पटना. बिहार के बाहुबली और दबंग जेडीयू विधायक अनंत सिंह उर्फ छोटे सरकार एक बार फिर से चर्चा में हैं. अनंत सिंह ने पटना स्नातक सीट से जेडीयू कैंडिडेट नीरज कुमार को हराने के लिए जन सुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह को खुलेआम समर्थन दे दिया है. अनंत सिंह हर दिन नालंदा, नवादा और पटना में मीटिंग पर मीटिंग और सभाएं कर रहे हैं. जेडीयू विधायक होने के बावजूद उन्होंने नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल रखा है और अब उनकी जमानत जब्त कराने तक की बात कर रहे हैं. इसके लिए वह जेन-जी की फरमाइश पर मूंछों पर ताव भी लगा रहे हैं और गमछा भी हवा में लहरा रहे हैं. अनंत सिंह ने जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह को समर्थन देकर मूंछों पर जिस अंदाज में ताव दिया है, उससे बड़े-बड़े नेताओं की नींद उड़ी हुई है.
अनंत सिंह ने तो नीरज कुमार की जमानत जब्त कराने तक का दावा कर दिया है. जानकार कहते हैं कि जिस कैंडिडेट के पक्ष में स्वास्थ्य मंत्री निशांत, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का सभा पर सभा हो रहा है, उस कैंडिडेट को हराने की बात करना और फिर भी पार्टी में बने रहना किसी आश्चर्य से कम नहीं है. अनंत सिंह यह सब कर रहे हैं या उनसे करवाया जा रहा है? नीरज कुमार की हार पर अनंत सिंह ने 20 करोड़ रुपये की बाजी भी लगा दिया है. बिहार एमएलसी चुनाव में पुदिना औऱ गैस को लेकर संग्राम छिड़ गया है. 23 अक्टूबर को वोटिंग और 27 अक्टूबर को रिजल्ट में पता चला जाएगा कि नीरज कुमार का गैस निकला या अनंत सिंह हो जाएंगे ठंडा.
JDU में अनंत सिंह Vs नीरज कुमार की जंग तेज
मूंछ पर ताव देकर अनंत सिंह ने नीरज कुमार को दी चुनौती
बीते कुछ दिनों से अनंत सिंह के अगल-बगल मीडियाकर्मी खासकर यूट्यूबर पागल की तरह मंडरा रहे हैं. न्यूज और व्यूज के चक्कर में अनंत सिंह जोश में होश खो देते हैं और अंड-बंड बातें करने लगते हैं. छोटे सरकार की सोशल मीडिया पर फैन फॉलोइंग इतनी है कि हर दिन उनके पटना और मोकमा आवास पर इंटरव्यू लेनेवालों की लाइन लगी रहती है. अनंत सिंह का निराला और गजब अंदाज जेन-जी को खूब भाता है. जेन-जी की डिमांड पर अनंत सिंह मूंछ पर ताव भी लगाते हैं.
अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ क्यों खड़े हुए अनंत सिंह?
अनंत सिंह की राजनीति में उनका बेबाक अंदाज हमेशा चर्चा का विषय रहा है. वह नीरज कुमार को चुनावी चुनौती देना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि वह नीरज कुमार का विरोध जारी रखेंगे और चुनाव में उनकी जमानत जब्त कराने की कोशिश करेंगे. लेकिन चुनावी बयान और वास्तविक वोटों का गणित दो अलग बातें हैं. पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव आम विधानसभा चुनाव जैसा नहीं होता. इसमें पंजीकृत स्नातक मतदाता मतदान करते हैं. इसलिए किसी नेता की लोकप्रियता या उसके समर्थकों की भीड़ को सीधे जीत में बदलने का दावा नहीं किया जा सकता.
JDU राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने अनंत सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया दी. (फोटो साभारः ANI)
मूंछ पर ताव और जमानत जब्त कराने की चुनौती
नीरज कुमार और अनंत सिंह एक दूसरे पर खुलकर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं. अनंत सिंह का साफ कहना है कि मोकामा से जब वह जेडीयू का कैंडिडट बना तो नीरज कुमार खुलकर विरोध किया. अनंत सिंह ने यहां तक कहा कि राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का भी उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 में विरोध किया. अनंत सिंह के इन बातों में दम लगता है, तभी ललन सिंह पटना स्नातक सीट छोड़कर हर सीट पर एनडीए कैंडिडेट का प्रचार कर रहे हैं.
नीरज कुमार के लिए असली चुनौती क्या है?
बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह पूरे रंग में नजर आ रहे हैं. नीरज कुमार पर निशाना साधते हुए हाल ही में अनंत सिंह ने ऐसा बात कह दी, जिससे पार्टी की काफी किरकिरी हुई. उन्होंने एक इंटरव्यू में कैमरे के सामने अपनी कुर्बानियों का जिक्र करते हुए ‘9 लोगों की मर्डर की बात कह दी, जिससे पूरी बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया. हालांकि, बाद में अपने सिग्नेचर अंदाज में पलटी मारते हुए उन्होंने सफाई दी कि ‘लालू जी के राज में हमारे 9 लोग मारे गए थे और हमको भी गोली लगी थी, मीडिया वाले गलत चला रहे हैं.’
अनंत सिंह का सनसनीखेज बयान
क्या निशांत की सियासत पर पड़ेगा असर?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अनंत सिंह का मूंछ पर ताव देने वाला अंदाज और नीरज कुमार के खिलाफ उनकी खुली चुनौती कितने मतदाताओं को प्रभावित कर पाएगी. क्या अनुज सिंह को इसका लाभ मिलेगा या जेडीयू का आधिकारिक संगठन अपने उम्मीदवार के पीछे एकजुट रहेगा? इसका फैसला किसी नेता की हुंकार या दावे से नहीं, बल्कि मतगणना से होगा. फिलहाल पटना स्नातक सीट का चुनाव बिहार की राजनीति में व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता, पार्टी अनुशासन और नए राजनीतिक विकल्पों की परीक्षा बन गया है.

