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Ahmedabad viral news: शाहपुर में भाजपा कार्यकर्ता ने अपनी दुकान के सामने के सरकारी शौचालय को तोड़कर वहां दुकान बना दिया. दो महीने बीतने के बाद भी नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की.
सार्वजनिक शौचालय तोड़कर भाजपा कार्यकर्ता ने दुकान बना दी.
हाइलाइट्स
- भाजपा कार्यकर्ता ने दुकान के लिए सार्वजनिक शौचालय को तोड़ दिया.
- दो महीने बाद भी नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की.
- कांग्रेस पार्षद ने इसे गरीबों के हक पर हमला बताया.
अहमदाबाद शहर के शाहपुर इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां दिल्ली दरवाज़ा के पास बने एक सार्वजनिक शौचालय को सिर्फ इसलिए तोड़ दिया गया क्योंकि वो एक दुकान के आगे दिख रहा था और दुकान के मालिक को ये अच्छा नहीं लग रहा था. बताया जा रहा है कि उस दुकान के मालिक का भाजपा से जुड़ाव है.
करीब दो महीने पहले इस शौचालय को तोड़ा गया और उसकी जगह एक केबिन बनाकर वहां “श्री विजय गोपाल भजिया हाउस” नाम की दुकान शुरू कर दी गई. ये मामला अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है, लेकिन दो महीने तक ना कोई कार्रवाई हुई और ना ही किसी को कानों-कान खबर लगी कि नगर निगम की ज़मीन पर क्या हो रहा है.
शास्त्रीनगर में भी हुआ था ऐसा ही मामला
इससे पहले शास्त्रीनगर इलाके में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जहां भाजपा के ही एक कार्यकर्ता ने सड़क किनारे बने शौचालय को तोड़ दिया था क्योंकि वो उसकी दुकान के सामने आ रहा था. अब फिर से वैसा ही मामला दोहराया गया है, लेकिन इस बार भी प्रशासन की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है.
सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि जिस समय ये शौचालय तोड़ा गया, उस वक्त न तो नगर निगम के अधिकारियों को इसकी खबर हुई और न ही भाजपा के पदाधिकारियों ने कोई कार्रवाई की.
नगरसेविका बोलीं- शौचालय गंदा था
इस मामले में जब शाहपुर वार्ड की नगरसेविका रेखाबेन चौधरी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें दो महीने पहले शौचालय की गंदगी की शिकायत मिली थी. उन्होंने अधिकारियों से कार्रवाई के लिए कहा था, लेकिन उन्हें ये नहीं पता कि शौचालय को किसने तोड़ा.
गरीबों की सहूलियत छीन रहे हैं चुने हुए नेता
सवाल यह उठ रहा है कि जिन नेताओं को जनता ने गरीबों की सुविधाओं की रक्षा के लिए चुना था, वही अब खुद उन सुविधाओं को बर्बाद कर रहे हैं. लोगों की ज़रूरत के लिए बना सार्वजनिक शौचालय तोड़कर दुकान बना देना कहीं से भी सही नहीं कहा जा सकता.

