India
oi-Kumari Sunidhi Raj
Air
Pollution
AQI
Level:
दिल्ली
और
आसपास
के
शहरों
की
हवा
सर्दियों
में
और
भी
जहरीली
हो
जाती
है।
पराली
जलाने
का
धुआं,
वाहन
और
फैक्ट्री
का
धुआं,
ठंडी
और
स्थिर
हवा
मिलकर
प्रदूषण
को
बढ़ा
देते
हैं।
दिवाली
और
अन्य
त्योहारों
में
पटाखों
की
आतिशबाजी
भी
स्थिति
को
गंभीर
बना
देती
है।
विशेषज्ञ
बताते
हैं
कि
तकनीकी
रूप
से
AQI
700
तक
पहुंचना
संभव
है।
इस
स्तर
पर
हवा
में
PM2.5
और
PM10
जैसे
अत्यंत
सूक्ष्म
और
खतरनाक
प्रदूषक
इतनी
मात्रा
में
होते
हैं
कि
हर
किसी
के
स्वास्थ्य
पर
गंभीर
असर
पड़ता
है।
सांस
लेने
में
तकलीफ,
आंखों
और
गले
में
जलन,
फेफड़ों
और
हृदय
पर
दबाव
जैसी
समस्याएं
आम
हो
जाती
हैं।

कब-कब
गंभीर
हुए
हालात?
राजधानी
दिल्ली
सहित
कई
शहरों
में
AQI
का
स्तर
700
के
पार
जा
चुका
है।
ये
प्रदूषण
का
बेहद
ही
गंभीर
स्तर
माना
जाता
है।
-
दिल्ली:
कई
बार
AQI
700
या
उससे
ऊपर
दर्ज
हुआ। -
नोएडा:
एक
बार
AQI
847
तक
पहुंचा। -
अन्य
शहर:
चरम
प्रदूषण
के
समय
अन्य
शहरों
में
भी
AQI
700
पार
गया।
इससे
स्पष्ट
होता
है
कि
अत्यधिक
प्रदूषण
केवल
संभावित
नहीं
बल्कि
वास्तविक
खतरा
है।
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Today:
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स्तर
पर
पहुंचा
एयर
क्वालिटी?
खराब
AQI
का
स्वास्थ्य
पर
असर
AQI
500
से
ऊपर
के
स्तर
पर
हर
व्यक्ति
के
लिए
स्वास्थ्य
जोखिम
गंभीर
हो
जाते
हैं।
विशेषज्ञ
सलाह
देते
हैं
कि
ऐसे
समय
में
घर
के
अंदर
रहना
चाहिए,
खिड़कियां
बंद
रखें
और
एयर
प्यूरीफायर
का
इस्तेमाल
करें।
बच्चे,
बुजुर्ग
और
फेफड़े
या
हृदय
रोग
वाले
लोग
विशेष
सावधानी
बरतें।
प्रदूषण
के
मुख्य
कारण
अलग-आलग
जगह
पर
वायु
गुणवत्ता
खराब
होने
के
अलग-अलग
कारण
होते
हैं।
इनमें
प्रमुख
कारण
हैं-
-
पराली
और
कृषि
अपशिष्ट
का
धुआं -
वाहनों
और
फैक्ट्रियों
से
निकलने
वाला
धुआं -
दिवाली
और
अन्य
त्योहारों
के
समय
पटाखे -
ठंडी
हवा
और
मौसम
की
स्थिति
सर्दियों
में
इन
सब
कारणों
के
मिलन
से
दिल्ली
और
पड़ोसी
शहरों
में
हवा
और
अधिक
जहरीली
हो
जाती
है।
दिल्ली-एनसीआर
में
हाल
के
AQI
आंकड़े
-
2025
वार्षिक
औसत
AQI
(अब
तक)
:
135 -
अक्टूबर
2025:
दिल्ली
का
AQI
211
(‘खराब’
श्रेणी) -
पड़ोसी
शहर:
नोएडा
251
और
गाजियाबाद
261
AQI
के
साथ
Stage-I
GRAP
लागू
कब
टूटा
था
AQI
स्तर
का
रिकॉर्ड?
-
नवंबर
2016:
PM2.5
स्तर
931
µg/m³ -
नवंबर
2017:
PM2.5
स्तर
912
µg/m³
ये
आंकड़े
दिखाते
हैं
कि
दिल्ली
और
आसपास
के
शहरों
में
चरम
प्रदूषण
समय-समय
पर
उत्पन्न
होता
रहा
है।

