Last Updated:
बिहार चुनाव में अशोक चौधरी ने पीके को 100 करोड़ का नोटिस भेजा, फिर हनुमान मंदिर में झाल बजाते दिखे. सोशल मीडिया पर उनका नया अवतार वायरल है.
अशोक चौधरी क्यों बजा रहे हैं झाल?बिहार की सियासत में इन दिनों हर दिन एक नया ड्रामा देखने को मिल रहा है. चुनावी रणनीतिकार से नेता बने के धुन पर न केवल बीजेपी बल्कि जेडीयू के नेता भी नाचने लगे हैं. खासकर पीके और जेडीयू नेता और मंत्री अशोक चौधरी के बीच चल रही जंग अब एक नए और दिलचस्प अजीबोगरीब मोड़ पर पहुंच गई है. पीके को 100 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजने के बाद अशोक चौधरी का एक नया ‘अवतार’ सामने आया है, जिसे लोग ‘झाल वाला अवतार’ कह रहे हैं.
कानूनी दांव के बाद आध्यात्मिक जवाब
पीके लगातार नीतीश कुमार की सरकार पर भ्रष्टाचार और कुशासन के आरोप लगा रहे हैं. अशोक चौधरी ने पहले तो उन्हें 100 करोड़ का कानूनी नोटिस भेजा, और अब वह एक आध्यात्मिक और धार्मिक प्रतीक का सहारा ले रहे हैं. यह दिखाता है कि वह पीके के आरोपों का जवाब सिर्फ तर्क या तथ्य से नहीं, बल्कि आस्था और पहचान की राजनीति से भी देना चाहते हैं. वहीं, अशोक चौधरी का पलटवार भी साफ है कि वह पीके को एक बाहरी शख्स के तौर पर पेश करना चाहते हैं, जो बिहार की संस्कृति और राजनीति को नहीं समझता. वह पीके के आरोपों को सिर्फ एक व्यक्ति का निजी हमला बताकर खारिज कर रहे हैं.
जबरदस्त
मजा आ गया
मन जुड़ा गईल
मारे को भी संकट निवारण के लिए कबो कबो झाल बजाता हैं
बोलिए बोलिए त्रिदंडी महाराज की जय pic.twitter.com/OVxNMcV8Ku

