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Bay of Bengal Cyclonic Circulation Alert : मौसम विभाग की चेतावनी से ऐसा लग रहा है कि इस साल मानसून समय से पहले ही दस्तक देगा. बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक शक्तिशाली ‘महा-बवंडर’ उठ रहा है, जो आने वाले दिनों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. आईएमडी के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के पास एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है. यह सिस्टम इतना मजबूत है कि यह न केवल दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश लाएगा, बल्कि 2026 के मानसून की रफ्तार को भी बदल सकता है.
मौसम विभाग की चेतावनी से ऐसा लग रहा है कि इस साल मानसून समय से पहले ही दस्तक देगा. बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक शक्तिशाली ‘महा-बवंडर’ उठ रहा है, जो आने वाले दिनों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. आईएमडी के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के पास एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है. यह सिस्टम इतना मजबूत है कि यह न केवल दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश लाएगा, बल्कि 2026 के मानसून की रफ्तार को भी बदल सकता है.
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 12-13 मई 2026 को दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की प्रबल संभावना है. वर्तमान में एक विस्तृत साइक्लोनिक सर्कुलेशन दक्षिण श्रीलंका, कोमोरिन क्षेत्र और मालदीव को कवर कर रहा है. एक लंबी पूर्व-पश्चिम ट्रफ (Trough) इस सिस्टम को और अधिक ताकत दे रही है, जो दक्षिण-पूर्व अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है.
अगले 48 घंटों में निम्न दबाव बनने के बाद, यह सिस्टम और अधिक एक्टिव होकर डिप्रेशन या डीप डिप्रेशन में बदल सकता है. समुद्री परिस्थितियां इस समय काफी अनुकूल हैं, जो इस मौसमी प्रणाली को एक कमजोर चक्रवाती तूफान में बदलने के पक्ष में दिखाई दे रही हैं. अगर ऐसा होता है, तो यह मानसून से पहले का पहला बड़ा समुद्री तूफान होगा.
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सामान्य तौर पर मानसून 20 मई के आसपास अंडमान सागर पहुंचता है, लेकिन इस साल बंगाल की खाड़ी में उठ रहे इस बवंडर ने समीकरण बदल दिए हैं. लो प्रेशर बनने के बाद भूमध्यरेखीय हवाएं मजबूत होंगी, जिससे 15 मई के बाद मानसूनी गतिविधि तेज हो जाएगी. 16 और 17 मई के बीच यहां भारी बारिश और गरज-चमक के साथ मानसून की धाराएं प्रवेश कर सकती हैं. यदि यह सिस्टम इसी तरह मजबूत बना रहा, तो मानसून 1 जून की अपनी सामान्य तारीख से पहले ही केरल के तट से टकरा सकता है.
शनिवार का मौसम दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में काफी उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है. 9 मई को इन राज्यों यहां 50-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने 12-13 मई को ओलावृष्टि (Hailstorm) का अलर्ट जारी किया है. वहीं, 11 से 13 मई के बीच एक नया ‘वेट स्पेल’ शुरू होगा. इस दौरान दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
पूर्वी राजस्थान में 8 मई को आंधी और बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा. 11 और 12 मई को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और गिलगित क्षेत्र में ओलावृष्टि और थंडरस्क्वाल का अलर्ट जारी किया गया है. 9 मई को एमपी के कुछ हिस्सों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भीषण आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. 9 मई को भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है. फिर 10 से 12 मई के बीच छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है.
पश्चिम बंगाल शनिवार को नई नवेली भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह है. लेकिन, बारिश भाजपा के जश्न को किरकिरी कर सकती है क्योंकि मौसम विभाग का बिहार से बंगाल तक मूसलाधार बारिश की चेतावनी है. मौसम विभाग के अनुसार, गंगीय पश्चिम बंगाल में 9 मई को थंडरस्क्वाल और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है. 12 मई को भी उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश हो सकती है.
बिहार, झारखंड, ओडिशा, और पश्चिम बंगाल में 9 मई को इन राज्यों में 50-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आने की संभावना है. झारखंड में 10 से 14 मई के बीच भी बारिश का दौर जारी रहेगा. मौसम विभाग ने भारी बारिश को देखते हुए बिहार में रेड तो झारखंड, बंगाल, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. 8 से 12 मई के बीच ओडिशा के तटीय और आंतरिक हिस्सों में छिटपुट बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है.
असम और मेघालय में 11-12 मई को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. बताते चलें कि 12 मई यानी कि मंगलवार को असम में हिमंता बिस्वा सरमा की नई सरकार की शपथ ग्रहण होनी है. उसी दिन मौसम विभाग का भारी बारिश की चेतावनी भी है. मौसम विभाग ने 12-14 मई के बीच भारी बारिश (Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया है. 12 मई को अरुणाचल प्रदेश में भी बिजली कड़कने और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
केवल उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में ही नहीं बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के बीच बनी ‘इक्वेटोरियल ट्रफ’ के कारण दक्षिण भारत में प्री-मानसून बारिश होने की संभावना है. केरल और तमिलनाडु में 14 से 16 मई के बीच इन दोनों राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. कोचीन, पलक्कड़, मदुरै और तंजावुर में मध्यम से भारी बौछारें पड़ सकती हैं. आंध्र प्रदेश के रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में गरज-चमक के साथ व्यापक बारिश की संभावना है.

