पोक्सो केस में ली ढाई लाख रुपए की रिश्वत
एसीबी की DIG अनिल कयाल ने बताया कि बालाहेड़ी गांव निवासी विष्णु मीणा जो डीएसपी का कथित दलाल बताया जा रहा है, उसे पोक्सो एक्ट के मामले में रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया। आरोपी ने पोक्सो एक्ट में फेवर कराने के लिए ढाई लाख रुपए की रिश्वत की डिमांड की थी, सत्यापन के दौरान वह डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत पहले ही ले चुका था। अब इस पूरे मामले में दौसा में तैनात महुआ डीएसपी रमेश तिवाड़ी और उनके रीडर रामदेव की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है।
डीएसपी और रीडर की भूमिका की जांच होगी
ACB के अधिकारियों का कहना है कि यह जांच सिर्फ दलाल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह देखा जाएगा कि रिश्वत की मांग और लेनदेन में अधिकारी स्तर पर कौन-कौन शामिल था। इसलिए डीएसपी और रीडर की भूमिका की जांच होगी। पोक्सो एक्ट, जो बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर कानून है, उसमें रिश्वत जैसे मामलों का सामने आना न सिर्फ कानून की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

