नई दिल्ली (Ankur Warikoo Money Management Tips). हर कोई रातों-रात अमीर बनना चाहता है. ज्यादातर लोगों का मानना है कि ढेर सारा पैसा कमाने के लिए शेयर बाजार की गहरी समझ, बड़ा रिस्क लेने का जिगर या फिर किस्मत का बहुत मेहरबान होना जरूरी है. सोशल मीडिया की चकाचौंध भरी दुनिया में सब बस आगे निकलना चाहते हैं. लेकिन बात कमाई को संभालने और उसे सही जगह मैनेज करने की आती है तो बहुत लोग पीछे छूट जाते हैं, खासतौर पर पहली नौकरी वाले यंग प्रोफेशनल्स.
अंकुर वारिकू के मनी मैनेजमेंट टिप्स
अंकुर वारिकू के मोटिवेवशनल कोट्स सोशल मीडिया पर अक्सर वायरल होते हैं. इस बार उनके मनी मैनेजमेंट टिप्स चर्चा में हैं.
1. सैलरी आते ही सबसे पहले करें बचत
ज्यादातर लोग सैलरी आते ही जी भरकर खर्च करते हैं और महीने के अंत में जो थोड़ा-बहुत पैसा बचता है, उसे बचाने की सोचते हैं. लेकिन सच तो यह है कि महीने के आखिर में कुछ नहीं बचता. इसका सबसे आसान तरीका है कि जैसे ही आपके अकाउंट में सैलरी आए, वैसे ही एक तय रकम अपने सेविंग्स या इन्वेस्टमेंट खाते में ऑटो-ट्रांसफर कर दें. इसका मतलब है कि खर्च करने से पहले ही अपनी बचत अलग कर लें. धीरे-धीरे यह छोटी सी आदत आपका भविष्य सुरक्षित कर देगी.
2. सैलरी या प्रमोशन मिलते ही अपने खर्च न बढ़ाएं
अंकुर वारिकू के मुताबिक, जैसे ही लोगों की सैलरी बढ़ती है या प्रमोशन होता है, वे तुरंत अपनी लाइफस्टाइल को अपग्रेड करने लगते हैं. लोग बड़ा घर, महंगी गाड़ी, बाहर डिनर या ब्रांडेड सामान पर अंधाधुंध पैसा खर्च करने लगते हैं. इसे लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन कहते हैं. इसकी वजह से सैलरी बढ़ने के बावजूद आपकी बचत में कोई खास फर्क नहीं पड़ता. इसलिए जब भी आपकी सैलरी बढ़े तो पहले यह तय कर लें कि उस बढ़ी हुई रकम का बड़ा हिस्सा निवेश में जाएगा, न कि महंगे खर्चों को बढ़ाने में.
3. कम से कम 6 महीने का इमरजेंसी फंड जरूर रखें
अंकुर वारिकू सलाह देते हैं कि आपके पास हमेशा कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड होना चाहिए. भले ही इस रकम पर शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड जितना तगड़ा रिटर्न न मिले, लेकिन इसका असली मकसद मुनाफा कमाना नहीं बल्कि मुश्किल वक्त में आपका साथ देना है. अचानक नौकरी छूटना, मेडिकल इमरजेंसी या परिवार में कोई बड़ी जरूरत आने पर यह फंड आपको किसी के आगे हाथ फैलाने या महंगे कर्ज के जाल में फंसने से बचाता है.
4. खरीदारी करते वक्त सिर्फ कीमत नहीं, क्वॉलिटी भी देखें
अंकुर वारिकू के अनुसार, जो चीज आज आपको सस्ती लग रही है, वह जरूरी नहीं कि लंबे समय तक सस्ती ही साबित हो. अगर आप कोई सस्ता सामान खरीदते हैं और वह कुछ ही दिनों में खराब हो जाता है तो उसे बार-बार खरीदना पड़ेगा. ऐसे में वह आपको अंत में ज्यादा महंगा पड़ेगा. इसलिए कोई भी सामान खरीदते वक्त सिर्फ उसके दाम पर नजर न रखें, बल्कि उसकी क्वॉलिटी और लंबी उपयोगिता भी परखें. इससे आपके कई छोटे-छोटे फालतू खर्च अपने आप कम हो जाएंगे.
5. निवेश की शुरुआत करने के लिए सही समय का इंतजार न करें
निवेश करने के लिए यह सोचने की जरूरत नहीं है कि जब आपके पास बहुत सारा पैसा आएगा, तभी शुरू करेंगे. कम उम्र में और छोटी रकम से भी अगर नियमित निवेश शुरू कर देते हैं तो ‘कंपाउंडिंग’ का जबरदस्त फायदा मिलता है. शुरुआत में भले ही रकम छोटी लगे, लेकिन समय के साथ उस पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे चलकर खुद पैसा कमाने लगता है. निवेश में यह मायने नहीं रखता कि आपके पास कितना पैसा है, बल्कि यह मायने रखता है कि आपका पैसा कितने लंबे समय तक निवेशित रहा है.
6. दिखावे की दुनिया से बाहर आएं और पैसों से आजादी खरीदें
अंकुर वारिकू अक्सर इस बात पर जोर देते हैं कि लोग दूसरों को दिखाने के लिए महंगे गैजेट्स, गाड़ियां या कपड़े खरीद लेते हैं, जबकि इसकी कोई खास जरूरत नहीं होती. पैसे का असली मकसद सिर्फ दिखावा करना या महंगी चीजें जमा करना नहीं है, बल्कि जीवन में ‘फाइनेंशियल फ्रीडम’ हासिल करना है. पर्याप्त बचत होने पर अपनी शर्तों पर फैसले ले सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर अपनी मौजूदा नौकरी का माहौल पसंद नहीं है तो बिना डरे उसे छोड़ने का फैसला कर सकते हैं क्योंकि आपके पास बैकअप होता है.

