अभी तक के आंकड़ों पर गौर करें तो ग्रामीण क्षेत्रों में त्रिणमूल कांग्रेस (TMC) अभी भी मजबूत स्थिति में है. 2023 पंचायत चुनावों में TMC ने भारी बहुमत हासिल किया. लगभग 80% ग्राम पंचायतों, 92% पंचायत समितियों और सभी जिला परिषदों पर कब्जा. BJP दूसरी सबसे बड़ी पार्टी रही, लेकिन काफी पीछे (लगभग 23% वोट शेयर और कुछ हजार सीटें). ग्रामीण मतदाताओं तक पहुंचने वाली योजनाएं जैसे लक्ष्मीर भंडार, कन्या श्री, किसान सहायता और महिलाओं-केंद्रित कल्याण कार्यक्रम TMC को मजबूत आधार देते हैं.
ये योजनाएं महिलाओं और गरीब वर्गों में लोकप्रिय हैं, जो ग्रामीण बंगाल की बड़ी आबादी है.
2024 लोकसभा और क्षेत्रीय रुझान
2024 लोकसभा चुनाव में TMC ने 29 सीटें जीतीं जबकि BJP को 12 मिलीं. ग्रामीण और अर्ध-ग्रामीण क्षेत्रों में TMC का प्रदर्शन बेहतर रहा, खासकर दक्षिण और मध्य बंगाल में. BJP ने जंगलमहल (पुरुलिया, बांकुरा), उत्तर बंगाल और कुछ आदिवासी-बहुल इलाकों में अच्छी पकड़ बनाई है, जहां विकास, रोजगार और हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण काम आया.हालांकि, TMC की ग्रामीण संगठनात्मक ताकत और स्थानीय काडर BJP की चुनौती को सीमित करते हैं.
2026 चुनावों में बदलते समीकरण
2026 विधानसभा चुनावों के एक्जिट पोल्स मिश्रित हैं. कुछ BJP को थोड़ी बढ़त देते हैं, कुछ TMC को. ग्रामीण क्षेत्रों में TMC की महिला और अल्पसंख्यक वोट बैंक अभी मजबूत है, लेकिन युवा बेरोजगारी, भ्रष्टाचार के आरोप और केंद्र की योजनाओं (जैसे PM Awas, Ujjwala) के प्रचार से BJP घुसपैठ कर रही है. Phase-1 मतदान में उच्च turnout (93%+) दोनों पार्टियां अपने पक्ष में बता रही हैं.
चुनौतियां और भविष्य
TMC को incumbency और स्थानीय गुंडागर्दी के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि BJP को संगठन और स्थानीय नेतृत्व की कमी झेलनी पड़ रही है. ग्रामीण बंगाल में विकास बनाम कल्याण की लड़ाई चल रही है. TMC का प्रदर्शन अभी बेहतर लगता है, लेकिन BJP का विस्तार जारी है, खासकर वहां जहां TMC की पकड़ कमजोर हुई है.ऐसे में आज देखना होगा कि जीत किसकी होती है.

