियान तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव ने दोहराया कि विभाग सड़कों की गुणवत्ता, समयबद्ध निर्माण और नियमित मेंटेनेंस को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है तथा इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

