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Assam Election News: असम में विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बड़ा दांव चला है. राज्य कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना’ के तहत 1 लाख से अधिक नई महिला लाभार्थियों को कैश देने की मंजूरी दी है. साथ ही चाय बागान और आदिवासी समाज के लिए सरकारी नौकरियों में 3 प्रतिशत आरक्षण का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है. वित्त मंत्री अजंता नियोग ने 62,294 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश करते हुए असम को देश का सबसे तेजी से बढ़ता राज्य बताया है.

चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने खोल दिया सरकारी खजाना. (File Photo : PTI)
महिलाओं के खाते में सीधे पहुंचेगा पैसा, क्या है सरकार की स्कीम?
असम सरकार की ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना’ राज्य में काफी लोकप्रिय हो रही है. इस योजना के तहत राज्य की 32 लाख महिलाओं को पहले ही 10,000 रुपये की पहली किस्त मिल चुकी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ पात्र महिलाएं इस फंड से वंचित रह गई थीं. इसी को देखते हुए कैबिनेट ने आज 1,03,500 नई लाभार्थियों को जोड़ने की मंजूरी दी है. बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की कैश ट्रांसफर योजनाओं की तर्ज पर असम की यह स्कीम भी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई है. जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को कैश देना वोट बैंक को साधने की एक बड़ी कोशिश है.
नौकरियों में 3 प्रतिशत आरक्षण और नए सैनिक स्कूल की सौगात
हिमंता कैबिनेट ने केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि आदिवासी और चाय बागान समुदायों के लिए भी बड़ा फैसला लिया है. अब राज्य की सरकारी नौकरियों (ग्रेड 1 और ग्रेड 2) में इन समुदायों के लिए 3 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है. चाय बागान समुदाय असम की राजनीति में एक निर्णायक भूमिका निभाता है. ऐसे में यह आरक्षण चुनावी गणित को बदलने की ताकत रखता है. साथ ही कैबिनेट ने कार्बी आंगलोंग के लांगवोकु क्षेत्र में राज्य का दूसरा सैनिक स्कूल बनाने के लिए 335 करोड़ रुपये के फंड को भी हरी झंडी दिखा दी है.
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